टोटल लॉक डाउन का सातवां दिन चप्पे-चप्पे में पुलिस ने संभाला मोर्चा

दूसरे प्रांतों से आ रहे मजदूरों के लिए स्थानीय लोगों ने बढ़ाए मदद के लिए अपने हाथ

(ब्यूरो कार्यालय)

छपारा (साई)। 21 मार्च को दोपहर कोविड-19 कोरोनावायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए जहां जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह अढायच द्वारा तत्परता से संपूर्ण जिला को टोटल लॉक डाउन किया गया वहीं स्थानीय प्रशासन पुलिस विभाग, ग्राम पंचायत, राजस्व विभाग एवं जनपद पंचायत के द्वारा मुस्तैदी से इस आदेश का परिपालन करते हुए मुनादी के साथ-साथ घरों में रहने के लिए निर्देशित किया गया।

इस आदेश का एक ओर जहां संपूर्ण क्षेत्र के अधिकांश रहवासियों ने इसका पालन किया परंतु कुछ एक बेपरवाह लोगों के द्वारा घरों से निकलने का सिलसिला नहीं थमा जिसे देख मजबूरन स्थानीय प्रशासन को कठोरतम कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा और संबंधित अनावश्यक रूप से घूम रहे लोगों के विरुद्ध वाहनों के टायरों की हवा निकालना, मैं समाज का दुश्मन हूं तख्ती पकड़ कर फोटो खींचना एवं हल्का बल प्रयोग करना जैसे कदम उठाए गए और समझाइश दी गई की इस वैश्विक महामारी की सुरक्षा के लिए यह टोटल लॉक डाउन किया गया है।

26 मार्च को सुबह 10ः00 बजे से टोटल लाक डाउन में मिली ढील पर सब्जी और किराना की दुकानों को खोलने की सशर्त अनुमति प्रशासन के द्वारा दी गई जिसे स्थानीय लोगों के द्वारा दरकिनार रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल पालन नहीं किया गया जिसके चलते 26 मार्च की रात्रि 08ः00 बजे से कर्फ्यू 31 मार्च तक के लिए लगा दिया गया। प्रशासन के द्वारा साफ तौर पर निर्देशित किया गया कि घरों के बाहर निकलने की अनुमति नहीं है।

27 मार्च को पूरे नगर में कर्फ्यू पूर्ण रूप से सफल रहा। बेवजह अनावश्यक रूप से निकलने वाले लोगों पर लगाम लगी, वहीं दूसरी ओर नागपुर एवं दूसरे राज्यों में मजदूरी करने के लिए गए ग्रामीण लोगों का बडी संख्या में पैदल चलकर आना लगातार जारी रहा जिसे देखते हुए स्थानीय लोगों के द्वारा उनके ग्राम तक पहुंचाने के लिए वाहनों और फौरलेन सडक किनारे बैठा भोजन करवाया गया जिनमें ये मजदूर राजस्थान और रीवा के साथ साथ समीप क्षेत्र धनौरा, अमरवाड़ा जा रहे थे। मजदूरों ने बताया कि वे टोटल लॉक डाउन होने के कारण उनका काम बंद हो गया और वे पैदल ही नागपुर एवं यवतमाल से चले आ रहे थे जिनके साथ महिलाओं सहित छोटे-छोटे बच्चे भी थे।