उत्तर प्रदेश को तीन भागों में बांटने खाका हो चुका है तैयार!

क्या तीन भागों में बांटा जाएगा उत्तर प्रदेश को! . . . 02

योगी आदित्यनाथ को पूर्वांचल तक ही समेटकर रखना चाह रहे भाजपा के शीर्ष नेता!
(लिमटी खरे)

जिस तरह अटल बिहारी वाजपेयी के बाद लाल कृष्ण आड़वाणी उभरकर प्रधानमंत्री के स्वाभाविक दावेदार नजर आ रहे थे, उसी तरह अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की छवि को देखकर यह कहा जा सकता है कि आने वाले आम चुनावों में वे प्रधानमंत्री पद के स्वाभाविक उम्मीदवार हो सकते हैं।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि योगी आदित्य नाथ को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए अब उनका कद कम करने की कवायद की जा रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को तीन हिस्सों अर्थात बुंदेलखण्ड, उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में तोड़कर योगी को पूर्वांचल जैसे छोटे राज्य तक सीमित रखने की कवायद आरंभ हो गई है।

उत्तर प्रदेश में होंगे 20 जिले

प्रशासनिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल पांच संभाग अथवा मण्डल के अलावा 20 जिलों का शुमार किया जा सकता है, इसकी राजधानी लखनऊ को ही रखा जाएगा। इसमें लखनऊ मण्डल के लखीमपुर खीरी, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर एवं उन्नाव, आगरा मण्उल के फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा एवं आगरा, अलीगढ़ मण्डल के अलीगढ़, एटा, हाथरस एवं कासगंज, बरेली मण्डल के बदायूं, पीलीभीत, बरेली, शहजहांपरु एवं कानपुर मण्उल में कानपुर मण्डली से फर्रूखाबाद एवं कन्नोज को लिया जाएगा।

बुंदेलखण्ड में 17 जिले

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि बुंदेलखण्ड में पांच मण्डलों के 17 जिलों को शामिल किया जा सकता है। इसकी राजधानी प्रयागराज को बनाया जा सकता है। इसमें प्रयागराज मण्डल में प्रयागराज, फतेहपुर, कोशम्बी, प्रतापगढ़ जिलों को, चित्रकूट मण्डल में चित्रकूट, हमीरपुर, बांदा, महोबा जिले, झांसी मण्डल में ललितपुर, झांसी, जालौन, मिर्जापुर मण्डल में मिर्जापुर, संत रविदास नगर एवं सोनभद्र तथा कानपुर मण्डल के कानपुर देहात, कानपूर शहर एवं औरैया जिले को शामिल किया जाएगा।

सबसे बड़ा होगा पूर्वांचल!

उत्तर प्रदेश के संभावित विभाजन के संबंध में सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि योगी आदित्य नाथ नाराज न हों इसलिए पूर्वांचल में सबसे ज्यादा 06 संभाग एवं 23 जिलों का शुमार किया जा सकता है। इसकी राजधानी गोरखपुर को ही रखा जा सकता है। इसमें गोरखपुर मण्डल में देवरिया, गोरखपुर, कुशीनजर महाराजगंज, आजमगढ़ मण्डल में आजमगढ़, बलिया व मऊ, बस्ती मण्डल में सिद्धार्थ नगर, संत कबीर नगर, बस्ती, देवीपाटन मण्डल में गोण्डा, बहराईच, बलरामपुर, श्रीवास्ती, अयोध्या मण्डल में अयोध्या, अंबेडकर नगर, अमेठी, बाराबंकी, सुल्तानपुर एवं वाराणसी मण्डल में जौनपुर, वाराणसी, गाजीपुर एवं चंदौली को शामिल किया जा सकता है।

(साई फीचर्स)