लॉकडाउन में संघ के स्‍वयंसेवक मुस्लिमों को राशन बांटकर कर रहे मदद

(ब्‍यूरो कार्यालय)

वाराणसी (साई)। सारा देश आज वैश्विक संकट कोरोना वायरस से उत्पन्न चुनौती का सामना करने में जुटा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी समाज के साथ मिलकर अपना योगदान दे रहे हैं। राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ (आरएसएस) को हिंदूवादी माना जाता है लेकिन वाराणसी में कोरोना संकट के चलते लॉकडाउन में फंसे गरीब-जरूरतमंदों तक संघ के स्‍वयंसेवक राशन बांट रहे हैं तो इसका बड़ा हिस्‍सा मुस्लिम समाज के लोगों तक भी पहुंच रहा है।

संघ की शाखाओं में स्‍वयंसेवकों को मुसीबत के समय जरूरतमंदों की सेवा की दी जाने वाली सीख का असर लॉकडाउन के दौरान देखने को मिल रहा है। विभिन्‍न माध्‍यमों से मिली सूचना पर स्‍वयंसेवक शहर के मोहल्‍लों से लेकर गांव-गांव तक में रोज कमाने-खाने वाले लोगों का पेट भरने को लेकर राशन लेकर पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्‍या में जरूरतमंद मुस्लिम बहुल इलाकों में भी हैं तो संकट की घड़ी में इन लोगों की मदद को पहुंच रहे हैं।

धर्म नहीं सिर्फ मदद करना लक्ष्य

विश्‍व संवाद केंद्र के प्रभारी अंबरीश कुमार ने बताया कि संघ के काशी प्रांत में आने वाले 12 जिलों में लॉकडाउन शुरू होने से लेकर अब तक ढाई लाख से ज्‍यादा जरूरतमंद परिवारों तक स्‍वयंसेवकों ने आटे की बोरियां, राशन किट और हर जरूरत का सामान पहुंचाया है। मदद पाने वालों में मुस्लिम परिवारों की संख्‍या ज्यादा है। उनका कहना है कि स्‍वयंसेवक मदद लेकर लोगों के बीच पहुंचने पर यह नहीं देखते हैं कि जरूरतमंद हिन्‍दू है या मुस्लिम या फिर सिख-ईसाई। उसे राशन उपलब्‍ध करा कर अगले पड़ाव की तरफ बढ़ जाते है।

जारी किया हेल्पलाइन नंबर

संघ के विभाग कार्यवाह त्रिलोकी नाथ शुक्‍ल ने बताया कि मदद के लिए हेल्‍पलाइन नंबर जारी किया गया है। काशी महानगर के उत्तर भाग में 9140264763 एवं 85958770, दक्षिण भाग के लिए 8707632622, चंदौली जिले में 88080785 तथा काशी जिले में 7905666372 पर संपर्क किया जा सकता है।