सीएमएचओ आवंटित कर रहे जर्जर आवास

सीएमएचओ कार्यालय में चल रहे चमड़े के सिक्के!, किसी पंडित जी का जयकारा लगा रहे कर्मचारी . . .
(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में चमड़े के सिक्के चलने का क्रम अनवरत जारी है। जिन आवास को जर्जर होने के आधार पर चिकित्सकों के द्वारा रिक्त किए गए हैं उन जर्जर आवासों को सीएमएचओ के द्वारा अन्य चिकित्सकों को आवंटित कर दिए जा रहे हैं जो अपने आप में आश्चर्य से कम नहीं माना जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान बताया कि प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव के द्वारा जिस तरह की कार्यप्रणाली को अपनाया जा रहा है वह विवादित ही प्रतीत हो रही है।
सूत्रों ने बताया कि बस स्टैण्ड के पास पुराने अस्पताल के सामने स्थित एक आवास जिसे जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. लोकेश चौहान को आवंटित किया गया था, उस आवास को डॉ. लोकेश चौहान के द्वारा जर्जर अवस्था का दर्शाते हुए नए आवास की मांग की गई थी। उनके आवेदन पर प्रभारी सीएमएचओ के द्वारा उन्हें लक्ष्मी नारायण मंदिर के पार्श्व भाग में बनी नई तीन मंजिला इमारत में आवास आवंटित कर दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि यहां तक तो सब ठीक ठाक रहा, किन्तु एक अन्य जिले के किसी पंडित जी जो हाल ही में एक होटल जिसमें प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश श्रीवास्तव अपनी पदस्थापना के उपरांत अपना आशियाना बनाए हुए हैं में डॉ. श्रीवास्तव के बराबर वाले कमरे में रूके थे, के द्वारा अपने प्रभावों का उपयोग करते हुए डॉ. लोकेश चौहान के द्वारा जर्जर बताकर रिक्त किए जाने वाले आवास को डॉ. विनोद दाहत को आवंटित कर दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि यक्ष प्रश्न यही खड़ा हुआ है कि लगभग एक सदी (सौ साल) पुराने जर्जर हो चुके आवासों को एक चिकित्सक जर्जर बताकर खाली करते हैं तो उसी आवास को बिना दुरूस्त कराए ही दूसरे चिकित्सक को आवंटित करने का ओचित्य समझ से परे ही है। सूत्रों ने यह भी बताया कि चूंकि ये आवास बस स्टैण्ड और बुधवारी बाजार के बहुत करीब हैं, इसलिए प्राईवेट प्रेक्टिस के हिसाब से ये आवास चिकित्सकों के लिए बहुत ही मुफीद साबित होते दिख रहे हैं।

पंडित जी के लग रहे जयकारे!

सूत्रों ने यह भी बताया कि विन्ध्य प्रदेश के एक जिले से पिछले माह सिवनी आए एक शख्स जिसे सीएमएचओ कार्यालय के कर्मचारी पंडित जी के नाम से संबोधित कर रहे हैं का जलजला सीएमएचओ कार्यालय में जमकर पसरा हुआ है। इसके पहले जब डॉ. आर.के. श्रीवास्तव सीएमएचओ बनकर सिवनी आए थे तब किसी लाला जी का नाम जमकर चलता था। उस दौर में यह भी कहा जाने लगा था कि डॉ. श्रीवास्तव की पदस्थापना जहां भी होती थी वे लालाजी अपनी पदस्थापना उसी जिले में करवा लेते थे। अब उनके स्थान पर किसी पंडित जी का नाम जमकर लिया जा रहा है। चर्चाएं तो यहां तक हैं कि बस स्टैण्ड में नए बने आवासों और पुराने आवासों, यहां तक कि सीएमएचओ के बारापत्थर स्थित ईयर मार्क आवास के आवंटन में भी उक्त पंडित जी की अहम भूमिका रही है।