भाजपा की हार के लिये आडवाणी ने वीएचपी को ठहराया था जिम्मेदार

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में सोमवार 23 नवंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन.
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असम में पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का 86 वर्ष की आयु में सोमवार शाम निधन हो गया। गौहाटी मेडिकल कॉलेज में शाम लगभग 5 बजकर 34 मिनिट पर गोगोई का निधन हुआ। गोगोई के निधन पर पीएम मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने शोक जताया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता की देखभाल नौ डॉक्टर्स की एक टीम कर रही थी। उनकी हालत काफी नाजुक थी और वे वेंटिलेटर पर थे। गोगोई के अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था। हालांकि उनके दिमाग को कुछ संकेत मिल रहे थे, आंखें चल रहीं थीं और पेसमेकर लगाए जाने के बाद उनका दिल काम कर रहा थी। इसके अलावा गोगोई के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। तरूण गोगोई का रविवार को छह घंटे तक डायलिसिस हुआ था और यह दोबारा विषाक्त चीजों से भर गया था। उनकी ऐसी हालत नहीं थी कि डायलिसिस दोबारा किया जा सके।
असम के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके तरूण गोगोई को दो नवंबर को जी.एम.सी.एच. में भर्ती कराया गया था। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। तरूण गोगोई 25 अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और इसके अगले दिन उन्हें जी.एम.सी.एच. में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 25 अक्टूबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
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कोरोना से जूझ रहे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के सामने निवार चक्रवात की चुनौती आ खड़ी हुई है। निवार चक्रवात मंगलवार से गुरुवार के बीच आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है। राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एन.सी.एम.सी.) ने सोमवार को चक्रवात निवार के मद्देनजर संबंधित तैयारियों की समीक्षा की और मछुआरों को समुद्र में न जाने का निर्देश दिया।
कैबिनेट सेक्रटरी राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली एन.सी.एम.सी. ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इसका ध्यान रखें कि तूफान से कोई भी जनहानि न हो और प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में सामान्य स्थिति जल्द बहाल हो। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों की समीक्षा की गई जिसमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।
मुख्य सचिवों ने एन.सी.एम.सी. को अपनी तैयारियों से अवगत कराया और बताया कि अधिकारी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने चुनौती से निपटने के लिए एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय के बारे में भी एन.सी.एम.सी. को जानकारी दी। एन.सी.एम.सी. की बैठक में कहा गया कि कच्चे मकानों में रहनेवाले लोगों को स्थिति के अनुरूप उपर्युक्त सुझाव दिया जा सकता है।
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश को यह बताना चाहिए कि कोरोना वायरस के किस टीके का चयन भारत के लिए किया जाएगा।
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि कोविड का टीका बनाने की ओर अग्रसर इकाइयों में भारत सरकार किसका चुनाव करेगी और क्यों करेगी? उन्होंने सवाल किया, पहले टीका किसको मिलेगा और इसके वितरण की रणनीति क्या है? क्या पीएम केयर्स कोष का इस्तेमाल मुफ्त टीकाकरण के लिए होगा? कब तक सभी भारतीय नागरिकों को टीका लग जाएगा?
उल्लेखनीय है कि अमेरिका की दो कंपनियों फाइजर और मॉडर्ना ने ऐसे टीके विकसित करने का दावा किया है, जो कोविड-19 का संक्रमण रोकने में 90 प्रतिशत से ज्यादा कारगर हैं। भारत में फिलहाल पांच टीके क्लीनिकल ट्रायल के विभिन्न चरणों में हैं।
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पिछले 24 घंटों में दिल्ली में औसतन प्रत्येक घंटे कोविड-19 की वजह से कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जो देशभर में इस तरह की मौत के मामलों का एक बड़ा हिस्सा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर यह विश्लेषण किया गया जिसमें पिछले 24 घंटे में कोविड-19 की वजह से देश और सभी राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में मौत की कुल संख्या दी गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में इस महामारी से 511 और लोगों की मौत हो गई। दिल्ली में इस अवधि में इससे 121 लोगों की मौत हुई।
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कोरोना वायरस महामारी भारत सहित दुनिया के कई देशों में अपना कहर बरपा रही है। ये वायरस कई बड़ी नामी हस्तियों को अपनी चपेट में ले चुका है। इसमें सबसे ताजा नाम महात्मा गांधी के पड़पोते सतीश धुपेलिया का है।
दक्षिण अफ्रीका मूल के 66 वर्षीय धुपेलिया का कोविड-19 के कारण रविवार को निधन हो गया। तीन दिन पहले ही उनका जन्मदिन था। धुपेलिया के निधन की जानकारी उनके परिवार ने दी। सतीश धुपेलिया की बहन उमा धुपेलिया के अनुसार उनके भाई को निमोनिया हो गया था और उनके उपचार के लिए वे एक हॉस्पिटल में थे। वहीं वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। उनके परिवार में दो बहनें उमा और कीर्ति मेनन हैं, जो वहीं रहतीं हैं। ये तीनों-भाई बहन मणिलाल गांधी के वारिस हैं, जिन्हें महात्मा गांधी अपने कार्यों को पूरा करने के लिए दक्षिण अफ्रीका में ही छोड़कर भारत लौट आए थे।
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17वीं बिहार विधानसभा के नव निर्वाचित 101 सदस्यों ने सोमवार को सदन की सदस्यता की शपथ ली। इस बीच सदन में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब एआईएमआईएम के विधायक अख्तरुल इमान ने शपथ लेने के दौरान हिंदुस्तान शब्द बोलने पर अपनी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि संविधान में बोला जाता है कि हम भारत के लोग. . . यहां भारत की जगह उर्दू में हिंदुस्तान लिखा हुआ है। उन्होंने शपथ के दौरान भारत बोलने की बात कही। वहीं, भाजपा नेता और सुपौल के छातापुर विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि जो लोग हिंदुस्तान शब्द नहीं बोल सकते हैं ऐसे लोगों को पाकिस्तान चले जाना चाहिए। वहीं जदयू विधायक ने भी कहा कि हिंदुस्तान बोलने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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लालकृष्ण आडवाणी, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का सुझाव दिया और बाद में 2002 में गुजरात दंगों के बाद स्तीफे की मांगों को खारिज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, 2004 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की हार के लिए वी.एच.पी. को जिम्मेदार ठहराया था। एक किताब में इस बात का दावा किया गया है।
अपनी पुस्तक जुगलबंदी में, जो कि इंटरव्यू, निजी दस्तावेज और बीजेपी के इतिहास लेखन पर आधारित है, में लेखक विनय सीतापति का कहना है कि पार्टी की हार आंशिक रूप से बहुत अधिक विचारधारा पर केंद्रित थी। किताब के अनुसार, उस चुनाव में केंद्र में सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही भाजपा बहुमत से 100 सीट पीछे रह गई थी।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 फीसदी तक सही साबित हुए हैं।
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डब्लू.एच.ओ. ने यूरोप में 2021 की शुरुआत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है।
डब्लू.एच.ओ. के विशेष अधिकारी डेविड नबारो ने कहा कि गर्मियों के दौरान यूरोपीय देशों की सरकारों ने आवश्यक इंतजाम नहीं किए। कोविड की पहली लहर पर काबू पाने के बाद ही इस पर काम किया जाना था। दुनियाभर में अब तक साढ़े पाँच करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। वर्तमान में 1.68 करोड़ मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज (एक्टिव केस) चल रहा है।
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आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज में शरद खरे से सोमवार 23 नवंबर का राष्ट्रीय आडियो बुलेटिन। मंगलवार 24 नवंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें, सब्सक्राईब कैसे करना है यह प्रत्येक वीडियो के अंत में हम आपको बताते ही हैं। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, नमस्कार।
(साई फीचर्स)