रटे रटाए बहाने हैं बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले में अमान परिवर्तन में विलंब के लिए!

ठेकेदार ने खुद को गोली मार ली, कोरोना के कारण हो रहा विलंब, फंड का अभाव, प्रशासन का नहीं मिल रहा सहयोग जैसे बहाने सिर्फ बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से के लिए बना रहे रेल्वे के अधिकारी!
(लिमटी खरे)


सिवनी (साई)। बारिश में सिवनी जिले में रेल्वे के द्वारा बनाए गए अंडर पास में पानी भर जाने के कारण आवागमन बहुत ज्यादा मुश्किल ही प्रतीत हो रहा है। रेल्वे के ठेकेदार के द्वारा बनाए गए विचलन मार्ग इस कदर फिसलन वाले हो चुके हैं कि दो और चार पहिया वाहन फिसलते ही नजर आते हैं।


चल रही चर्चाओं के अनुसार अमान परिवर्तन का यह काम छिंदवाड़ा, मण्डला और बालाघाट संसदीय क्षेत्र में चल रहा है। इसमें से छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में काम युद्ध स्तर पर जारी है। कमोबेश इसी गति से काम मण्डला संसदीय क्षेत्र के मण्डला और सिवनी जिले के हिस्से में जारी है। पर जब बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से की बारी आती है (जबकि बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन का निवास भी सिवनी में ही है और उनकी कर्मभूमि भी सिवनी ही है) तो रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा अनावश्यक बहाने बाजी की जाकर काम की गति को धीमा (कारण चाहे जो भी हो) कर दिया जाता है।

मण्डला सांसद को बताए बहाने, पर . . .

दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मुख्यालय बिलासपुर के महाप्रबंधक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि मण्डला संसदीय क्षेत्र के सांसद और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के क्षेत्र (मण्डला संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में) काम में विलंब पर जब रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा अनावश्यक बहाने बाजी की गई तो फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा दो टूक शब्दों में तय समय सीमा में काम करने की बात कहे जाने पर रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा रिकार्ड अवधि में भोमा तक के रेल्वे स्टेशन्स पर यार्ड बनाकर मण्डला से नैनपुर के बीच का काम पूरा किया जाकर इस हिस्से को इलेक्ट्रिफाईड कर दिया गया है, बल्कि नैनपुर से केवलारी, कान्हीवाड़ा होकर भोमा तक के हिस्से का सीआरएस भी करवा दिया गया है।


बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले में कछुआ चाल से चल रहा काम!

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑॅफ इंडिया को आगे बताया कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में रेल्वे के द्वारा अमान परिवर्तन के काम को किसी कारण विशेष के कारण बहुत मंथर गति से चलाया जा रहा है। सूत्रों से जब इसका कारण पूछा गया तो सूत्रों का कहना था कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में अब तक तो काम पूरा कर लिया जाना चाहिए था, किन्तु अधिकारियों पर किसी बात का दबाव अवश्य है, जिसके चलते वे अनावश्यक बहाने बाजी करते हुए काम की गति को शिथिल किए हुए हैं।

सांसद को भी गुमराह करने से नहीं चूक रहे अधिकारी!

सूत्रों ने बताया कि रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को भी काम की गति शिथिल रहने के मामले में गुमराह किया जा रहा है। रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को कभी कोरोना, कभी ठेकेदार के द्वारा खुद को गोली मारना, कभी फंड का अभाव तो कभी प्रशासन के सहयोग न मिलने की बात कहकर गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।


यहां तक कि मीडिया से चर्चा के दौरान सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने भी कई मर्तबा इस बात को दोहराया है कि ठेकेदार के द्वारा खुद को गोली मारने के कारण भोमा से सिवनी होकर चौरई का काम विलंबित हुआ है। जबकि हकीकत यह है कि रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को शायद (शायद इसलिए क्योंकि अगर उन्हें पता होता तो वे रेल्वे के अधिकारियों की मश्कें कब से कस चुके होते) यह बताया तक नहीं गया कि जिस ठेकेदार ने खुद को गोली मारी थी उसके द्वारा भोमा से सिवनी होकर चौरई के अलावा ैनपुर से केवलारी, मण्डला से चिरई डोंगरी, लामटा से समनापुर, चौरई से सिवनी आदि का काम लिया गया था। इसमें से चौरई से सिवनी को छोड़कर शेष हिस्सों में काम न केवल पूरा हो चुका है, वरन वहां रेल चलना भी आरंभ हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के द्वारा जनप्रतिनिधियों को भरमाने (कारण चाहे जो भी हो) में कोई कसर नहीं रख छोड़ी जा रही है।


कई जगह लिया था ठेकेदार ने काम, बहाना बना रहे अधिकारी

वहीं, रेल्वे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जिस ठेकेदार के द्वारा छिंदवाड़ा जिले के चौरई से सिवनी तक का काम लिया गया था उसके द्वारा आत्महत्या किए जाने से दुबारा निविदा बुलानी पड़ी जिससे काम पर असर हुआ है, की बात से जनता और जनप्रतिनिधियों को संतुष्ट किया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि उसी ठेकेदार जिसके द्वारा आत्म हत्या की गई थी ने नैनपुर से केवलारी, मण्डला से चिरई डोंगरी, लामटा से समनापुर, चौरई से सिवनी आदि का काम लिया गया था। इसमें से चौरई से सिवनी को छोड़कर शेष हिस्सों में काम न केवल पूरा हो चुका है, वरन वहां रेल चलना भी आरंभ हो चुका है। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों के द्वारा जनप्रतिनिधियों को भरमाने (कारण चाहे जो भी हो) में कोई कसर नहीं रख छोड़ी जा रही है।


अनावश्यक बहानेबाजी जारी!

रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में मंथर गति से काम करने पर अनावश्यक बहानेबाजी की जा रही है। सबसे पहले रेल्वे के अधिकारियों के द्वारा समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान यह कहा गया कि इस हिस्से का काम करने वाले ठेकेदार ने आत्म हत्या कर ली थी इसलिए काम में विलंब हो रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सिवनी के इस हिस्से के अलावा उसी ठेकेदार के द्वारा मण्डला संसदीय क्षेत्र में भी चार हिस्सों में काम लिया गया था जो अब पूरा हो चुका है।


इसके बाद रेल्वे के अधिकारियों के अधिकारियों के द्वारा कोरोना काल और लॉक डाऊन की बात कही गई। जब समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा कोरोनाकाल और लॉक डाऊन में मण्डला और छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र में काम किए जाने की बात कही गई तो अधिकारी निरूत्तर हो गए।

यह सही है कि सिवनी से चौरई के बीच कुछ जगहों पर अंडरपास में पानी भरा है और विलचन मार्ग भी कीचड़ युक्त हो गए हैं। पानी इसलिए भरा है क्योंकि पानी निकालने वाले पाईप में मिट्टी भर गई है। हम स्वयं मौके पर जाकर पानी निकलवाने की व्यवस्था करते हैं।
दिनेश कुमार छावडा,
सीनियर सेक्शन इंजीनियर.

सिवनी के पास एक अंडरपास में पानी भरा है। वहां से आवागमन हो ही नहीं रहा है, इसलिए किसी तरह की समस्या की बात नहीं है। बारिश में इस तरह की समस्याएं तो आएंगी ही। कोशिश होगी कि सिवनी के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मनीष लावणकर,
डिप्टी एसई, नैनपुर.