फांसी की सजा प्राप्त शबनम ने अपने बेटे से कहा : उसे फंसाया गया, जांच की उसकी मांग पूरी नहीं की गयी!

नमस्कार, आप सुन रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रंखला में मंगलवार 23 फरवरी का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन.
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अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने ई श्रीधरन के 88 वर्ष की उम्र में बीजेपी में शामिल होने के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने एक ब्लॉग लिखा है, जिसमें सिन्हा ने लिखा है कि श्रीधरन के लिये बीजेपी ने पार्टी द्वारा बनाये गये नियम को ही तोड़ दिया है। अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि 88 वर्ष के श्रीधरन को पार्टी में शामिल करवा कर उन्हें केरल की राजनीति में उतारने की तैयारी चल रही है। निश्चित रूप से बीजेपी केरल में अपना झंडा गाड़ना चाहती है। जिसमें श्रीधरन उसके काम आ सकते हैं। वैसे भी श्रीधरन ने राज्यपाल बनने से इन्कार कर दिया है लेकिन मुख्यमंत्री के पद से उन्हें कोई परहेज नहीं है।
2014 में पार्टी की तरफ से उम्र का बहाना बनाकर लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मंत्री बनने और बाद में 2019 में चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। दोनों ही नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में भेज दिया गया। हालांकि बीजेपी ने उसके बाद ही येदियुरप्पा को 75 वर्ष से अधिक उम्र में कर्नाटक में मुख्यमंत्री बनाया था। इसका मतलब तो यही निकाला जा सकता है कि आडवाणी-जोशी को उनके चेले ने ही किनारे लगा दिया। इसके साथ ही दोनों नेताओं की राजनीति का भी अंत हो गया उनके चेले के द्वारा ही।
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उत्तराखंड के चमोली में हादसे के बाद 136 लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने इन सभी लापता लोगों को मृत घोषित कर दिया है। इसके लिये मंगलवार को आदेश जारी किया गया। सरकार की तरफ से लापता लोगों को मृत मान लिये जाने के बाद आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 206 हो गयी है। आपदा के 17वें दिन मंगलवार तक 70 लोगों के शव और 29 मानव अंग मिल चुके हैं।
राज्य सरकार के मुताबिक चमोली और आस-पास के इलाकों में लगातार तलाश जारी है। बड़ी संख्या में लोगों के शव बरामद हुए हैं, जबकि कुछ लोगों को सुरक्षित भी निकाला गया। इसके बावजूद अभी तक जिन लोगों की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है, उन्हें अब मृत घोषित कर दिया गया है।
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रामपुर जेल में कैद शबनम को फांसी कब होगी, अभी इसपर फैसला नहीं हो सका है। शबनम को फांसी दिये जाने के लिये मथुरा की जेल में सारी तैयारी तो कर ली गयी है, लेकिन अभी डेथ वॉरंट जारी न होने के कारण उसे फांसी नहीं दी जा सकी है। शबनम को फांसी देने के लिये सरकारी वकील की ओर से मथुरा के जिला जज के पास डेथ वॉरंट जारी करने की मांग रखी गयी थी। हालांकि राजभवन में शबनम की दया याचिका लंबित होने के कारण जज ने वॉरंट जारी करने से मना कर दिया।
जेल में बंद शबनम को कब फांसी होगी ये तो अभी तय नहीं है, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। जेल से शबनम ने अब सीबीआई जांच की मांग की है। रविवार को शबनम अपने बेटे ताज से मिली। शबनम ने अपने बेटे से कहा कि खूब अच्छे से पढ़ना। बेटे ने भी मां से पहली बार पूछा कि क्या उन्होंने यह गुनाह किया है?
जेल में शबनम से मिलने उसका बेटा और उसके केयर टेकर उस्मान पहुँचे। दोनों के बीच लगभग एक घंटे मुलाकात चली। ताज ने अपनी मां से पहली बार पूछा क्या यह गुनाह आपने किया है तो उसने कहा कि उसे फंसाया गया है। वो पहले भी कोर्ट में इसकी जांच की मांग करती रही है, लेकिन उसकी मांग पूरी नहीं की गयी है।
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दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के स्कूलों को छात्रों एवं उनके अभिभावकों को कोरोना वायरस महामारी के दौरान साइबर खतरों एवं आनलाइन ठगी तथा इन खतरों से बच्चों की सुरक्षा के बारे में संवेदनशील बनाने के लिये कहा है। महामारी को देखते हुये पिछले वर्ष मार्च में देश भर में लॉक डाउन लगाया गया था जिसके बाद अध्ययन एवं अध्यापन की प्रक्रिया आनलाइन हो गयी थी।
स्कूल प्रमुखों को लिखे पत्र में शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के दौरान ज्ञान अर्जित करने के लिये स्कूली शिक्षा आनलाइन हो गयी है। निदेशालय ने अपने पत्र में कहा है, इंटरनेट पर स्पेस बढ़ रहा है और इस पर नजर रखने के लिये डेटा सुरक्षा, निजता एवं बचाव अपर्याप्त है। यह महत्वपूर्ण है कि इंटरनेट से जुड़ा रहने वाला हर व्यक्ति इसके खतरों से अवगत हो सके। पत्र में कहा गया है, इसके अतिरिक्त, इन खतरों के प्रति छात्रों को चेताये जाने की जरूरत है और हमारे लिये यह सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है कि हमारे बच्चों को उनकी मासूमियत बनाये रखते हुए गैर-हानिकारक तरीके से उनकी जिज्ञासा पूरी करने के लिये हर संभव कदम उठायें।
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दिल्ली की एक अदालत ने गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला हिंसा मामले में कार्यकर्ता-अभिनेता दीप सिद्धू को मंगलवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि केन्द्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकाली थी, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसी बीच कुछ लोगों ने लाल किले पर चढ़कर ध्वज स्तंभ पर धार्मिक झंडा लगा दिया।
इस दौरान आई.टी.ओ. पर बड़ी संख्या में किसानों की पुलिस से झड़प हुई और तोड़-फोड़ की घटना भी हुई। सिद्धू को इस मामले में सात दिनों की पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट समरजीत कौर की अदालत में पेश किया गया था। इससे पहले पुलिस द्वारा सिद्धू को लाल किले की घटना के लिये भड़काने वाला मुख्य आरोपी बताये जाने पर अदालत ने अभिनेता को पुलिस हिरासत में भेजा था।
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महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में लगातार तेजी आ रही है। पिछले 07 दिन (16 से 22 फरवरी तक) के अंदर यहाँ 34 हजार 788 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये। इसके पहले 09 से 15 फरवरी के बीच ये आंकड़ा 18 हजार 841 था। साफ है कि इस हफ्ते कोरोना के मामले लगभग दोगुने हो गये हैं।
राज्य में लोग कोरोना नियमों को ताक पर रखकर बाहर घूमते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें राज्य के मंत्री संजय राठौड़ कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए वाशिम जिले के एक मंदिर पहुँचे। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में समर्थक भी थे।
ज्यादातर लोग बिना मास्क के थे। वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र सरकार भाजपा के निशाने पर आ गयी है। भाजपा ने मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उधर, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इसमें प्रदेश के प्रशासनिक अफसर मौजूद रहेंगे। कोरोना के रोकथाम के लिये इस मीटिंग में मुख्यमंत्री कुछ बड़े फैसले ले सकते हैं।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिये फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किये गये हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
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पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि तेल उत्पाद को जीएसटी की ओर ले जाना पड़ेगा, तभी ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। उनका कहना है कि हम इसके लिये जीएसटी काउंसिल से लगातार अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन इसका फैसला काउंसिल को ही करना है कि पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लायें या नहीं।
ध्यान रहे कि देश में पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें नया रिकॉर्ड बना रही हैं। बावजूद इसके कि अंर्तराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतें काफी कम हैं। प्रधान का कहना है कि ईंधन की कीमत बढ़ने के पीछे दो मुख्य कारण हैं। तेल उत्पादक देशों ने ईंधन का उत्पादन कम कर दिया है। अधिक लाभ के लिये तेल उत्पादक देश ऐसा कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता देश त्रस्त हैं।
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आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज में शरद खरे से मंगलवार 23 फरवरी का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन। बुधवार 24 फरवरी को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें, सब्सक्राईब कैसे करना है यह प्रत्येक वीडियो के अंत में हम आपको बताते ही हैं। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, नमस्कार।
(साई फीचर्स)