देश में सबसे महंगा पेट्रोल बिक रहा सिवनी में!

पीसीसी सचिव राजा बघेल की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट हो रही जमकर वायरल
(अखिलेश दुबे)


सिवनी (साई)। सिवनी जिले में सक्रिय विपक्ष की भूमिका कांग्रेस के दो नेता निभाते दिख रहे हैं। इनमें एक हैं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव राजा बघेल और दूसरे नेता के रूप में जिनका नाम उभरकर सामने आ रहा है वे हैं अल्प संख्यक मोर्चे की जिला इकाई के अध्यक्ष राजा खान मुबीन।
शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश सचिव राजा बघेल के द्वारा सोशल मीडिया फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर की गई। इस पोस्ट में खास बात यह थी कि देश भर में सबसे महंगा पेट्रोल अगर कहीं बिक रहा है तो वह मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में। इस पोस्ट को डालते ही यह जमकर वायरह होने लगी।
जिला कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि जिला कांग्रेस के नेताओं विशेषकर प्रवक्ताओं आदि को इंटरनेट फ्रेंडली होना चाहिए और दिन भर विभिन्न खबरों पर नजर बनाए रखना चाहिए। अगर जिला कांग्रेस के नेता या प्रवक्ता इंटरनेट फ्रेंडली होते तो निश्चित तौर पर इस खबर को लेकर केंद्र या प्रदेश सरकार सहित जिले में भाजपा के सांसदों या विधायकों को घेरने का जतन जरूर करते किन्तु स्थानीय मामलों को लेकर कांग्रेस पूरी तरह मौन रहती है।
उक्त पदाधिकारी ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष मुबीन खान के द्वारा पूरी सक्रियता के साथ कांग्रेस का झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन आदि किया जाता है पर संभवतः उनकी यह सक्रियता जिला स्तर के कुछ पदाधिकारियों को रास नहीं आ रही है एवं संभवतः इसी के चलते उन्हें भी जिला संगठन के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसे लेकर कार्यकर्ताओं में रोष और असंतोष बना हुआ है।
बहरहाल, राजा बघेल के द्वारा जो पोस्ट डाली गई थी उसके अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों के ग्राफ का ऊपर चढ़ना जारी है। तेल कंपनियों ने तीन दिनों में दूसरी बार पेट्रोल की कीमतों में इजाफा किया है। जबकि, सात दिनों में यह पांचवां मौका है जब डीजल के दामों में बढ़त दर्ज की गई है। तेल कीमतों को प्रभावित करने वाले क्रूड ऑयल की कीमत में कमी आने के बाद भी ईंधन के दाम कम होने में लंबा वक्त लग गया। इससे उलट क्रूड की कीमतें बढ़ने के महज तीन दिन बाद ही पेट्रोल फिर महंगा हो गया था। केंद्र ने गुरुवार को प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी 62 फीसदी का इजाफा किया है।
आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए, तो सबसे महंगा पेट्रोल मध्य प्रदेश (सिवनी में 113.28 रुपये प्रति लीटर) और राजस्थान (श्रीगंगानगर में 113.01 रुपये प्रति लीटर) में बिक रहा है। हालांकि, ऐसे राज्यों की संख्या कम ही है, जहां प्रमुख शहरों में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमतें सैकड़ा के नीचे चल रही हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल और आंध्र प्रदेश का नाम शामिल है। स्थानीय करों के आधार पर कीमतें राज्यों में अलग-अलग होती हैं। फिलहाल, आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमत सबसे कम 87.24 रुपये प्रति लीटर है।
जुलाई और अगस्त के बीच क्रूड ऑयल की कीमतें 4 डॉलर प्रति बैरल कम हुई थी। इसके बाद पेट्रोल के दाम 65 पैसे प्रति लीटर कम होने में 50 दिनों का समय लग गया। जबकि, अब कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा दर्ज किया जा रहा है, तो पेट्रोल तीन दिनों में ही 45 पैसे प्रति लीटर बढ़ गया है। 17 जुलाई से 5 सितंबर तक क्रूड आयल की कीमतें कम होने के बाद पेट्रोल चार बार सस्ता हुआ, लेकिन इस दौरान भी कई राज्यों में कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा ही रही।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः 25 पैसे और 30 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद गुरुवार को इनकी कीमतें देश भर में रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गई थी। सरकार के स्वामित्व वाले खुदरा ईंधन विक्रेताओं की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 101.64 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 107.71 रुपये प्रति लीटर हो गई थी। वहीं दिल्ली में डीजल के दाम बढ़कर 89.87 रुपये और मुंबई में 97.52 रुपये प्रति लीटर हो गए थे।
दो महीने से ज्यादा समय में पेट्रोल की कीमतों में यह दूसरी और डीजल के मामले में पांचवीं वृद्धि थी। इस बढ़ोतरी ने पेट्रोल की खुदरा कीमत को रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा दिया था। इससे पहले पेट्रोल जुलाई में दिल्ली में 101.84 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 107.83 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। डीजल के मामले में इस वृद्धि ने उसे जुलाई में दिल्ली में 89.87 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर के बराबर पहुंचा दिया।
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट के 78.64 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के साथ अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर पर हैं। वैश्विक कीमतों में उछाल की वजह से सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने 24 सितंबर को दैनिक मूल्य बदलाव फिर से शुरू कर दिया जिसके साथ ही पांच सितंबर से मूल्य वृद्धि पर लगी रोक समाप्त हो गई।