जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र को खाली कराकर बनाएं अस्थाई व्यवस्थाएं!

कहां गए जीएनएम में बनाए गए पांच वार्ड! नहीं रहा प्रशासन का बस व्यवस्थाओं पर . . .
(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोरोना कोविड 19 के हालातों के बारे में वस्तु स्थिति को प्रदेश सरकार अथवा प्रदेश स्तरीय अधिकारियों तक जानकारी नहीं पहुंचने पर सिवनी जिले में कोविड के हालात अब सामान्य नहीं माने जा सकते हैं।
उक्ताशय की बात राज्य सचिवाल वल्लभ भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही गई। सूत्रों का कहना था कि सिवनी में जिला स्तरीय व्यवस्थाएं नाकाफी ही मानी जा सकती हैं। इस बारे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान को भी व्यक्तिगत तौर पर लोगों के द्वारा आवगत कराया जा चुका है।
सूत्रों ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर बात का श्रेय लेने की राजनीति चलती दिखती है, जबकि वर्तमान समय सियासत या श्रेय लेने का नहीं है। उन नेताओं जिनके फालोवर्स सोशल मीडिया पर श्रेय लेने की सियासत करते हुए पोस्ट डाली जा रही है उन्हें रोकने की आवश्यकता महसूस हो रही है।

सकारात्मक खबरों का प्रसारण!

सोशल मीडिया पर यह बात जोर शोर से चल रही है कि सकारात्मक खबरों का प्रसारण किया जाए, पर लोगों का कहना यह भी है कि जिम्मेदार अगर गैर जिम्मेदार बने रहेंगे तो कितनी भी सकारात्मकता फैला ली जाए हालात शायद ही बदलें।

माईनस जिला अस्पताल वाले सीएमएचओ!

लगभग डेढ़ दशकों से प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पद पर चाहे जो भी अधिकारी बैठा हो) यही कहते सुने गए हैं कि जिला चिकित्सालय पर उनका कोई जोर नहीं है। इस लिहाज से अब सीएमएचओ का पदनाम बदलकर माईनस जिला चिकित्सालय वाले सीएमएचओ रख दिया जाना चाहिए।
प्रवीण सिंह ने कम समय में कराई थी तैयारियां
यहां यह उल्लेखनीय होगा कि पूर्व जिलाधिकारी प्रवीण सिंह अढ़ायच के द्वारा कम समय में जिला चिकित्सालय सहित अनेक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आदि मेें माकूल व्यवस्थाएं करवा दी थीं। यहां तक कि जिला चिकित्सालय में पुराने प्रसूती वार्ड जो अब पुराना जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र एवं नए जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र में पांच वार्ड तैयार करवाए गए थे। इन वार्ड को न केवल सुसज्जित किया गया था, वरन यहां मरीज भी भर्ती किए गए थे।

अफसर नहीं बदले पर गायब हो गए वार्ड!

यक्ष प्रश्न यही है कि एक साल में सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन के पद पर जो अधिकारी पदस्थ थे वे आज भी उसी पद पर हैं, किन्तु जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के वार्ड गायब हो चुके हैं। सिवनी में कोरोना कर्फ्यू लगे पांच दिन होने के बाद भी अब तक जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के विशाल भवन को न केवल कोरोना के वार्ड बनाने के मार्ग प्रशस्त होते दिख रहे हैं, वरन इस ओर एक कदम भी आगे बढ़ता स्वास्थ्य प्रशासन नहीं दिख रहा है। अस्पताल के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि आंकड़ों की बाजीगरी में उलझाने वाले अधिकारियों के द्वारा प्रशासन को अपने बाहुपाश में इस कदर ले लिया है कि प्रशासन का बस भी अब इन पर नहीं रह गया दिख रहा है।