पत्रकारों की स्वतंत्रता बरकरार रखने के लिये नहीं बना सकते अलग व्यवस्था! : सुको

नमस्कार, ये समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया है। अब आप साई न्यूज की समाचार श्रृंखला में सुनिये बुधवार 08 सितंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन.
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जानकारों के द्वारा सितंबर माह में देश में कोविड 19 की तीसरी लहर आने की आशंकाएं महीनों पहले ही जाहिर कर दी गईं थीं, देश के कुछ राज्यों में सितंबर माह में जिस तेज गति से मरीज मिलने का सिलसिला आरंभ हुआ है उसे देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा कि उनकी आशंकाएं निर्मूल नहीं थीं।
10 सितंबर से आरंभ होने जा रहे गणेशोत्सव के बीच मुंबई में एक बार फिर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। बीएमसी की मेयर किशोरी पेडनेकर ने तो यहां तक कह दिया है कि मुंबई में तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है। सितंबर के पहले हफ्ते में मुंबई में कोरोना के कुल मामलों में लगभग 18 प्रतिशत की बढ़ौत्तरी हुई है। पिछले हफ्ते के दौरान यहां 2,939 नए मामले सामने आए हैं। अगस्त के पहले हफ्ते से इसकी तुलना करें तो यह आंकड़ा लगभग 18 प्रतिशत ज्यादा है। 01 अगस्त से 07 अगस्त के बीच मुंबई में 2,413 नए मामले सामने आए थे।
बीएमसी ने चेताया है कि अगले 15 दिन बहुत अहम साबित होने वाले हैं। बीएमसी ने गणेशोत्सव के दौरान गणेश पंडालों में भक्तों के जाने पर पाबंदी लगा दी है। नागपुर में भी कोरोना का खतरा लगातार बढ़ रहा है, यहां भी दुकानों के खोलने के समय में बदलाव किया गया है। अब यहां सिर्फ 04 बजे शाम तक ही दुकानें खुलेंगी।
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एक ओर किसान तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में अभी भी आंदोलन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार रोज नई-नई घोषणाओं से उन्हें यह भरोसा दिला रही है कि किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं होगा। सरकार की ओर से ताजा कदम यह उठाया गया है कि केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के लिए मंजूरी दे दी है। पिछले सीजन के एम.एस.पी. के मुकाबले इसमें इजाफा किया गया है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने लिया। कृषि मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार ने आरएमएस 2022-23 के लिए रबी फसलों की एम.एस.पी. में इजाफा कर दिया है, ताकि किसानों को उनके उत्पादों की लाभकारी कीमत मिल सके।
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उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह नहीं चाहता कि प्रेस की स्वतंत्रता कुचली जाए लेकिन वह पत्रकारों के लिए एक अलग व्यवस्था नहीं बना सकता, जिससे वे अपने विरूद्ध दर्ज प्राथमिकियों को रद्द कराने के लिए सीधे उसके पास आ सकें।
उच्चतम न्यायालय ने द वायर के तीन पत्रकारों को दो माह का संरक्षण देते हुए यह टिप्पणी की। पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश में उनके विरूद्ध दर्ज प्राथमिकियों को रद्द कराने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।
उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एल.नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बी.आर.गवई और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि प्राथमिकियां रद्द कराने के लिए उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पास जाना होगा।
पीठ ने कहा, आप उच्च न्यायालय के पास जाइए और प्राथमिकियां रद्द करने का अनुरोध कीजिए। हम आपको अंतरिम राहत देंगे।
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झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए अलग कमरे के आवंटन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ने लगे तो पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग करके, उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद लाठीचार्ज कर दिया। इसमें भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश की बांह में चोट लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मुझे भी मारने का प्रयास किया गया लेकिन मेरी सुरक्षा में लगे जवानों ने बचा लिया। हेमंत सोरेन की सरकार विपक्ष की आवाज को कुचलना चाहती है।
मरांडी ने कहा कि सरकार नियोजन नीति, बेरोजगारी, बेकारी पर चर्चा नहीं करना चाहती है। कार्यमंत्रणा समिति में निर्णय के बाद भी सरकार इससे भाग रही है। संविधान इसकी अनुमति नहीं देता है। इसके बावजूद धर्म विशेष के लिए कमरा आवंटित किया गया है।
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तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जा करने के एक महीने से भी कम समय के बाद, मंगलवार को एक नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया। इसके बाद से दुनिया के कई नेता हैरान हैं कि वे तालिबान के साथ कैसे रिश्ते रखें। तालिबान के सर्वाेच्च नेता हैबतुल्लाह अखुंदज़ादा ने अपने पहले सार्वजनिक बयान में यह स्पष्ट किया, भविष्य में, अफगानिस्तान में शासन और जीवन के सभी मामलों को पवित्र शरिया के कानूनों द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।
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उत्तराखंड में मौजूदा राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना स्तीफा भेज दिया है। उत्तराखंड की राज्यपाल के तौर पर वे तीन वर्ष पूरे कर चुकीं हैं। दो दिन पहले गृह मंत्री अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद से ही बेबी रानी मौर्य के स्तीफा देने की चर्चाएं चल ही थीं। माना जा रहा है कि उन्हें उत्तर प्रदेश चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कोई बड़ी जिम्मेदारी देने के मूड़ में है तभी उनसे स्तीफा लिया गया।
बेबी रानी मौर्य ने 1990 के दशक की शुरुआत में भारतीय जनता पार्टी की सदस्य के तौर पर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। उनके पति प्रदीप कुमार मौर्य पंजाब नेशनल बैंक में अधिकारी रहे हैं। 1995 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की टिकिट पर आगरा नगर निगम का चुनाव लड़कर जीत हासिल की और महापौर बनीं। वे आगरा की महापौर बनने वाली पहली महिला थीं। 2000 तक इस पद पर काबिज रहीं। इस दौरान वे खासी चर्चाओं में रहीं थीं।
1997 में उनको भारतीय जनता पार्टी की अनुसूचित जाति (एससी) शाखा की पदाधिकारी नियुक्त किया गया था। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तब इस एससी विंग के अध्यक्ष थे। 2001 में उन्हें उत्तर प्रदेश सामाजिक कल्याण बोर्ड का सदस्य बनाया गया। उन्होंने 2005 तक आयोग की सदस्य के रूप में कार्य किया। भारतीय जनता पार्टी ने 2007 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एत्मादपुर सीट से उनको टिकिट दिया। हालांकि, इस चुनाव में वे हार गईं।
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समाचारों के बीच में हम आपको यह जानकारी भी दे दें कि मौसम के अपडेट जानने के लिए समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के चैनल पर प्रतिदिन अपलोड होने वाले वीडियो अवश्य देखें। मौसम से संबंधित अपडेट मूलतः किसानों, निर्माण कार्य, यात्रा या समारोह आदि के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा अब तक मौसम के जो पूर्वानुमान जारी किए गए हैं, वे 95 से 99 प्रतिशत तक सही साबित हुए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि सशस्त्र बल देश में एक बहुत ही सम्मानजनक बल हैं, लेकिन उन्हें बलों में लैंगिक समानता की दिशा में और अधिक करने की आवश्यकता है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उसे उम्मीद है कि रक्षा बल उस महत्वपूर्ण भूमिका को महत्व देंगे जो महिलाएं निभा रही हैं। इस पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में लड़कियों को शामिल करने की अनुमति देने का फैसला कर लिया गया है। केंद्र का कहना है कि तीन सेना प्रमुखों से सलाह मशविरा करने के बाद यह फैसला लिया गया है।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह जानकर बेहद खुशी हुई कि सशस्त्र बलों ने स्वयं महिलाओं को एनडीए में शामिल करने का निर्णय लिया है। केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि केंद्र ने तीन सेवा प्रमुखों के साथ विचार-विमर्श के बाद कल यह फैसला किया।
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देश में चल रहे कोरोना वायरस के विरूद्ध टीकाकरण अभियान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। सुप्रीम कोर्ट ने घर-घर जाकर टीकाकरण को लेकर आदेश देने से इन्कार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि देश की विविध स्थितियों को देखते हुए घर-घर जाकर कोरोना का टीकाकरण करना संभव नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल टीकाकरण सही तरीके से चल रहा है, ऐसे में हम मौजूदा टीकाकरण नीति को समाप्त करने के लिए अलग से एक सामान्य आदेश पारित नहीं कर सकते।
सुप्रीम कोर्ट ने विकलांगों और समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के लिए डोर-टू-डोर कोरोना वैक्सीन की मांग करने वाले वकीलों के निकाय की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।
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आप सुन रहे थे समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज की समाचार श्रृंखला में शरद खरे से बुधवार 08 सितंबर का राष्ट्रीय ऑडियो बुलेटिन। बृहस्पतिवार 09 सितंबर को एक बार फिर हम ऑडियो बुलेटिन लेकर उपस्थित होंगे, आपको ये ऑडियो बुलेटिन यदि पसंद आ रहे हों तो आप इन्हें लाईक, शेयर और सब्सक्राईब अवश्य करें। अभी आपसे अनुमति लेते हैं, जय हिन्द।
(साई फीचर्स)