दो से अधिक बच्चे, वेतन वृद्धि रूकने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

(ब्यूरो कार्यालय)
जबलपुर (साई)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो से अधिक बच्चे होने पर शिक्षक की वेतन वृद्द्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के मामले में राज्य शासन एवं अन्य से जवाब-तलब किया है। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने राज्य शासन, जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त और अन्य को तीन सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
सिवनी निवासी अखिलेश नेमा की ओर से अधिवक्ता असीम त्रिवेदी, आशीष त्रिवेदी, प्रशांत अवस्थी, अपूर्व त्रिवेदी और अरविंद सिंह चौहान ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति वर्ष 1999 में पंचायत शिक्षाकर्मी के रूप में हुई थी। बाद में उसका पंचायत विभाग के अंतर्गत सहायक शिक्षक के पद पर संलयन कर दिया गया था। वर्ष 2015 में याचिकाकर्ता की एक संतान को उनके भाई ने विधिवत गोद ले लिया था। इसके बाद वर्ष 2018 के जनवरी माह में याचिकाकर्ता की तीसरी संतान हुई। इसी वर्ष 2018 में याचिकाकर्ता का संविलियन शासन के अंतर्गत शिक्षक के कैडर में हो गया। याचिकाकर्ता के अनुसार पंचायत विभाग के आचरण नियम में दो से अधिक संतान होना कोई कदाचरण नहीं था। वर्ष 2018 में शासन के अंतर्गत शिक्षक के कैडर में संविलियन होने के पूर्व याचिकाकर्ता ने तीसरी संतान को जन्म दे दिया था। राज्य सरकार ने याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर दिए बगैर आदेश पारित किया है। कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया। इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से उसके अधिवक्ताओं ने मनमानी के खिलाफ तर्क रखे। साथ ही दस्तावेजी सबूत भी प्रस्तुत किए।