वीआईपी गेस्ट हाउस में गैंगरेप मामले में दो रेलवे अधिकारी निलंबित

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेस्ट हाउस में उत्तर प्रदेश की युवती से गैंगरेप के मामले में दोनों अधिकारियों को रेलवे ने निलंबित कर दिया है। हालांकि पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को गिरफ्तारकिया है, दूसरे को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है। युवती ने ही दूसरे आरोपी अधिकारी आलोक मालवीय की पहचान की है। युवती पहले से इसे जानती नहीं थी उससे केवल भोपाल आने के बाद ही मिली थी।

सीसीटीवी से पहचान

बताया जा रहा है कि जीआरपी ने युवती को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार हिरासत में लिया है। इस मामले में पूछताछ जारी है पुलिस को आशंका है कि इस तरह के और मामले सामने आ सकते हैं। इसलिये गेस्ट हाउस के पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही हैं। इन अधिकारियों के कहने पर कब कब रेस्ट हाउस में कमरे बुक किये थे और उनमें कौन कौन रुका था।

कर्मचारी नेता थे दोनों

आरोपी राजेश तिवारी कैरिज वैगन में जूनियर इंजीनियर और अभी सेफ्टी काउंसलर के पद पर काम कर रहे थेवही आरोपी आलोक मालवीय विद्युत अनुरक्षण में सीनियर सेक्शन इंजीनियर है। दोनों आरोपी कर्मचारी नेता हैं और पश्चिम मध्य रेलवे संघ यानी डब्ल्यूसीआरएमएस के पदाधिकारी भी हैं।

नौकरी के लिये बुलाया

पुलिस के मुताबिक युवती उत्तर प्रदेश के महोबा की रहने वाली युवती की दोस्ती राजेश तिवारी के साथ फेसबुक से शुरु हुई। बाद में तिवारी ने रेलवे में नौकरी दिलाने के बहाने भोपाल बुलाया था। युवती शनिवार सुबह को ही भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंची थी। बाद में राजेश तिवारी ने स्टेशन पर बने रेलवे के वीआईपी रेस्ट रुम में रुकवा दिया।

वीआईपी गेस्ट हाउस में गैंगरेप

रेल एसपी हितेश चौधरी ने बताया कि घटना दोपहर की है जब राजेश तिवारी और एक अन्य कर्मचारी युवती के कमरे में पहुंचे। जहां तीनों ने मिलकर पार्टी की और युवती को नशीला पादार्थ पिला दिया, जिससे युवती बेहोश हो गई उसके बाद दोनों आरोपियों ने गैंग रेप किया है। होश में आने का बाद शाम युवती को सीधे पुलिस स्टेशन पहुंच गई और मामला दर्ज कराया। जीआरपी ने राजेश तिवारी कोऔर अन्य कर्मचारी को हिरासत में ले लिये और पूछताछ शुरु कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।