क्या भाजपा को दो फाड़ करना चाहते हैं एनएचएआई के अफसर!

किस गुप्त एजेंडे के तहत मीडिया को लोकार्पण की जानकारी से रखा महरूम! भाजपा के दोनों विधायक एवं जिलाध्यक्ष की उपेक्षा से बढ़ सकती हैं दरारें!
(सादिक खान)


सिवनी (साई)। मोहगांव से खवासा के बीच के हिस्से में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा बनाई गई नई एलीवेटिड सड़क के लोकार्पण का कार्यक्रम जिस गुप्त तरीके से एनएचएआई के अधिकारियों के द्वारा कराया गया, उसको लेकर तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गर्मा गया है। सत्ताधारी भाजपा के नुमाईंदों सहित मीडिया को भी इस बात की भनक न लगने देना अपने आप में आश्चर्य का ही विषय माना जाएगा।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र और राज्य में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में है। इसके पहले जब भी कार्यक्रम हुआ करते थे, उस दौरान मण्डल अध्यक्षों तक को मंच पर जगह मिला करती थी, पर यह पहला मौका होगा जब भाजपा के जिलाध्यक्ष का नाम भी आमंत्रण पत्र में लिखना भी एनएचएआई के अधिकारियों ने मुनासिब नहीं समझा।
वहीं, सिवनी जिले भर में चल रही चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाए तो मोहगांव से लेकर खवासा और बंजारी घाट के हिस्से में वन विभाग के अडंगे को हटवाने के लिए जनमंच नामक एक गैर राजनैतिक संस्था का गठन किया गया था। अंग्रेजी के मशहूर शिक्षक संजय तिवारी और उनके सहयोगी भोजराज मदने के द्वारा सिवनी की फोरलेन में फंसे सारे फच्चर को हटवाने के लिए अपने स्तर पर जो भी प्रयास संभव हो सके उनके द्वारा किए गए। यहां तक कि सर्वोच्च न्यायालय में भी संजय तिवारी और भोजराज मदने के द्वारा लंबी लड़ाई लड़ी गई।
सिवनी जिले में फोरलेन की इस लड़ाई में केवलारी के वर्तमान भाजपा विधायक राकेश पाल सिंह का भी विशेष योगदान रहा। वहीं, दूसरी ओर लखनादौन जनमंच के प्रणेता रहे वर्तमान भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन को भी एनएचएआई के द्वारा जिले के महत्व वाले इस कार्यक्रम में महत्व देना मुनासिब नहीं समझा।
भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि एनएचएआई में जरूर कोई सियासी बुद्धि वाला अधिकारी बैठ गया है, जिसके द्वारा मोहगांव से खवाास के मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम में बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन और बरघाट के कांग्रेस के विधायक अर्जुन सिंह काकोड़िया को तो पूरी तवज्जो दी गई, पर जब बात जिले की सिवनी विधान सभा सीट के विधायक दिनेश राय, केवलारी के विधायक राकेश पाल सिंह सहित जनमंच सिवनी के संजय तिवारी, भोजराज मदने एवं लखनादौन जनमंच के सदस्यों को इसका श्रेय देने की आई तो इस ओर से अफसरों ने कन्नी काट ली गई।
उक्त नेता का कहना था कि बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन बहुत ही सरल हृदय के हैं, हो सकता है अधिकारियों के द्वारा उन्हें बरगलाकर ही इस तरह का काम किया गया हो कि सिवनी जिले में भाजपा दो फाड़ होने की कगार पर आकर खड़ी हो जाए। सांसद को पूरी तवज्जो देने और दो विधायक, जिलाध्यक्ष को भाव न देने से आपस में कहीं न कही मनभेद या मतभेद पैदा होना स्वाभाविक ही है। हालात तो इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि कहीं न कहीं अधिकारी भी किसी के इशारे पर गुप्त एजेंडे के तहत ही चुने हुए प्रतिनिधियों की सार्वजनिक तौर पर उपेक्षा कर रहे हैं।
उक्त नेता ने कहा कि अब जबकि यह सब हो चुका है तब बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को चाहिए कि वे भूतल परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को एक पत्र लिखकर अधिकारियों के द्वारा की गई इस गलति को आवगत कराते हुए एनएचएआई का परियोजना निदेशक का कार्यालय (जो पहले सिवनी में ही हुआ करता था) को सिवनी में खुलवाने की पुरजोर वकालत करते हुए पीडी छिंदवाड़ा और क्षेत्रीय अधिकारी भोपाल के तबादलों या उनके मूल विभाग में वापस भेजने की बात जरूर कहें।