कांग्रेस विधायकों को पैसे का ऑफर दे रही है भाजपा : कमलनाथ

(ब्यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। कांग्रेस विधायक राहुल लोधी के भाजपा में शामिल होने के बाद एक बार फिर ऐन चुनाव के मौके पर खरीद-फरोख्त की चर्चा शुरु हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने निवास पर मीडिया से बात करते हुए भाजपा पर सीधा आरोप लगाया है कि वो कांग्रेस विधायकों को पैसे ऑफर कर रही है।

कमलनाथ ने कहा कि मुझे हमारे कई विधायकों के फोन आ रहे हैं ,वह बता रहे हैं कि भाजपा उन्हें प्रलोभन दे रही है ,पैसे का ऑफर दे रही है, एडवांस देने की बात कर रही है। कमलनाथ ने कहा कि भाजपा को 10 नवंबर को आने वाले परिणाम का अभी से अंदेशा हो गया है , इसलिये तो वो परिणाम का इंतजार नहीं कर रही है , सौदेबाजी का खेल अभी से ही शुरू कर दिया है। प्रजातंत्र सौदेबाजी का उत्सव हो गया है ,बिकाऊ उत्सव हो गया है। मैं सौदेबाजी की राजनीति में विश्वास नहीं करता। मैं चाहता तो मैं भी ऐसी राजनीति कर सकता था लेकिन मंै कभी भी सौदेबाजी की राजनीति नहीं करूंगा। भाजपा तो खुद ही कह रही है कि अभी दो-तीन विधायक और आ रहे हैं तो क्या बगैर सौदेबाजी के आ रहे हैं। 7 महीने से तो हमारी सरकार भी नहीं है ,जनता खुली आंखों से इनकी सच्चाई देख रही हैं। आज मध्यप्रदेश देश भर में कलंकित हो रहा है।जब एक गांव का साधारण व्यक्ति समझ रहा है कि किस कारण से हमारे प्रदेश में उपचुनाव हो रहे हैं तो क्या देश की जनता इस सच्चाई को नहीं समझती है। 3 तारीख को प्रदेश की जनता तय करेगी कि वह प्रदेश का कैसा भविष्य चाहती हैं। इस चुनाव में हमारा मुकाबला भाजपा से ही नहीं बल्कि प्रशासनिक तंत्र से भी है। छोटे-छोटे शासकीय कर्मचारियों पर भाजपा के पक्ष में काम करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। कमलनाथ ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा के पक्ष में काम करने वाले अधिकारी यह जान लें कि 10 के बाद 11 तारीख भी आएगी।
भाजपा की इस सौदेबाजी से हमें फायदा ही होगा क्योंकि एक बार फिर उनकी सौदेबाजी की तस्वीर जनता के सामने आ गई है ,जनता खुली आंखों से सब देख रही है। यदि इनको सरकार बचाने वाली सीटों का आंकड़ा मिलता होता तो आज इन्हें सौदेबाजी की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। मैं सौदेबाजी कभी नहीं करूंगा , क्या भाजपा वाले मेरे संपर्क में नहीं हैं। चुनाव में कुछ दिन ही बचे हैं।10 तारीख को परिणाम में भाजपा की भद पिटने वाली है , उसकी तैयारी भाजपा इस सौदेबाजी से अभी से ही कर रही है। मुख्यमंत्री बनना ,कुर्सी व पद का लक्ष्य मेरा कभी नहीं रहा है। भाजपा तो प्रदेश में ऐसी राजनीति चाहती है कि न पंचायत चुनाव की आवश्यकता पड़े और ना पार्षद चुनाव की आवश्यकता पड़े ,बोली बोलो और पार्षद -सरपंच चुन लो।