।।जला क्या है कुछ भी तो नहीं।।

उस रोज जब मेरे घर में
आग लगी थी
सबने पूछा, क्या जला
क्या जलकर रख हो गया
बस मेरा दोस्त था
जिसने पूछा बचा क्या है
मैंने कहा सिर्फ मैं
वह मुस्कुराकर बोला
पगले फिर जला क्या है
कुछ भी तो नहीं
चल फिर से
एक अनंत दुनिया का निर्माण करेंगे
जो जल गया क्या उसके लिए
रो – रो मरेंगें!!

० आशीष मोहन
9406706752