जिला चिकित्सालय के अलावा कहीं भी कोविड के मरीज नहीं हैं भरती!

जिले भर के अस्पतालों में अगर मरीज नहीं तो सभी बीएमओ को किया जाए जिला चिकित्सायल में ड्यूटी के लिए पाबंद!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। सिवनी जिला एक ऐसा अनोखा जिला माना जा सकता है कि जहां जिला चिकित्सालय के अलावा किसी अन्य अस्पताल (पीएचसी, सीएचसी आदि) में कोरोना कोविड 19 के मरीज भर्ती नहीं हैं। जिले में कहीं भी कोरोना कोविड 19 के मरीज मिलने पर उन्हें जिला चिकित्सालय के कोविड सेंटर भेज दिया जा रहा है जिससे जिला मुख्यालय में काम का दबाव अत्याधिक हो चुका है।
उक्ताशय की बात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही। सूत्रों का कहना था कि विकास खण्ड, तहसील मुख्यालय स्तर पर कोरोना कोविड 19 के संभावित या पाजिटिव मरीजों को भर्ती करने के लिए पिछले साल ही कार्ययोजना बनाई गई थी। इसके लिए भारी भरकम राशि भी व्यय की जा चुकी है, पर किसी भी अस्पताल में कोरोना कोविड 19 के मरीज भर्ती ही नहीं किए जा रहे हैं।
सूत्रों ने यह भी बताया कि जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना कोविड 19 के संभावित या पाजिटिव मरीजों को भर्ती करने के लिए पूर्व जिलाधिकारी प्रवीण सिंह अढ़ायच के द्वारा कवायद की गई थी। इसके बाद साल भर तक इस मामले में किसी तरह की कोई कार्यवाही सामने नहीं आई है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेश्राम के द्वारा भी अब तक इस मामले में न तो किसी तरह के कोई आदेश ही जारी किए गए और न ही कभी तहसील या विकास खण्ड स्तर के अस्पतालों का निरीक्षण कर ही कोविड की तैयारियों की समीक्षा की गई है।
सूत्रों ने यह भी बताया कि जिला चिकित्सालय में काम का बोझ बहुत अधिक है। मंगलवार और बुधवार को ही फीवर क्लीनिक में सुबह 11 बजे तक कोई चिकित्सक नहीं था। अगर पीएचसी, सीएचसी में मरीज भर्ती नहीं हैं तो जिले भर के खण्ड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) में से दो दो चिकित्सा अधिकारियों को एक एक दिन करके जिला चिकित्सालय में मरीजों का परीक्षण आदि करने के लिए पाबंद किया जा सकता है।