. . . तो सिवनी से होकर गुजरेगी राजधानी एक्सप्रेस!

फिलहाल रायपुर राजधानी को घंसौर के रास्ते मिल सकती है जगह, सांसद अगर संजीदा हों तो बहुत जल्द फिर सकती है सिवनी की किस्मत, मण्डला सांसद ने तो कर दिया काम, अब दारोमदार बालाघाट सांसद पर
(रश्मि सिन्हा)

नई दिल्ली (साई)। सिवनी जिले के दो सांसद अगर मिलकर ठान लें तो सिवनी से होकर राजधानी एक्सप्रेस गुजरने में देर नहीं लगने वाली . . .! वैसे अमान परिवर्तन के काम में मण्डला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने तो अपनी जवाबदेही का निर्वहन ईमानदारी से कर दिया, अब बारी बालाघाट सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन की है। अब सारा दारोमदार बालाघाट के सांसद पर ही है।
उक्ताशय की बात नई दिल्ली स्थित रेल भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही। सूत्रों ने कहा कि भोपाल से इटारसी होकर नागपुर एवं नागपुर से रायपुर वाले रेलखण्ड पर यातायात का दबाव बहुत ज्यादा होने के कारण कुछ रेलगाड़ियों के लिए शार्टेस्ट रूट (कम से कम दूरी वाले रेल मार्ग) खोजे जा रहे हैं।

जबलपुर, बालाघाट से गुजर सकती है राजधानी एक्सप्रेस

सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि नई दिल्ली से आगरा, झांसी, भोपाल, नागपुर, गोंदिया, रायपुर के रास्ते बिलासपुर जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस 12441 / 12442 को अब जबलपुर से घंसौर, नैनपुर, बालाघाट से गोंदिया का रेलखण्ड पूरा होने के कारण नई दिल्ली से आगरा, झांसी, भोपाल, इटारसी, जबलपुर, घंसौर, नैनपुर, बालाघाट से गोंदिया, रायपुर होते हुए बिलासपुर ले जाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। इससे इटारसी से नागपुर होकर गोंदिया मार्ग पर अप व डाऊन दोनों दिशाओं की एक एक रेलगाड़ी कम हो जाएगी।

. . . तो चलने लगती सिवनी से राजधानी एक्सप्रेस!

रेल भवन के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि सिवनी जिले के दोनों (मण्डला एवं बालाघाट) के सांसद अगर ईमानदारी से पहल करते या भविष्य में करें तो जिला मुख्यालय सिवनी से होकर राजधानी एक्सप्रेस भी गुजर सकती है। सूत्रों का कहना था कि नैनपुर से सिवनी के बीच अगर भोमा से सिवनी के बीच के महज 18 किलोमीटर के रेलखण्ड का निर्माण समय सीमा (जो लगभग एक साल विलंब से चल रहा है) में करवा लिया जाकर इसे विद्युतीकृत कर दिया जाता तो आज सिवनी के विकास के द्वार कब से खुल चुके होते।
सूत्रों ने कहा कि इन परिस्थितियों में रेल्वे के द्वारा झांसी, बीना, भोपाल से इटारसी, बैतूल, नागपुर के रास्ते में यातायात का दबाव कम करने के लिए नई दिल्ली से चेन्नई 12433 / 12434, नई दिल्ली से बंग्लुरू राजधानी एक्सप्रेस 12691 / 12692, नई दिल्ली से हैदराबाद राजधानी एक्सप्रेस 12437 / 12438 को भी नई दिल्ली से आगरा, झांसी, मानिकपुर, इलहाबाद, कटनी, जबलपुर, घंसौर, नैनपुर, के रास्ते सिवनी, कटंगी, तिरोड़ी होते हुए नागपुर एवं उसके बाद इन रेल गाड़ियों को आगे गंतव्य तक भेज दिया जाता।
सूत्रों ने बताया कि रेलवे में सवारी गाड़ियों के परिचालन में तेजस को पहली प्राथमिकता, शताब्दी, राजधानी एक्सप्रेस को दूसरी प्राथमिकता के उपरांत दुरंतो, संपर्क क्रांति आदि सवारी गाड़ियों को तीसरी एवं उसके बाद जिन रेलगाड़ियों के नंबर पहले 2 अब 12 से आरंभ होते हैं वे रेल गाड़ियां रेलवे बोर्ड के द्वारा मानीटर की जाने वाली मानी जाती हैं, को प्राथमिकता दी जाती है।
सूत्रों ने बताया कि झांसी से मानिकपुर, इलाहाबाद, कटनी होकर जबलपुर के रेलखण्ड पर यातायात का दबाव अपेक्षाकृत कम होने से प्राथमिकता वाली इन रेलागाड़ियों का परिचालन इस रेलखण्ड से किया जा सकता है। इन संभावनाओं पर भी रेल मंत्रालय एवं रेलवे बोर्ड विचार कर रहा है।

मण्डला सांसद ने की जवाबदेही पूरी, अब बालाघाट सांसद की बारी!

सूत्रों ने बताया कि मण्डला के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र विशेषकर मण्डला संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में अमान परिवर्तन का काम शत प्रतिशत पूरा करवा दिया गया है। अब विद्युतीकरण ही यहां बाकी रह गया है, वह भी 2022 में मार्च तक पूरा होने की उम्मीद है।
सूत्रों की मानें तो बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में अधिकारियों और ठेकेदार को पता नहीं काम करने में बुखार क्यों आ रहा है। यहां काम को पेटी, लोटा, गिलास, चम्मच आदि में लेने के फिकरे भी रेलवे में जमकर कसे जा रहे हैं। बालाघाट संसदीय क्षेत्र के सिवनी जिले के हिस्से में भोमा से सिवनी होकर चौरई का काम कब पूरा होगा यह कहना बहुत ही मुश्किल है। जब तक भोमा से सिवनी के बीच का काम पूरा नहीं होता और यहां विद्युतीकरण नहीं होता तब तक सिवनी से होकर सवारी गाड़ियों का गुजरना दिवा स्वप्न ही माना जा सकता है।