समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के प्रयासों पर लगी मुहर

सिवनी कटंगी के रेलमार्ग के लिए होने लगे संजीदगी से प्रयास, सिवनी से बरघाट, धारना, आष्टा होकर कटंगी के 90 किलोमीटर के प्रस्ताव को रेलवे ने किया खारिज, सिवनी कटंगी जुड़ने से रेलसुविधओं के मामले में सिवनी हो जाएगा समृद्ध
(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। मध्य प्रदेश का सिवनी जिला जल्द ही रेल सेवाओं के मामले में समृद्ध होने वाला है। इसका कारण सिवनी से लगातार ही रेलमंत्री, प्रधानमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष आदि को समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की खबरों के लिंक आदि सोशल मीडिया के जरिए भेजा जाना है।


रेल भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सिवनी से कटंगी रेलखण्ड की तानाबाना उस समय बुनना आरंभ हुआ जब केंद्र में मनोज सिन्हा (वर्तमान राज्यपाल जम्मू काश्मीर) रेल राज्य मंत्री हुआ करते थे। उस दौरान सिवनी मूल के एक चिकित्सक जो बनारस हिमिें हैं, उनके द्वारा मनोज सिन्हा से चर्चा कर सिवनी जिले में प्रस्तावित अमान परिवर्तन के संबंध में चर्चा कर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा 2015 में प्रसारित किए गए समाचारों जिनमें उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने के लिए जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, सिवनी, के प्रस्तावित रेलखण्ड के साथ ही सिवनी से कटंगी सिर्फ 50 किलोमीटर अतिरिक्त रेलखण्ड अगर बना दिया जाता है तो कटंगी से तिरोड़ी होकर नागपुर तक का एक नया ट्रेक तैयार हो जाता है, को मनोज सिन्हा से आवगत कराया था। उसी दौरान मनोज सिन्हा के द्वारा रेल विभाग के आला अधिकारियों को सिवनी से कटंगी के हिस्से में नई रेल लाईन बनाने के प्रस्ताव का परीक्षण करने के आदेश दिए थे।
सूत्रों ने बताया कि 2015 से ही इस मामले में लिखापढ़ी जारी है। इसी बीच जून 2015 में इटारसी मे रूट रिले इंटरलाकिंग सिस्टम जलकर खाक होने के बाद जबलपुर से बालाघाट गोंदिया होते हुए एक प्रथक ट्रेक को जल्द से जल्द पूरा कराने का प्रयास किया गया था, क्योंकि अगर इस तरह की आपात स्थिति कभी पैदा होती है तो उत्तर भारत से दक्षिण भारत के बीच रेल सुविधाएं प्रभावित न हो पाएं।
नागपुर से तुमसर होकर गोंदिया डलेगी तीसरी लाईन
सूत्रों ने यह भी बताया कि जबलपुर से नैनपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा के रास्ते नागपुर का ट्रेक अपेक्षाकृत लंबा है। इसके साथ ही नागपुर से कोलकता का रेल्वे ट्रेक सबसे ज्यादा व्यस्त होने के कारण नागपुर से गोंदिया होकर रायपुर तक तीसरी लाईन डालने पर भी रेलवे विचार कर रहा है।
सूत्रों की मानें तो इन परिस्थितियों में उत्तर भारत से दक्षिण भारत जाने वाली सवारी और माल गाड़ियों को जबलपुर से नैनपुर, सिवनी, कटंगी तिरोड़ी, तुमसर (नागपुर गोंदिया मेन लाईन पर) के रास्ते नागपुर ले जाया जाएगा। इस तरह अनेक रेलगाड़ियों को सिवनी से होकर गुजारा जाएगा। सिवनी में रेलवे स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलेगी इसलिए सिवनी का स्टापेज बनाया ही जाएगा।

सांसदों ने दिए थे प्रस्ताव

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को यह भी बताया कि कटंगी से सिवनी को जोड़ने के लिए पूर्ववर्ती सांसदों के द्वारा कटंगी से गंगेरूआ, आष्टा, धारना, बरघाट के रास्ते सिवनी रेल लाईन बिछाने के प्रस्ताव दिए थे। यह दूरी लगभग 90 किलोमीटर आ रही थी। रेलवे के अधिकारियों ने नक्शे पर ही सब कुछ देखा जाकर इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया गया। रेल मंत्रालय के सूत्रों ने यह भी कहा कि सिवनी के सांसद सिवनी को रेल सुविधाओं से समृद्ध करने के बजाए बरघाट और आसपास के क्षेत्र को समृद्ध करना चाह रहे थे, पर रेलवे के द्वारा कम दूरी, कम लागत, ज्यादा लाभ को आधार मानकर काम किया जाता है।

मनोज सिन्हा के कार्यकाल का प्रस्ताव चढ़ता दिख रहा परवान

सूत्रों ने यह भी बताया कि छिंदवाड़ा से सिवनी होकर नैनपुर, मण्डला फोर्ट में मेगा ब्लाक लगाए जाने के साथ ही सिवनी से कटंगी को जोड़ने के समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की खबरों को ही आधार मानकर सर्वेक्षण आरंभ कराने की मंशा रेलवे के अधिकारियों की थी। अधिकारियों का मत था कि नैनपुर से केवालरी, कान्हीवाड़ा, भोमा होकर सिवनी के रेलखण्ड के पूरा होने के उपरांत सिवनी से कटंगी को जोड़ने की कार्ययोजना पर काम किया जाता। विडम्बना ही कही जाएगी कि भोमा से सिवनी के रेलखण्ड का काम समय सीमा में पूरा नहीं (कारण चाहे जो भी हो) हो पाने के कारण सिवनी कटंगी का मसला अभी अधर में ही दिख रहा है।

ब्रासंस कर रही प्रयास

यहां यह उल्लेखनीय होगा कि प्रदेश कांग्रेस सचिव अनूप सिंह बैस की अध्यक्षता वाली ब्राडगेज संघर्ष समिति के द्वारा बालाघाट, मण्डला और सिवनी जिले में रेल सुविधाओं के मामले में लगातार ही प्रयास किए जा रहे हैं। रेल सुविधाओं से समृद्ध करने में ब्रासंस के द्वारा किए गए प्रयासों की नागरिक तारीफ भी करते नजर आ रहे हैं।