नहीं बनी बात, मंगलवार को सेलुआ टोल टेक्स पर धरना 11 बजे से

जर्जर सड़क पर टोल वसूली से बिफराए सिवनी के नागरिक
(सादिक खान)


सिवनी (साई)। चारों ओर से टोल नाकों से घिरे सिवनी जिला मुख्यालय में सिवनी से बालाघाट मार्ग पर सेलुआ टोल टेक्स में टोल वसूली को लेकर गतिरोध जारी है। सिवनी के वाहनों को टोल में छूट नहीं दिए जाने से सिवनी के नागरिक नाराज हैं। मंगलवार 26 अक्टूबर को सेलुआ टोल नाके पर 11 बजे से धरना आरंभ किए जाने की बात सामने आ रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजिक अकील के द्वारा जारी विज्ञप्ति में जिला ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष एजाज खान के हवाले से कहा गया है कि सिवनी बालाघाट मार्ग पर टोल वसूली बंद कराने 25 अक्टूबर को सिवनी संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल सेलुआ टोल पंहुचा। बरघाट विधायक अर्जुनसिंह काकोड़िया की उपस्थिति में टोल नाका संचालित करने वाली कंपनी के प्रबंधक से चर्चा हुई।
विज्ञप्ति के अनुसार टोल नाका कंपनी के प्रबंधक ने बताया कि एम.पी.आर.डी.सी. के अधिकारी और ठेकेदार से चर्चा हुई उन्होंने इस टोल के संबंध में किसी भी वाहन के लिये कोई राहत देने की बात नही की, शुल्क सभी से लिया जायेगा।
ट्रांसपोर्ट यूनियन के जिला अध्यक्ष एजाज खान ने बताया कि सिवनी संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मंगलवार 26 अक्टूबर को 11 बजे से सेलुआ टोल पर सिवनी – बालाघाट मार्ग के मरम्मत कार्य का टोल बंद कराने हेतु धरना दिया जायेगा। जिसमें जिला कांग्रेस सहित ट्रक, बस, लोकल ट्रक, ट्रांसपोर्ट, डम्पर, जेसीबी, बरघाट टेक्सी, निजी टेक्सी, आटो यूनियन शामिल होंगे।

जिले की सीमा में स्थापित हों टोल नाके

सेलुआ में 01 अगस्त से टोल वसूली आरंभ होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर सिवनी जिले के नागरिकों का गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सिवनी जिले के नागरिकों का कहना है कि अलोनिया (बंडोल) में एनएचएआई का टोल नाका अवैध चल रहा है इसे लखनादौन के पास मण्डई में स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
इसके अलावा छिंदवाड़ा मार्ग पर फुलारा का टोल नाका जिले की सीमा से उठकर छिंदवाड़ा जिले में संचालित किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं सेलुआ का टोल नाका भी सिवनी बालाघाट की सीमा पर बेहरई घाट के आगे स्थानांतरित किया जाना चाहिए ताकि सिवनी जिले में सिवनी से छपारा, बरघाट, धारना बेहरई, फुलारा आदि आने जाने वाले लोगों को टोल के अनावश्यक भार से बचाया जा सके।

भाजपा ने साधा मौन!

सोशल मीडिया पर सिवनी को टोल वाला जिला भी निरूपित किया जाने लगा है। इसके बाद भी सिवनी जिले के दोनों सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते (मण्डला) एवं डॉ. ढाल सिंह बिसेन (बालाघाट) के अलावा सिवनी विधायक दिनेश राय, केवलारी विधायक राकेश पाल सिंह, जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे सहित भाजपा के सदस्य पूरी तरह मौन ही दिख रहे हैं।

संगठन पहले या जिला!

वहीं, लोग यह कहते भी सुने जा रहे हैं कि सिवनी के नेता जब पैदा हुए थे तब उन्होंने किसी दल के सदस्य के बजाए सिवनी जिले के नागरिक के बतौर ही जन्म लिया था। अपने जीवनकाल में लगभग 18 या 20 साल की आयु के उपरांत ही नेताओं ने किसी दल की सदस्यता ली होगी। इस लिहाज से उन्हें पार्टी लाईन को प्राथमिकता देने के साथ ही सिवनी का हित साधने की दिशा में पहल करना चाहिए।
एक वरिष्ठ राजनेता ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान यह भी कहा कि जब भी किसी नेता से बात की जाती है तो वह पार्टी लाईन की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ लिया करते हैं, किन्तु वे भूल जाते हैं कि सिवनी जिले पर उनका पहला हक है, इस लिहाज से उन्हें सिवनी के विकास के दरवाजे खोलने की दिशा में प्राथमिकता के साथ पहल करना चाहिए।