समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की एक और मुहिम पर लगा ठप्पा

टाईम बैंक की अवधारणा पर होगा काम, रिटायर्ड आईएएस करेंगे इस दिशा में काम
(नंद किशोर)


भोपाल (साई)। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा चलाई गई एक मुहिम को अब मूर्त रूप मिलता दिख रहा है। मुंबई स्थित वास्तु इंजीनियर दीपक अग्रवाल के द्वारा लिमटी की लालटेन में टाईम बैंक की अवधारणा स्पष्ट की थी। अब मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवा निवृत अधिकारी इस दिशा में काम करने आगे आए हैं।
जानिए टाईम बैंक की अवधारणा को इस वीडियो के जरिए

महसूस होने लगी ‘टाइम बैंक’ की जरूरत
https://youtu.be/e6hMY1_TT4Q

आईवाईसी समिति के निर्णय के अनुसार प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर, संस्कारधानी जबलपुर, राजनैतिक राजधानी भोपाल ग्वालियर और उज्जैन में समय बैंक पर कार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए इन पांच संभागों की समितियां गठित की है। इसके लिये भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत पांच अधिकारियों को शामिल किया गया हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर में समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव आईएएस, भोपाल में योगेंद्र शर्मा आईएएस, ग्वालियर में बीएम शर्मा आईएएस, उज्जैन में चंद्रहास दुबे आईएएस एवं जबलपुर में डॉ राजेश धीरावानी हैं। राज्य स्तर पर इस समिति के संयोजक मनोहर दुबे आईएएस होंगे।
ज्ञातव्य है कि मध्य प्रदेश की कमल नाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने एक नया कदम उठाया था। सरकार में राज्य में देश का पहला टाइम बैंक खोलने का फैसला किया था। ये टाइम बैंक हर जिले में खोले जाने थे। इस टाइम बैंक में आप अपनी इच्छा के अनुसार कोई स्वैच्छिक सेवा देंगे और उसके बदले आपके खाते में उतने ही घंटे जमा कर दिए जाएंगे, जिनका लाभ आप ऐसी ही किसी सेवा के लिए कभी भी ले सकेंगे।
इस योजना के तहत आप किसी जरूरतमंद की जितनी मदद करेगा, आपके खाते में उतने घंटे जमा कर दिए जाएंगे। इसके बाद जब आपको कभी मदद की जरूरत होगी तो इन्हीं जमा घंटों की मदद से टाइम बैंक नेटवर्क में वह किसी की मदद ले सकेगा। इसको आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि आप किसी बुजुर्ग की देखभाल करते हैं या गरीब बच्चों को पढ़ाते हैं, तो इसके बदले आपके खाते में कुछ घंटे जमा हो जाएंगे। बीते शुक्रवार को टाइम बैंक को लेकर लेकर एक आदेश जारी किया है। तत्कालीन अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों और राज्य आनंद संस्थान के प्रशासकों को इसकी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।
हर जिले में खुलने थे टाइम बैंक
इस योजना को शुरू करने का सीधा उद्देश्य लोगों में एक-दूसरे के प्रति सेवाभाव को बढ़ाना था। इससे जरूरत पढ़ने पर आपको आसानी से मदद मिलेगी। साथ ही साथ लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ये टाइम बैंक हर जिले में खोले जाएंगे लेकिन अभी इनकी संख्या को लेकर किसी भी तरह का ऐलान नहीं किया गया है। टाइम बैंक में ऐसा भी यह जरूरी नहीं है कि जरूरतमंद शख्स की मदद वही करे, जिसकी उसने मदद की हो। यह कोई भी हो सकता है।