ये 16 मौतें किसके खाते में आएंगी . . .

क्या सभी कोरोना कोविड 19 संभावित ही थे! डराना मकसद नहीं, पर सच्चाई आना चाहिए सामने!, सत्ताधारियों का मौन तो ठीक, पर विपक्ष का मौन शोध का विषय!
(सुमित खरे)
जबलपुर (साई)। कोरोना कोविड 19 के क्या हालात हैं मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में इसे लेकर सोशल मीडिया रंगा पड़ा है। इसके बाद भी प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.सी. मेश्राम ने मौन ही साधे रखा है। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया का उद्देश्य डराना कतई नहीं है, पर सच्चाई लोगों के सामने आना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने सामचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान बताया कि 12 अप्रैल 2021 से 14 अप्रैल 2021 तक तीन दिनों में संस्कारधानी जबलपुर में जितने शवों का प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया है उसमें 16 लोग सिवनी के शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि 16 लोग क्या सारे के सारे ही कोविड संभावित थे! अगर पाजिटिव थे तो उन्हें कोविड पाजिटिव लोगों के निधन में शामिल क्यों नहीं किया गया है। और अगर उनके निधन के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी तो प्रशासन को इस बारे में जानकारी सार्वजनिक करना चाहिए था।
सूत्रों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि सिवनी के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के द्वारा आंकड़ों की बाजीगरी में जिला प्रशासन सहित दोनों सांसद जिसमें से केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. ढाल सिंह बिसेन (जो स्वयं चिकित्सक हैं) के अलावा चारों विधायक राकेश पाल सिंह, दिनेश राय, अर्जुन सिंह काकोड़िया, योगेन्द्र सिंह सहित जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजकुमार खुराना, भाजपा के नगर मण्डल अध्यक्ष संजय सोनी, अभिषेक दुबे, कांग्रेस नगराध्यक्ष इमरान पटेल आदि को उलझाए रखा है। सूत्रों ने कहा कि इन सभी का मौन भी आश्चर्य से कम नहीं माना जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि 12 अप्रैल को जबलपुर में मंगलीपेट निवासी 52 वर्षीय युवक, 75 वर्षीय बरघाट की एक महिला, 70 साल के सिंगोड़ी निवासी एक बुजुर्ग, सिवनी के छिंदवाड़ा रोड निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग, अंबेडकर वार्ड की 54 साल की एक महिला, लोंगिया की 40 साल की एक महिला का प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया है।
सूत्रों की मानें तो इसके अलावा 13 अप्रैल को अजाद वार्ड निवासी एक युवक, सिवनी के ही 52 साल के एक अधेड़, लूघरवाड़ा की 64 वर्षीय महिला, बारापत्थर के एक 50 वर्षीय युवक, शुक्रवारी बाजार के 65 साल के अधेड़, भगत सिंह वार्ड की 54 साल की एक महिला, सिवनी के एक अन्य युवक का अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल के तहत किया गया है।
इतना ही नहीं सूत्रोें ने आगे कहा कि 14 अप्रैल को मंगलीपेठ के एक 63 साल के बुजुर्ग, गोरखपुर के 48 साल के अधेड़ एवं चंदंनवाड़ा की एक 60 साठ साल की महिला का अंतिम संस्कार प्रोटोकाल के तहत किया गया है।
सूत्रों ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया है कि एक साल में सिवनी में मौतों का आंकड़ा 10 से नहीं बढ़ पाया है और अब एक एक कर दो बढ़कर यह शायद 12 पहुंच गया है। सूत्रों ने कहा कि सत्ताधारी दल के प्रतिनिधियों का मौन तो समझ में आता है पर विपक्ष क्यों मौन है यह शोध का विषय है।