सीईओ सुमन खातरकर का हो सकता है निलंबन!

ईओडब्लू ने दर्ज किया अपराध, जांच है जारी, लगभग पौने दो करोड़ रूपए के गबन का है सुमन खातरकर पर आरोप!
(सुमित खरे)

जबलपुर (साई)। जनपद पंचायत सिवनी में पदस्थ रहीं तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमन खातरकर पर अमानत में खयानत के अनेक आरोप सामने आ रहे हैं। आर्थिक अपराध शाखा की जबलपुर इकाई के द्वारा सुमन खातरकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) की जबलपुर इकाई के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि ईओडब्लू के द्वारा जनपद पंचायत सिवनी की अध्यक्ष प्रतीक्षा ब्रजेश राजपूत एवं अन्य के द्वारा की गई शिकायतों के बाद की गई कार्यवाही के बाद ईओडब्लू में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
सूत्रों ने बताया कि ईओडब्लू की जांच में यह बात उभरकर सामने आई है कि जनपद पंचायत सिवनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमति सुमन खातरकर के द्वारा 27 जुलाई 2019 को उनके स्थान पर पदस्थ किए गए मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.के. कोरी को सौंप दिया गया था। नवागत सीईओ आर.के. कोरी के द्वारा सेंट्रल बैंक की सिवनी शाखा के शाख प्रबंधक को 07 अगस्त एवं 13 अगस्त को उनके द्वारा कार्यभार ग्रहण करने की सूचना दे दी गई थी।
सूत्रों की मानें तो उक्त सूचना दिए जाने के उपरांत भी जनपद पंचायत सिवनी की निर्वतमान मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमन खातरकर के द्वज्ञरा 24, 25 एवं 26 अगस्त 2019 को 170 कार्यों की राशि एक करोड़ सढ़सठ लाख तिरेसठ हजार पांच सौ पचासी रूपए एवं पचहत्तर पैसे का भुगतान शासन के नोडल एकाऊॅट जो कि बैंक आफ इंडिया की अरेरा हिल्स की शाखा में है के खाता क्रमांक 900710210000005 से किया गया है। इस आधार पर जनपद पंचायत सिवनी की तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमन खातरकर एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधित 2018 की धारा 7 (सी) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया है। इसका अपराध क्रमांक 71/2021 है।

कांग्रेस के द्वारा बचाने के लगे थे आरोप!

यहां यह उल्लेखनीय होगा कि जब सुमन खातरकर के स्थान पर आर.के. कोरी को प्रभार सौंपा गया था, उस दौरान (2019 में) सुमन खातरकर की अनियमितताएं उजागर हो रहीं थीं। इसी दौरान तत्कालीन प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे के जरिए जिला कांग्रेस के कुछ नेताओं के द्वारा उन्हें संरक्षण दिए जाने के आरोप भी जमकर लगे थे।

हो सकता है निलंबन!

सूत्रों ने बताया कि अब तक हुई प्राथमिक जांच के अनुसार सुमन खातरकर के द्वारा दूसरे मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रभार सौंपे जाने के बाद भी राशि का आहरण प्रभार देने के उपरांत किए जाने से जो आरोप अब तक सिद्ध होते प्रतीत हो रहे हैं उसके अनुसार सुमन खातरकर का निलंबन जल्द ही हो सकता है।