रविवार 28 जून 2020 का प्रदेश स्तरीय आडियो बुलेटिन पढ़िए

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में रविवार 28 जून 2020 का प्रदेश स्तरीय आडियो बुलेटिन, अब आप रीना सिंह से समाचार सुनिए.
देश में कोरोना के संक्रमित मरीजों की तादाद का आंकड़ा सवा पांच लाख से ज्यादा पहुंच गया है। वर्तमान में यह आंकड़ा पांच लाख 30 हजार 995 पहुंच गया है। देश में कुल एक्टिव मरीजों की तादाद से लगभग एक लाख आठ हजार ज्यादा ठीक होने वालों की तादाद हो गई है। देश में अब तक सक्रिय मरीजों की तादाद 02 लाख 03 हजार 814 एवं रिकव्हर्ड मरीजों की तादाद 03 लाख 11 हजार 01 है, एवं जिनका निधन हुआ है उनकी संख्या 16 हजार 124 है। मध्य प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की तादाद से लगभग 07 हजार 527 ज्यादा लोग स्वस्थ्य हो चुके हैं। प्रदेश में आंकड़ा 12 हजार 965 पहुंच गया है, जिसमें एक्टिव मरीजों की तादाद 02 हजार 444, रिकव्हर्ड मरीजों की तादाद 09 हजार 971 एवं जिनका निधन हुआ है उनकी तादाद 550 है।
जिन जिलों में कोरोना के संक्रमित मरीजों की तादाद दो सौ से ज्यादा है उनमें इंदौर में 04 हजार 575, एक्टिव मरीजों की तादाद 960, भोपाल में 02 हजार 705, एक्टिव मरीजों की तादाद 600, उज्जैन में 856, एक्टिव मरीजों की तादाद 39, नीचम में 436 एवं एक्टिव मरीजों की तादाद 23, बुरहानपुर में 392, एक्टिव मरीजों की तादाद 05, जबलपुर में 386 कुल मरीजों में से एक्टिव मरीजों की तादाद 66, ग्वालियर में 334 कुल मरीजों में से 59 सक्रिय मरीज, सागर में 328 कुल एवं एक्टिव मरीजों की तादाद 68, खण्डवा में 301 कुल एवं एक्टिव 21, खरगौन में कुल 282 मरीजों में एक्टिव मरीजों की तादाद 45, मुरैना में कुल संक्रमित मरीजों की तादाद 278 एवं एक्टिव मरीजों की संख्या 127 तथा देवास में 213 कुल संक्रमित मरीजों में से एक्टिव मरीज 31 हैं। प्रदेश में अनूपपुर, दतिया, झाबुआ, अलीराजपुर एवं उमरिया में एक्टिव मरीजों की तादाद शून्य है।
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समुचित व्यवस्थाओं के बीच मध्यप्रदेश में जिस रणनीति को अपनाकर किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूँ का उर्पाजन किया, वह देश के लिए कीर्तिमान बन गया है। प्रदेश के अन्नदाता किसानों की मेहनत को राज्य सरकार ने जिस तरीके से संजोया उससे मध्यप्रदेश ने पंजाब राज्य को भी पछाड़ दिया है। ऑलटाईम रिकार्ड बनाने में प्रदेश के सभी जिलों के किसानों और शासकीय मशीनरी की अहम भूमिका रही है।
कोरोना संक्रमण के चलते 15 अप्रैल से शुरू किये गये उपार्जन कार्य में सरकार के सामने बड़ी चुनौतियाँ थी। इन चुनौतियों का सामना करते हुए मंडियों में न सिर्फ उपार्जन की व्यवस्था, बल्कि किसानों को मंडी आने की सूचना एस.एम.एस. के माध्यम से देना, बारदाने की व्यवस्था करना, भंडारण, परिवहन के साथ भुगतान की व्यवस्था भी त्वरित गति से की गई। खरीदी के लिये पिछले वर्ष की तुलना में करीब एक हजार अतिरिक्त उपार्जन केन्द्र भी संचालित किये गये। इन सभी व्यवस्थाओं के चलते मध्यप्रदेश में किसानों से समर्थन मूल्य पर अब तक का सबसे अधिक एक करोड़ 29 लाख 34 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया।
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शहरी असंगठित कामगार पोर्टल में 8 लाख से अधिक पथ व्यवसाइयों ने पंजीयन करवाया है। इनमें से लगभग एक लाख 14 हजार का सत्यापन हो चुका है और लगभग 67 हजार पथ व्यवसाइयों के आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। सत्यापन की प्रक्रिया लगातार जारी है। स्वीकृत प्रकरणों में व्यवसाय के लिये 10 हजार रूपये का लोन दिया जायेगा। लोन का ब्याज सरकार भरेगी। कोविड-19 महामारी के कारण प्रभावित पथ व्यवसाइयों को पुनः रोजगार से जोड़ने तथा उनकी पूरी जानकारी एकत्रित करने के उद्देश्य से शहरी असंगठित कामगार एकीकृत पोर्टल तैयार कर उसमें उनके पंजीयन की व्यवस्था की गयी है।
पोर्टल में जिला आगर-मालवा में 5 हजार 328, अलीराजपुर 1 हजार 236, अनूपपुर 2 हजार 833, अशोकनगर 5 हजार 669, बालाघाट 3 हजार 574, बड़वानी 5 हजार 10, बैतूल 8 हजार 122, भिंड 10 हजार 801, भोपाल 88 हजार 848, बुरहानपुर 7 हजार 868, छतरपुर 24 हजार 562, छिंदवाड़ा 20 हजार 461, दमोह 18 हजार 93, दतिया 6 हजार 819, देवास 26 हजार 310, धार 13 हजार 264, डिंडोरी 19सौ, गुना 13 हजार 560, ग्वालियर 35 हजार 319, हरदा 3 हजार 118, होशंगाबाद 9 हजार 537, इंदौर 1 लाख 09 हजार 763, जबलपुर 96 हजार 131, झाबुआ 3 हजार 70, कटनी 13 हजार 489, खंडवा 12 हजार 210, खरगोन 13 हजार 71, मंडला 3 हजार 172, मंदसौर 7 हजार 119, मुरैना 10 हजार 679, नरसिंहपुर 12 हजार 654, नीमच 4 हजार 71, निवाड़ी 2 हजार 852, पन्ना 7 हजार 708, रायसेन 10 हजार 138, राजगढ़ 8 हजार 754, रतलाम 12 हजार 114, रीवा 19 हजार 311, सागर 39 हजार 167, सतना 21 हजार 456, सीहोर 8 हजार 310, सिवनी 3 हजार 638, शहड़ोल 6 हजार 513, शाजापुर 4 हजार 382, श्योपुर 3 हजार 276, शिवपुरी 10 हजार 162, सीधी 3 हजार 355, सिंगरौली 2 हजार 196, टीकमगढ़ 6 हजार 383, उज्जैन 24 हजार 655, उमरिया 2 हजार 222 और विदिशा में 8 हजार 802 पथ व्यवसाइयों ने पंजीयन करवाया है।
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आगामी मानसून सत्र को लेकर विधानसभा में हलचल शुरु हो गई है। विधायक अपने सवाल भेजने लगे हैं तो विधानसभा सचिवालय सवालों के विभागों से मांगने लगा है। जनहित से जुड़े सवालों के जवाब सदन में समय पर मिल जाएं, इसके लिए सचिवालय ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे तय समय पर लिखित जवाब भेजें। समय रहते जवाब नहीं आने पर उत्तर के स्थान पर लिख जाएगा कि विभाग के मंत्री की ओर से उत्तर नहीं दिया गया। सचिवालय ने मंत्री के जवाब देने की दिनांक से सात दिन पहले तक का समय विभागों को दिया है।
शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली वर्तमान भाजपा सरकार का 20 जुलाई से पहला सत्र है। सदन में विधायकों ने सवालों की झड़ी लगाई है। जैसे-जैसे सवाल आ रहे हैं वैसे ही सचिवालय सरकार को भेजते हुए उत्तर देने का कह रहा है। सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को पूछे जाने वालों के सवालों के जवाब विधानसभा सचिवालय को 13 जुलाई तक चाहिए। यानी 21 जुलाई के जवाब 14 तक, 22 जुलाई के जवाब 15 जुलाई तक देना होगा। 23 जुलाई के प्रश्नों के लिखित उत्तर 16 और 24 के लिखित उत्तर 17 जुलाई तक सचिवालय ने मांगे हैं। सचिवालय ने निर्देश दिए हैं कि विभागों से ऑनलाइन जवाब ही स्वीकार किए जाएंगे। जिन सवालों का जवाब देने से सरकार बचती है तो ऐसे में सरकार की ओर से जवाब आता है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है। शिवराज सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल में पूछे गए 650 सवाल के जवाब सरकार ने नहीं दिए। कुछ के आधे-अधूरे जवाब आए। यह सवाल 14वीं विधानसभा के थे। 15वीं विधानसभा के गठन के साथ ही 14वीं विधानसभा के सभी सवाल लैप्स हो गए। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह के अनुसार विधानसभा सचिवालय का प्रयास है कि विभाग लिखित सवालों के समय पर उत्तर भेज दें। इसलिए सात दिन पहले जवाब लेने की व्यवस्था की गई है।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जाने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चेनल पर रोजाना अपलोड होने वाले वीडियो जरूर देखें।
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29 जून को भड़ली नवमी है। विवाह के लिए इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन विवाह अथवा मांगलिक कार्य करने के लिए पंचाग शोधन की आवश्यकता नहीं होती है। भड़ली नवमी पर शहर में अनेक विवाह होंगे। इसके बाद 1 जुलाई को देवशयनी एकादशी है, इसके बाद 4 माह 25 दिन तक विवाह के मुहूर्त नहीं है। जिन लोगों के विवाह मुहूर्त नहीं निकल पा रहे हैं अथवा लॉकडाउन व कोरोना के कारण जो लोग अपना विवाह शुभ मुहूर्त में नहीं कर सके हैं। वह भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त पर अपना विवाह सम्पन्न कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार देवशयनी एकादशी से 4 माह 25 दिन के लिए सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। क्योंकि 4 माह 25 दिन के लिए 1 जुलाई से भगवान विष्णु क्षीर सागर में विश्राम करने के लिए चले जाएंगे। इसके बाद शुभ कार्यों के लिए देवउठनी एकादशी तक इंतजार करना पड़ेगा, जो कि 25 नवंबर 2020 को आएगी। इसके साथ ही नवंबर व दिसंबर 2020 में भी बहुत ही कम विवाह के शुभ मुहूर्त हैं।
ब्रजभूमि पंचांग के अनुसार जून 2020 में 28, 29, 30 तारीख को विवाह के मुहूर्त हैं। 1 जुलाई से 24 नवंबर तक कोई मुहूर्त नहीं। इसके बाद नवंबर माह में 25, 27, 30 तारीख, दिसंबर माह में 1, 6, 7 ,9 ,10 ,11 को मुहूर्त है। 15 दिसम्बर से 14 जनवरी 2021 तक फिर से विवाह मुहूर्त नहीं है। 17 जनवरी 2021 को देवगुरु बृहस्पति पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएंगे जो कि 15 फरवरी को उदय होंगे। विवाह के समय कन्या का गुरु उदय होना आवश्यक होता है। इस दौरान भी विवाह नहीं हो सकेंगे। 13 फरवरी 2021 से शुक्र देव पूर्व दिशा में अस्त हो जाएंगे, तथा 18 अप्रैल 2021 को शुरू का उदय होगा। वर पक्ष के लिए शुक्र का उदय होना आवश्यक है। इसके चलते इस दौरान भी विवाह नहीं हो सकेंगे। इसके बाद 2021 में अप्रैल माह में 25 अप्रैल को प्रथम विवाह मुहूर्त आएगा। 26, 27, 30 अप्रैल को विवाह हो सकेंगे। जबकि मई 2021 में 2, 4, 7, 8, 22, 23, 24, 26, 30, 31 जून माह में 5, 6, 19, 20, 24, 27, 28, 30 जून है।
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प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित पेंच नेशनल पार्क में घायल अवस्था में मिले एक बाघ को वन विभाग के अधिकारियों ने रेस्क्यू कर पकड़ा है और उसे इलाज के लिए कान्हा के मुक्की सेंटर भेजा गया। 26 जून को गश्ती के दौरान पेंच के वन अमले को बाघ घायल हालत में दिखाई दिया था। इसके बाद से ही बाघ की निगरानी की जा रही थी। रेडियो कॉलर आईडी लगे होने के कारण बाघ की लोकेशन ट्रेस करने में वन अधिकारियों को मुश्किल नहीं हुई। वयस्क नर बाघ संभवतः किसी अन्य बाघ से संघर्ष में घायल हुआ है। जांच के दौरान टी 1324 के शरीर के विभिन्न हिस्सों में गहरे घाव व गर्दन के ऊपरी हिस्से में गहरा घाव पाया गया है।
शनिवार सुबह प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) से मिले निर्देशों के बाद पेंच पार्क की टीम ने टी 1324 को बेहोश कर पकड़ा है। इलाज के लिए टाइगर को कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की क्षेत्र में स्थित सेंटर में रखा जाएगा। रेस्क्यू वाहन से डॉ अखिलेश मिश्रा व अधिकारियों के साथ बाघ को कान्हा रवाना कर दिया गया है। 8 अपै्रल को खंबा क्षेत्र में इसी बाघ ने महुआ बीन रही युवती नीलकली परते (18) पर हमला कर उसका शिकार कर लिया था। बाद में बाघ को रेडियो कॉलर आईडी लगाकर कोर के जंगल में छोड़ दिया गया था।
पेंच टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा व वाइल्ड लाइफ कंजरवेशन ट्रस्ट के डॉ प्रशांत देशमुख, पेंच के क्षेत्र संचालक विक्रम सिंह परिहार की उपस्थिति में शनिवार को इलाज के लिए टाइगर को बेहोश किया गया। परीक्षण के दौरान पता चला कि बाघ के शरीर में कई जगह पर गहरे घाव हैं। जिसे इलाज की जरुरत है। इस संबंध में भोपाल के अधिकारियों से चर्चा के बाद बाघ का इलाज कान्हा के मुक्की सेंटर में कराने का निर्णय लिया गया। चूंकि बाघ के गर्दन में बड़ा और गहरा घाव था। इसलिए बाघ को लगाया गया रेडियो कॉलर आईडी निकाल दिया गया है ताकि घाव का इलाज सही तरह से हो सके।
रेस्क्यू के बाद पकड़े गए टी 1324 टाइगर को वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ अखिलेश मिश्रा व कर्माझिरी रेंजर आशीष खोब्रागढ़े की निगरानी में कान्हा भेजा गया है। रेस्क्यू की कार्रवाई में पेंच पार्क के डिप्टी डायरेक्टर एमबी सिरसैया, सहायक वन संरक्षक भारती ठाकरे, परिक्षेत्र सहायक अलीकट्टा, टुरिया, खवासा, रेस्क्यू दल के सदस्यों व श्रमिकों का योगदान रहा।
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वन विहार नेशनल पार्क में सुरक्षा की तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। पार्क का एक कर्मचारी पॉजिटिव मिला है। इससे पहले उसकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। इसके बाद पार्क का गेट नंबर दो (सैर सपाटा की तरफ से) बंद कर दिया है। इस गेट से रविवार सुबह से प्रवेश नहीं मिलेगा। अब पर्यटकों को पार्क में प्रवेश करने के लिए बोट क्लब की तरफ वाले गेट से जाना होगा। बता दें कि 19 मार्च के बाद से बंद पार्क 22 जून से खुला था।
वन विहार नेशनल पार्क की डायरेक्टर कमोलिका मोहंता ने बताया कि पार्क के सैर सपाटा वाले गेट क्रमांक दो पर एक कर्मचारी तैनात था। वह सुबह की शिफ्ट में ड्यूटी करता था। उक्त कर्मचारी ने 25 जून को कॉल कर बताया कि उसकी पत्नी को कोरोना संक्रमण हुआ है, उसके परिवार के सदस्यों की जांच की गई है।
उक्त कर्मचारी का पुनः 26 जून को कॉल आया और उसने बताया कि उसकी रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है और चिरायु अस्पताल में भर्ती है। पार्क प्रबंधन ने बताया कि इस सूचना पर उक्त कर्मचारी के साथ सैर सपाटा वाले गेट क्रमांक दो पर कार्यरत सभी कर्मचारियों को होम क्वारंटाइन कर दिया है। साथ ही अगले निर्णय तक उक्त गेट से पर्यटकों का प्रवेश बंद कर दिया है।
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जुलाई महीने में पानी बरसने के साथ ही आकाश में कई खगोलीय घटनाएं भी नजर आएंगी। 5 जुलाई को चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। 14 जुलाई को सौर परिवार का सबसे बड़ा ग्रह गुरु, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होगें। 20 जुलाई को सबसे सुंदर ग्रह शनि (सेटर्न) पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा पर होगें। 28 जुलाई को मौसम साफ रहने पर रात में तारों की बारिश दिख सकती है।
पांच जुलाई के दिन गुरु पूर्णिमा पर सुबह जब भारत में चंद्रमा आकाश से विदा हो चुका होगा तब दक्षिण-उत्तरी अमेरिका और पश्चिमी अफ्रीका में होने जा रही शाम के दौरान चंद्रमा के अस्त होते हुए उपछाया चंद्रग्रहण दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं दिखेगा।
विज्ञान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 14 जुलाई की शाम को सौर परिवार का सबसे बड़ा ग्रह गुरु, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होगें। इस शाम जब सूर्य पश्चिम में अस्त हो रहा होगा तब पूर्व में गुरु ग्रह (जुपिटर) उदित हो रहा होगा। गुरु ,पृथ्वी और सूर्य के एक सीध में आ जाना जुपिटर एट अपोजिशन कहलाता है। इस पूरी रात आकाश में जुपिटर रहेगा। इस समय इसे देखा जाना सबसे अच्छा होगा क्योंकि यह हमसे करीब होगा।
सूत्रों ने बताया कि 20 जुलाई अमावस्या की शाम को आकाश में चांद तो नहीं दिखेगा लेकिन सबसे सुंदर ग्रह शनि (सेटर्न) पृथ्वी और सूर्य एक सीधी रेखा पर होगें। इसे सेटर्न एट अपोजिशन कहते हैं। पृथ्वी के पास होने से इसे टेलिस्कोप से देखने पर इसके रिंग और इसके कुछ चंद्रमा देखे जा सकते हैं।
22 जुलाई को सूर्यादय के ठीक पहले पूर्वी आकाश में बुध ग्रह (मरकरी) को आकाश में देखा जा सकेगा। इस दिन यह सूर्य से 20 डिग्री ऊपर उठा दिखेगा। इसे मरकरी एट ग्रेटेस्ट वेस्टर्न इलोंगेशन की घटना कहते हैं। 28 जुलाई की रात को आकाश में टूटते तारों की औसत बरसात देखी जा सकेगी। इसे डेल्टा एक्यूरिड मेटियोर शॉवर कहते हैं।
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बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ उन्हीं की पार्टी के एक नेता ने मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ नेता भंवर सिंह शेखावत ने शनिवार को विजयवर्गीय पर कई गंभीर आरोप लगाए। शेखावत ने कहा कि 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार की हार के लिए वही जिम्मेदार हैं और विजयवर्गीय फिर से सूबे में तीन माह पुरानी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।
भंवर सिंह शेखावत का कहना है कि विजयवर्गीय ने मालवा क्षेत्र में 10 से 12 बागी बीजेपी उम्मीदवारों का समर्थन किया था, जिनकी वजह से असल कैंडिडेट्स के वोटों पर असर पड़ा। उनके मुताबिक, 2018 के चुनाव में भाजपा की मध्यक प्रदेश में हार के पीछे यही प्रमुख वजह रही थी। यहां तक कि विजयवर्गीय ने बागियों को फंडिंग भी की। वह अति-महात्वाकांक्षी हैं और खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।
श्री शेखावत का दावा है कि वे ही विजयवर्गीय को लेकर राजनीति में आए पर बाद में उन्होंने उनके साथ अच्छा सलूक नहीं किया। सीनियर बीजेपी नेता ने कहा कि विजयवर्गीय 2018 में 35 सीटों के लिए प्रभारी थे। उन्होंने 13 साल से सीएम गद्दी पर बैठे चौहान को वहां से हटाने के लिए ऐसे तिगड़म भिड़ाए, ताकि पार्टी को कम सीटें मिलें। यह भी आरोप है कि विजयवर्गीय ने भ्रष्टाचार कर पैसा बनाया। पार्टी के हेलीकॉप्टरों के लिए आए पैसे को उन्होंने दबाया और उससे बागियों को फंडिंग की।
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हनीट्रैप मामले में कई नेताओं और अधिकारियों के वीडियो सामने लाकर सुर्खियों में आए सांध्य अखबार के मालिक जीतू सोनी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया है। जीतू सोनी के भाई महेंद्र सोनी को पिछले दिनों क्राइम ब्रांच की टीम ने गुजरात से गिरफ्तार किया था। वहीं, पुलिस के पहुंचने से पहले जीतू सोनी फॉर्म हाउस से फरार हो गया था। इंदौर के डीआईजी ने जीतू सोनी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
दरअसल, एमपी हनीट्रैप के मामले उजागर होने के बाद, उसकी जांच एसआईटी कर रही है। जीतू सोनी इंदौर में एक सांध्य अखबार चलाता था। उसने हनीट्रैप से जुड़े कई वीडियो को सामने लाया था। उसके बाद पुलिस ने जीतू सोनी के अवैध कारनामों का खुलासा शुरू कर दिया। जीतू सोनी अखबार की आड़ में इंदौर शहर में कई काले कारनामों को अंजाम दे रहा था।
जीतू सोनी ने पत्रकारिता की आड़ में इंदौर में कई गोरखधंधे को अंजाम दे रहा था। जिसमें होटल और डांस बार के संचालन से लेकर अवैध तरीके से फ्लैट और फ्लॉट का कब्जा तक शामिल था। जीतू के साम्राज्य के बारे में पुलिस ने जब खुलासा किया तो इंदौर के लोग भी हैरान रह गए थे। उसके डांस बार पर छापेमारी की गई तो 76 लड़कियों को बाहर निकाला गया। जिन्हें अवैध तरीके से जीतू ने कैद कर रखा था।
इंदौर पुलिस ने जीतू के कई अवैध बंगले और होटल को भी तोड़ा है। जिसे जीतू ने पत्रकारिता की आड़ में गलत तरीके से बनाया था। जीतू की तूती इंदौर में इतनी बोलती थी, कानून का उसका सामने कुछ नहीं चलता था। जांच के दौरान यह भी बात सामने आई थी, कुछ अधिकारियों ने भी उसकी मदद की है।
जीतू के खिलाफ इंदौर में दर्जनों केस दर्ज हैं। जिसमें धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के मामले ज्यादा हैं। अखबार में खबरों के जरिए वह लोगों को ब्लैकमेल करता था। साथ ही उनसे मोटी रकम वसूलता था। जीतू पर यह भी आरोप लगा है कि अपने डांस बार में वह सफेशपोशों को बुलाकर उन्हें ट्रैप करता था और उनसे रकम की वसूली करता था। अपने काले कारनामों से जीतू ने इंदौर में अरबों रुपये की संपत्ति बनाई है। जिसे माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान नेस्तनाबूद भी किया गया है।
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मध्यप्रदेश के कटनी में एक नायब तहसीलदार की पत्नी से ज्यादती करने का मामला सामने आया है। आरोपी ड्राइवर चार साल से अधिकारी की पत्नी को ब्लैकमेल कर ज्यादती कर रहा था। अजाक थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।
कटनी के अजाक थाना प्रभारी अजय राजौरिया ने बताया कि 25 जून को एक नायब तहसीलदार की 34 वर्षीय पत्नी ने ज्यादती का मामला दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने सिवनी निवासी अपने 37 वर्षीय ड्राइवर बबलू वर्मा को आरोपी बनाया था। उन्होंने बताया कि बबलू उन्हें 4 साल से ब्लैकमेल कर रहा है।
आरोपी ने बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी थी। इसी कारण वे अब तक किसी को कुछ नहीं कह पाईं। अब उसकी हरकतें ज्यादा बढ़ गई हैं। इसलिए रिपोर्ट कर रही हैं। थाना प्रभारी राजौरिया ने बताया कि आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया है। मामले की पूरी जांच डीएसपी अजाक राजेंद्र प्रसाद मिश्रा कर रहे हैं।
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राज्य सरकार ने चार नगर निगम जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिंगरौली और रतलाम सहित 77 नगरीय निकायों के वार्ड परिसीमन को निरस्त कर दिया है। इस तरह पिछली कांग्रेस सरकार का एक और निर्णय शिवराज सरकार ने पलट दिया है। अब इन नगरीय निकायों में पिछले परिसीमन के आधार पर ही आगामी चुनाव होंगे।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने फरवरी से लेकर मार्च के पहले सप्ताह तक इन निकायों के नए वार्ड परिसीमन की अधिसूचनाएं जारी की थीं। तब भाजपा ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने आगामी निकाय चुनाव को लेकर वार्ड परिसीमन की कवायद की थी। उसने अपने राजनीतिक गणित को देखते हुए वार्डों में बदलाव किया था। ऐसे वार्डों में बदलाव किया गया था, जिसमें भाजपा ताकतवर थी। जिन निकायों के वार्ड परिसीमन निरस्त किए गए हैं, उनमें 16 नगर पालिका और 57 नगर परिषद शामिल हैं।
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