झाबुआ में कड़कनाथ मुर्गी में भी मिला बर्डफ्लू वायरस

(ब्‍यूरो कार्यालय)
भोपाल (साई)। झाबुआ जिले के ग्राम रूंडीपाड़ा में कड़कनाथ मुर्गी में बर्ड फ्लू के एच5एन1 वायरस की पुष्टि हुई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग अनुसंधान प्रयोगशाला से मंगलवार को आई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। अन्य जिलों में एच5एन8 वायरस पाया गया था। एच5एन1 इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इससे मानव भी संक्रमित हो सकता है। अभी तक मिला एच5एन8 वायरस से मानव के संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।

रिपोर्ट आने के बाद पशुपालन विभाग ने झाबुआ कलेक्टर को भारत सरकार के बर्डफ्लू एक्शन प्लान 2021 के अनुसार निस्तारण, चारा-दाना, अंडे आदि को नष्ट और प्रभावित स्थल को सेनिटाइज और डिसइन्‍फेक्ट करने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित स्थल से एक किलोमीटर की परिधि को संक्रमित क्षेत्र मानते हुए सभी प्रकार के कुक्कुट प्रजाति के पक्षियों को मारकर गाड़ा जाएगा। वहीं एक से नौ किलोमीटर की परिधि को सर्विलांस जोन मानते हुए सेम्पल कलेक्शन किया जाएगा। संक्रमित क्षेत्र में अगले 3 माह तक कुक्कुट और कुक्कुट उत्पाद की रिस्टाकिंग और कुक्कुट परिवहन पर प्रतिबंध रहेगा। झाबुआ जिले के कुक्कुट बाजार और पोल्ट्री फार्मों को भी सेनीटाइजेशन कर संक्रमण रहित किया जाएगा।
अब तक 19 जिलों में मिल चुका बर्ड फ्लू

संचालक पशुपालन डॉ आरके रोकड़े के अनुसार प्रदेश में अब तक 19 जिलों में बर्डफ्लू मिल चुका है। इंदौर, मंदसौर, आगर, नीमच, देवास, उज्जैन, खण्डवा, खरगौन, गुना, शिवपुरी, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, भोपाल, होशंगाबाद, अशोकनगर, दतिया और बड़वानी में एच5एन8 वायरस की पुष्टि हुई है। प्रदेश के 42 जिलों में लगभग 2100 कौवों और जंगली पक्षियों की मौत हो चुकी है। विभिन्न जिलों से 386 सेम्पल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भोपाल को भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार पूरे देश से सेंपल आने के कारण लैब पर भी लोड बढ गया है। इससे सेंपलों की रिपोर्ट आने में भी देरी हो रही है।