लॉज, होटल, वाशिंग एरिया नहीं होने से होंगी परेशानियां!

बेहतर होगा शुरूआती दौर में ही दूर कर लिया जाये अव्यवस्थाओं को
(संजीव प्रताप सिंह)
सिवनी (साई)। ब्रॉडगेज की सीटी सुनने के लिये सिवनी वासियों का इंतजार अभी भी बाकी ही है। रेल विभाग के द्वारा जिस तरह से काम करवाया जा रहा है उसमें अनेक व्यवहारिक परेशानियां सामने आने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन के आसपास रिक्त जमीन न होने के कारण यहाँ लॉज, होटल के अलावा रेल के लिये वाशिंग यार्ड के लिये भी स्थान तय नहीं हो पाया है।
माना जाता है कि किसी भी रेलवे स्टेशन या बस स्टैण्ड के आसपास एक नया शहर बसना आरंभ हो जाता है। रेलवे स्टेशन या बस स्टैण्ड से अनेक लोगों को रोजगार भी मिलता है। विडंबना ही कही जायेगी की रेलवे स्टेशन के आसपास कम से कम पाँच पाँच सौ मीटर तक व्यवसायिक गतिविधियों के लिये रिक्त स्थान नहीं हैं।
वाशिंग यार्ड का अता पता नहीं : लंबे समय के उपरांत सिवनी में अमान परिवर्तन के काम को अंजा़म दिया जा रहा है। रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि वाशिंग यार्ड, उन्हीं स्टेशन्स के पास बनता है जहाँ से कोई रेलगाड़ी आरंभ होती है या वहाँ जाकर समाप्त होती है। वाशिंग यार्ड के न होने के कारण इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि निकट भविष्य में सिवनी से एक भी रेलगाड़ी न तो आरंभ होगी और न ही यहाँ आकर समाप्त होगी।
चल पायेंगी कम रेल गाडियां : सूत्रों ने बताया कि छिंदवाड़ा से सिवनी होकर नैनपुर जाने वाले रेलखण्ड पर कम ही रेलगाड़ियों का संचालन किया जायेगा। इसका कारण क्रॉसिंग प्वाईंट्स का न होना है। छिंदवाड़ा से सिवनी और सिवनी से नैनपुर के बीच एक भी क्रॉसिंग प्वाईंट नहीं है।
इसका तात्पर्य यही है कि एक रेलगाड़ी अगर सिवनी से छिंदवाड़ा की ओर जाती है तो जब तक वह छिंदवाड़ा नहीं पहुँचती तब तक इस रेल खण्ड पर दूसरी गाड़ी का परिचालन नहीं किया जा सकेगा। यही आलम सिवनी से नैनपुर के बीच के रेलखण्ड में होने की उम्मीद है।
सूत्रों की मानें तो अगर सिवनी से छिंदवाड़ा के बीच चौरई और सिवनी से नैनपुर के बीच कान्हीवाड़ा या केवलारी में क्रॉसिंग प्वाईंट बना दिया जाता है तो इस ट्रेक से होकर गुजरने वाली रेल गाड़ियों की तादाद को बढ़ाया जा सकता है। चूँकि अभी सब कुछ निमार्णाधीन अवस्था में है इसलिये मामूली फेरबदल किये जाकर इस तरह की अव्यवस्थाओं को सुधारा जा सकता है।
एक बार अगर काम पूरा हो गया और उसके बाद इन मामलों में विचार किया जाता है तो निश्चित तौर पर इस काम के लिये चार से पाँच साल आसानी से लग जायेंगे।
की जमीन अधिग्रहित : सूत्रों ने बताया कि जिस स्थान पर रेलवे स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित था उसके पास संजय निकुंज की जमीन को रेलवे के द्वारा अधिग्रहित किया गया है। रेलवे स्टेशन का निर्माण अगर छिंदवाड़ा नाके के आगे वाले रेलवे के स्वामित्व वाले हिस्से में कराया जाता तो उस स्थान पर व्यवसायिक गतिविधियो के लिये भी आसानी से जगह मुहैया हो जाती।
पटरी के दोनों ओर होगी सड़क : सूत्रों ने बताया कि नागपुर नाके के रेलवे फाटक के पास से एक सड़क रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार होती हुई कटंगी नाके तक जायेगी। इसके आलवा वर्तमान आरक्षण केंद्र के बाजू से भी एक सड़क कटंगी नाका तक जायेगी। इन दोनों सड़कों पर पाँच – पाँच सौ मीटर तक न तो लॉज होटल के लिये जगह है और न ही अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के लिये!