. . . तो नाकारा अधिकारियों की फौज को बदलने की सिफारिश करें सांसद!

गहरानाला पुल एक साल से अधिक समय से तैयार, नहीं डल पाई पटरियां, सारे परेशानियां भोमा से सिवनी होकर चौरई के रेलखण्ड में आखिर क्यों! आखिर क्यों झूठ बोल रहे रेल अधिकारी!
(अखिलेश दुबे)


सिवनी (साई)। मण्डला लोकसभा क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में अमान परिवर्तन का काम पूरी शिद्दत से किया जाता है पर जैसे ही बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में रेल अधिकारी प्रवेश करते हैं वैसे ही काम न करने के सारे के सारे बहाने, व्यवधान उसके समक्ष खड़े दिखाई देते हैं। रेल अधिकारियों और ठेकेदार की इस तरह की हरकतों के कारण सिवनी के नागरिकों में रोष और असंतोष पनपता दिख रहा है।


दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे मुख्यालय बिलासपुर के महाप्रबंधक कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि जबलपुर से घंसौर होकर नैनपुर, मण्डला से नैनपुर, नैनपुर से बालाघाट, नैनुपर से सिवनी होकर चौरई, छिंदवाड़ा से चौरई तक के काम को समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश रेल्वे मुख्यालय के द्वारा दिए गए थे।


यहां यह उल्लेखनीय होगा कि नैनपुर से घंसौर होकर जबलपुर, नैनपुर से बालाघाट, नैनपुर से केवलारी, पलारी कान्हीवाड़ा होकर भोमा, छिंदवाड़ा से चौरई, नैनपुर से मण्डला के बीच काम बहुत ही द्रुत गति से किया गया।


दो सिरों से हो रहा है काम!

इस मामले में जब ब्राडगेेज संघर्ष समिति के द्वारा 27 अगस्त को रेल्वे के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा, उस वक्त रेल्वे के निर्माण काम को देख रहे डिप्टी एसई मनीष लावणकर के द्वारा उपस्थित लोगों से कहा गया कि दो सिरों से काम चल रह है। एक सिरा नैनपुर है तो दूसरा सिरा, छिंदवाड़ा। इन दोनों ही सिरों में छिंदवाड़ा से चौरई और नैनपुर से भोमा तक का काम पूरा हो चुका है।

नैनपुर से मण्डला कौन सा सिरा!

रेल्वे के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान आगे कहा कि रेल्वे के अधिकारी सरासर झूठ ही बोल रहे हैं। नैनपुर से भोमा तक का काम तो समझ में आता है। पर नैनपुर से मण्डला का ट्रेक तो बिल्कुल ही अगल है। वह किस सिरे के तहत समय सीमा में पूरा कर लिया गया!

साल भर से चल रही टेस्टिंग

रेल्वे के डिप्टी एसई मनीष लावणकर ने ब्राडगेज संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप सिंह बैस को बताया गया कि सिवनी और भोमा के बीच गहरा नाला पुल की अभी टेस्टिंग चल रही है जिसके कारण वहां पटरी नहीं डाली गई है। जब उनसे यह पूछा गया कि साल भर से क्या सिर्फ टेस्टिंग ही चल रही है! इस प्रश्न के जवाब में वे भी बगलें झांकते ही नजर आए।

बदला जाए इस तरह के अधिकारियों को

वहीं लोगों का मानना है कि अगर ठेकेदार से अधिकारी काम नहीं ले पा रहे हैं तो बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को चाहिए कि वे रेल्वे के निर्माण कार्य में लगे उन नाकारा अधिकारियों का तबादला करने की सिफारिश करें ताकि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में तेज गति से काम हो सके।

आप लोगों को पता नहीं कैसे लगता है कि बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में काम तेज गति से नहीं हो पा रहा है। ठेकेदार काम तेज गति से नहीं कर रहा है इसलिए उसे पत्र जारी किया है। गहरानाला में परीक्षण चल रहा है। परीक्षण के उपरांत वहां पटरी बिछाई जाएगी।
मनीष लावणकर,
डिप्टी एस.ई, रेल्वे,
नैनपुर
(क्रमशः जारी)