सीएचओ को अब तक नहीं मिल पाए लेपटॉप प्रिंटर!

स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की नादिरशाही के चलते काम हो रहा बुरी तरह प्रभावित!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। कोरोना कोविड 19 के काल में भी सिवनी जिले में स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी किस तरह अकर्मण्यता बरत रहे हैं इसकी एक बानगी जिले में कम्युनिटी हेल्थ आफीसर (सीएचओ) को लगभग आठ माह बाद भी लेपटॉप और प्रिंटर मुहैया न हो पाना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि नेशनल हेल्थ मिशन के संचालक के निर्देश पर 2021 में अप्रैल माह में कोविड की दूसरी लहर के दौरान ही जिले में तैनात 155 सीएचओ को लेपटॉप और प्रिंटर खरीद कर दिए जाने थे।
सूत्रों ने बताया कि इसकी निविदा जारी होने के बाद जिले के कमाबेश हर जिले में लेपटॉप और प्रिंटर खरीदकर जिलों में तैनात सीएचओ को प्रदाय कर दिए गए, पर सिवनी में निविदा को ही न जाने कितने दिनों तक उलझाए रखा गया, जिसकी परिणिति यह हुई कि आदेश जारी होने के बाद भी सीएचओ लेपटॉप और प्रिंटर से वंचित रह गए।
सूत्रों ने बताया कि इसके बाद नवंबर माह के दूसरे पखवाड़े में सिवनी में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रहीं एवं वर्तमान में नेशनल हेल्थ मिशन की संचालक श्रीमति प्रियंका दास के आदेश से निविदा को पूरा न किए जाने पर सिवनी जिले के 155 सीएचओ के खाते में लेपटॉप और प्रिंटर खरीदने के लिए निर्धारित राशि डालने और सीएचओ को अपनी मर्जी के अनुसार निर्धारित स्पेसिफिकेशन के लेपटॉप और प्रिंटर खरीदकर देयक प्रस्तुत करने के निर्देश दे दिए गए, किन्तु विडम्बना ही कही जाएगी कि आज दिनांक तक सीएचओ लेपटॉप और प्रिंटर विहीन ही नजर आ रहे हैं।
क्या करते सीएचओ लेपटॉप और प्रिंटर का!
सीएमएचओ कार्यालय के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि दरअसल, चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे प्रदेश में केंद्र सरकार की योजना के तहत सीएचओ की नियुक्ति हजारों की तादाद में की गई थी। इन सीएचओ के द्वारा मरीजों के लक्षणों के बारे में मरीज से चर्चा कर टेलीमेडिसिन के जरिए सरकारी चिकित्सकों से चर्चा कर चिकित्सक की परामर्श पर मरीजों को दवा का पर्चा लेपटॉप पर बनाया जाकर उसका प्रिंट निकालकर मरीज को देने का प्रावधान किया गया था।

(क्रमशः जारी)