जनवरी से आंशिक तौर पर खुलेंगी शालाएं

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में ब्रहस्पतिवार 03 दिसंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन.
——-
किसान आंदोलन पर किसान नेताओं और सरकार के बीच जहां बातचीत जारी है वहीं, इसपर सियासत भी काफी तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। उधर, राज्य के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने किसान आंदोलन के समर्थन में अपना पद्म विभूषण सम्मान लौटा दिया है।
एक तरफ दिल्ली के विज्ञान भवन में पिछले 05 घंटे से बैठक चल रही है तो वहीं यूपी-दिल्ली सीमा (गाजीपुर बॉर्डर) पर जुटे प्रदर्शन रत किसानों ने पुलिस के बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। अकाली दल चीफ सुखबीर बादल ने कहा कि किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिलाएं हैं। क्या वे खालिस्तानी दिखती हैं? यह किसानों को देशद्रोही बताने का एक तरीका है। यह किसानों का अपमान है। आप किसानों को कैसे देशद्रोही बुला सकते हैं।
दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं और सरकार के बीच बैठक चल रही है। लंच ब्रेक के दौरान किसानों ने सरकार का खाना लेने से मना कर दिया और अपना लंच निकाल लिया। यहां से एक तस्वीर भी सामने आई हैं, जिसमें किसान नेता जमीन पर खाते दिख रहे हैं। इसे भी किसानों के विरोध के तौर पर देखा जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल ने कहा है कि पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल जीवन भर किसानों के लिए लड़े हैं। सरकार को एक सख्त संदेश देने के लिए उन्होंने अपना एवॉर्ड वापस किया है। इन कानूनों की किसानों को आवश्यकता नहीं है, तो भारत सरकार उसे किसानों पर क्यों थोप रही है?
——-
अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन के प्रभाव को लेकर लोगों के मन में अब भी संदेह बना हुआ है। इसलिए, लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर भरोसा उत्पन्न करने के लिए अमेरिका के तीन पूर्व राष्ट्रपतियों ने इसके डोज को सबसे पहले खुद लगवाने का फैसला किया है। बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन ने एक साथ इस वैक्सीन को लेने की तत्परता जताई है।
बुधवार को एक साक्षात्कार में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि उन्हें शीर्ष अमेरिकी संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फौसी पर पूरा भरोसा है। उन्होंने ही मुझे बताया है कि यह वैक्सीन सुरक्षित है। इसलिए, मैं इसकी डोज को लेने जा रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैं टीवी पर लाइव इस वैक्सीन को लगवा सकता हूं, या इसकी रिकॉर्डिंग की जा सकती है ताकि, लोगों को यह पता चले कि मुझे इस वैक्सीन के विज्ञान पर पूरा भरोसा है।
बुधवार को ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के चीफ ऑफ स्टाफ फ्रेडी फोर्ड ने बताया कि उन्होंने डॉ.फौसी और व्हाइट हाउस की कोरोना वैक्सीन प्रतिक्रिया टीम से बात की है। बुश ने बातचीत के दौरान टीम से पूछा कि वह टीके को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए क्या कर सकते हैं। फ्रेडी फोर्ड ने कहा कि सबसे पहले वैक्सीन को सुरक्षित समझा जाना चाहिए और प्राथमिकता के हिसाब से लोगों को दिया जाना चाहिए। इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति बुश भी लाइन में लगकर खुशी से कैमरे पर वैक्सीन लगवाएंगे।
पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी कहा है कि वे सार्वजनिक रूप से कोरोना वायरस वैक्सीन को लेने के लिए तैयार हैं। क्लिंटन की प्रवक्ता एंजल उरेना ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रपति क्लिंटन निश्चित रूप से कोरोना वैक्सीन लेंगे।
——-
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एक्जामिनेशन्स के मुख्य कार्यकारी और सचिव ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए जनवरी से शालाओं को………. आंशिक तौर पर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए खोलने को कहा है।
परिषद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भी पत्र लिख कर ऐसे राज्यों के चुनाव कार्यक्रम को साझा करने को कहा है जहां अप्रैल और मई में चुनाव होने हैं, ताकि बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें उसी के अनुसार निर्धारित की जा सकें। सी.आई.एस.सी.ई. के मुख्य कार्यकारी गैरी एराथून ने कहा, कोविड-19महामारी के कारण सभी स्कूल मार्च 2020 से अब तक बंद हैं। ऑनलाइन शिक्षण के स्तर, आंकलन और स्लेबस पूरा होने के संबंध में सी.आई.एस.सी.ई. के सर्वेक्षण से पता चला है कि बंद होने के बावजूद हमारे अधिकतर स्कूलों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन अथवा दोनों ही तरीकों से शिक्षण का कार्य जारी रखा।
——-
अखबार मालिक और वास्तविक संपादकों या प्रधान संपादकों वाले संस्थान देशबंधु के प्रधान संपादक और जाने माने लेखक, कवि ललित सुरजन का निधन हो गया है।
वर्तमान दौर में अधिकांश संस्थानों में अखबार मालिक ही प्रधान संपादक हुआ करते हैं, पर वे वर्ष में एकाध मर्तबा ही कुछ लिख पाते हैं। इस मिथक को सबसे पहले देशबंधु के संस्थापक संपादक स्व. मायाराम सुरजन ने तोड़ा और उसके बाद उनके ज्येष्ठ पुत्र ललित सुरजन के द्वारा देशबंधु के प्रधान संपादक रहते हुए लगभग रोज ही खबरें या आलेख लिखे गए। ललित सुरजन के निधन के उपरांत सोशल मीडिया पर उन्हें श्रृद्धांजलि देने का तांता लगा हुआ है। उनसे सीखने वाले अथवा उनके सानिध्य में रहकर पत्रकारिता करने वालों ने उन्हें पत्रकारिता का एक विश्वविद्यालय भी निरूपति किया है।
समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक लिमटी खरे ने स्व. ललित सुरजन को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि ललित जी के सानिध्य में देशबंधु रायपुर में शुरूआती दौर में काम करते हुए उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उन्होंने बताया कि जब मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी की हत्या हुई थी तब रात दो बजे ललित जी खुद कार्यालय पहुंचे और खबर सामने से बनवायी थी। वे बहुत सरल, सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी थे एवं लोगों की मदद कर वे बहुत ही प्रसन्न हुआ करते थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशबंधु समाचार पत्र समूह के प्रधान संपादक और प्रख्यात लेखक ललित सुरजन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक विषयों पर महत्वपूर्ण सामग्री प्रकाशित कर उन्होंने वर्षों परिश्रम पूर्वक कार्य किया । ललित सुरजन के निधन से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य करने वाले एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व को हमने खो दिया है। यह मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ ही पत्रकारिता जगत की बड़ी क्षति है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में पत्रकारिता के विकास में ललित जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने जबलपुर, भोपाल ,सतना आदि से अखबार के संस्करण प्रकाशित कर………. पाठकों को सुरुचिपूर्ण सामग्री उपलब्ध करवायी।
——-
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर कहा है कि प्रदेश में लव जिहाद की अनुमति नहीं दी जाएगी। सीहोर के नसरूल्लागंज में सभा को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार सबके लिए है। धर्म या जाति के आधार पर प्रदेश में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, लेकिन किसी ने हमारी बेटियों के साथ बुरा किया तो मैं उसे तोड़ कर रख दूंगा। सीएम ने कहा कि धर्मांतरण या लव जिहाद की साजिश रचने वालों के लिए एमपी में कोई जगह नहीं है। किसी ने ऐसा सोचा भी तो उसे बर्बाद कर दूंगा।
——-
दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच अब इससे निपटने के लिए वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की नजर वैक्सीन पर है।
इस बीच ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने उम्मीद जताई है कि इस महीने के अंत तक या अगले महीने की शुरुआत तक भारत में वैक्सीन को उपयोग के लिए आपात अनुमति मिल जाएगी। रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अब हमारे पास कुछ वैक्सीन फाइनल स्टेज ट्रायल पर हैं। इन्हें शीघ्र ही सार्वजनिक उपयोग की अनुमति मिल सकती है।
एम्स निदेशक ने कहा कि एक बार बूस्टर डोज दिया गया, तो वैक्सीन लोगों के अंदर अच्छी-खासी मात्रा में एंटीबॉडी बनाना आरंभ कर देगी, जिससे वे कई महीनों के लिए सुरक्षित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि अभी यह देखना बाकी है कि वैक्सीन लोगों में किस तरह की प्रतिरोधक क्षमता बनाती है।
वैक्सीन के सुरक्षित होने के सवाल पर डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि अभी हमारे पास काफी मात्रा में डेटा है जो कहता है कि वैक्सीन सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन की सुरक्षा और क्षमता से बिल्कुल समझौता नहीं किया जाएगा। अब तक 70 से 80 हजार वॉलंटियर वैक्सीन लगवा चुके हैं। किसी में भी गंभीर समस्या देखने को नहीं मिली।
——-
समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 फीसदी तक सही साबित हुए हैं।
——-
कोरोना का प्रकोप अब भी कम नहीं हुआ है। देश में रोजाना हजारों की संख्या में लोग पॉज़िटिव पाये जा रहे हैं। इसको देखते हुए कई सरकारों ने नाइट कर्फ़्यू भी लगाया है। वहीं कई राज्यों में मास्क न लगाने और दो गज की दूरी न बरतने पर प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। इसके बाद भी कई स्थानों पर राजनेता खुलेआम रैली करते और जश्न मनाते नज़र आए हैं।
इसे लेकर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने तंज़ कसा है। रवीश ने फेसबुक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस ने मिलकर दिल्ली में 07 लाख लोगों के चालान काटे हैं, मास्क न पहनने और दो गज की दूरी न बरतने के आरोप में।
इन सात लाख लोगों से अभी तक 44 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं जिन्हें कोविड की लड़ाई में खर्च किया जा रहा है। यह जानकारी दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में दी है। रवीश ने नेताओं पर तंज़ कसते हुए लिखा वहीं दूसरी तरफ नेता लोग हैदराबाद से लेकर बिहार तक में खुलेआम रैली कर रहे हैं। बीजेपी के दफ्तर में जश्न मना। उन लोगों पर छूट जारी है। उनके लिए कोई नियम कानून नहीं है।………. 44 करोड़ की राशि सामान्य नहीं है। मुझे तो जुर्माना राज भी पसंद नहीं है। जागरुकता की जगह सब जुर्माना वसूलने पर शिफ्ट हो गए हैं।
—-
आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज में शरद खरे से ब्रहस्पतिवार 03 दिसंबर का राष्ट्रीय आडियो बुलेटिन। शुक्रवार 04 दिसंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें, सब्सक्राईब कैसे करना है यह प्रत्येक वीडियो के अंत में हम आपको बताते ही हैं। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, नमस्कार।
(साई फीचर्स)