बचपन से ही अपनी मर्जी के मालिक थे ‘काका’

(ब्‍यूरो कार्यालय)

मुंबई (साई)। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना अपने एक्टिंग के साथ-साथ अपने काम करने के तरीकों को लेकर भी खूब चर्चित हुए। राजेश खन्ना फिल्म के सेट पर बहुत लेट आने के लिए जाने जाते थे। अभिनेत्री जया प्रदा ने एक बार बताया था कि सुबह की शूटिंग में राजेश खन्ना रात को सेट पर पहुंचते थे। राजेश खन्ना ने अपनी इन्हीं आदतों को लेकर एक बार कहा था कि उनकी परवरिश ही गलत हुई है।

राजेश खन्ना अपने 6 भाई-बहनों ने सबसे छोटे थे। उनके पिता का नाम नंदलाल खन्ना और माता का नाम चंद्रानी देवी था। राजेश खन्ना के बड़े पापा चुन्नीलाल को कोई औलाद नहीं थी इसलिए उन्होंने उन्हें गोद ले लिया। चुन्नीलाल और उनकी पत्नी लीलावती खन्ना ने राजेश खन्ना की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी।

70 एमएम विद राहुल नामक मीडिया प्लेटफॉर्म में बताया गया कि राजेश खन्ना को उनके नए माता-पिता खूब प्यार देते थे। राजेश खन्ना को उनकी मांग से अधिक पैसे मिलते और वो जितना मर्जी सोते थे। सोते हुए राजेश खन्ना को जगाने की किसी की हिम्मत नहीं होती थी क्योंकि उनकी मां लीलावती ने इसके लिए सभी को सख्ती से मना कर दिया था। इस तरह राजेश खन्ना बचपन से ही अपनी मर्जी के मालिक बन बैठे थे। जब वो फिल्मों में आए तब भी उनके परिवार ने पूरा साथ दिया और वो अपनी शानदार कार में लोगों से फिल्मों में काम मांगने जाया करते थे।

राजेश खन्ना को पहली फिल्म मिली थी ‘राज’। इस फिल्म के बाद उन्होंने ‘आखिरी खत’ साइन की लेकिन आखिरी खत उनकी पहली रिलीज बनी। राजेश खन्ना को लेकर शुरू से ही फिल्म इंडस्ट्री में ऐसी धारणा बनी कि वो सेट पर हमेशा देर से आते हैं और उनमें अहंकार बहुत है।

राजेश खन्ना की जीवनी लिखने वाले पत्रकार यासिर उस्मान ने बताया है कि राजेश खन्ना अपनी पहली फिल्म के पहले दिन की शूट में ही देर से पहुंचे थे। शूटिंग 8 बजे सुबह की थी लेकिन वो 11 बजे पहुंचे थे जिस कारण उन्हें डांट सुननी पड़ी थी। डांट सुनने के बाद राजेश खन्ना ने कहा था कि वो किसी भी चीज के लिए अपनी लाइफस्टाइल नहीं बदल सकते। राजेश खन्ना के इन्हीं बातों को लेकर जब उनसे एक इंटरव्यू में सवाल किया गया था तो उन्होंने जवाब दिया था, ‘मेरी परवरिश ही गलत हुई है।’