क्या डीजल की राशनिंग नहीं कर सकता जिला प्रशासन!

नगर पालिका की सफाई वाहन, फायर ब्रिगेड, जल परिवहन सेवाएं ठप्प!
(अखिलेश दुबे)
सिवनी (साई)। लगभग चार पांच दिनों से सिवनी जिले में डीजल और पेट्रोल की किल्लत दिखाई दे रही है। इसके चलते नगर पालिका परिषद सिवनी के वाहन भी खड़े होने की स्थिति में आ चुके हैं। पेट्रोल पंप्स में उपभोक्ताओं की भीड़ लगी है, पर प्रशासन के द्वारा इस संबंध में किसी तरह का कदम न उठाया जाना एवं सियासी दलों का इस मामले में मौन भी आश्चर्य का ही विषय माना जा रहा है।
नगर पालिका परिषद की आधिकारिक ईमेल आईडी से मीडिया को एक प्रेस नोट भेजा गया था। इस प्रेस नोट को पाठकों की सुविधा के लिए जस का तस प्रसारित किया जा रहा है। पालिका के प्रेस नोट के अनुसार एतद् द्वारा आम नागरिकों को सूचित किया जाता है कि वर्तमान में मार्केट में तेल संकट उत्पन्न होने से सिवनी नगर के पेट्रोल पम्प में डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण (नगर पालिका परिषद सिवनी) निकाय को डीजल नहीं मिल पा रहा है जिससे अतिआवश्यक सेवाओं में संलग्न वाहन सफाई वाहन, फायर वाहन, अग्नि शमन सेवाऐं, जल परिवाहन आदि की सेवाऐं बाधित रहेगी।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी सुश्री पूजा बुनकर द्वारा कलेक्टर महोदय को उक्त संबंध में पत्र लिखकर अवगत कराया गया है एवं दूसरे पम्प से निकाय को डीजल उपलब्ध कराये जाने का आग्रह किया गया है।


इस संबंध में पेट्रोलियम कंपनियों के सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि अगर किसी भी वस्तु के मामले में मांग और आपूर्ति में असंतुलन आता है तो प्रशासन को पूरा अख्तियार है कि वह इसकी राशनिंग कर दे।

क्या होती है राशनिंग

प्रशासनिक सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान बताया कि 1980 के आसपास जब सीमेंट का उत्पादन कम था और मांग अधिक थी तब सीमेंट की राशनिंग की गई थी। उस दौरान हर व्यक्ति को प्रतिदिन उपयोग के लिए सिर्फ 35 बोरी सीमेंट ही मिला करती थी।
सूत्रों ने बताया कि खाड़ी युद्ध के दौरान 1987 के आसपास जब डीजल पेट्रोल की कमी आई थी तब भी राशनिंग लागू की गई थी। दो पहिया वाहन वालों को दो लीटर तो चार पहिया वाहन वालों को दस लीटर एवं अगर आप खाद्य अधिकारी को सप्रमाण यह समझाने में सफल रहे कि आपको बाहर जाना है तो आपको आपकी आवश्यकता अनुसार पेट्रोल मिल जाया करता था।
इस संबंध में जिला आपूर्ति अधिकारी शैलेन्द्र शर्मा से जब चर्चा की गई तो समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि अब आपूर्ति सभी जगह दुरूस्त हो गई हैं इसलिए शुक्रवार के बाद डीजल पेट्रोल की मारामारी समाप्त हो गई है।

इंडियन आईल कार्पोरेशन के पंप्स में डीजल पर्याप्त मिल रहा था। शुक्रवार से भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम में भी पर्याप्त मात्रा में डीजल मिलने लगा है। पेट्रोल पंप 2020 में खाद्य विभाग के नियंत्रण से हट गए हैं।
शैलेंद्र शर्मा,
जिला आपूर्ति अधिकारी,
सिवनी.