जनता निराश, कब चलेगी रेल? : अध्यक्ष, रविदास समाज संघ

स्थानीय चुनावों में व्यस्त सियासी दल एवं जिम्मेदार क्यों हैं मौन : रघुवीर अहरवाल
(ब्यूरो कार्यालय)


सिवनी (साई)। दिसंबर 2015 में सिवनी जिले में रेलवे के मेगाब्लाक लगने के बाद मार्च 2022 को रेलवे ट्रेक का सीआरएस होने के बाद भी जून 2022 तक सिवनी से एक भी रेलगाड़ी न गुजरना आश्चर्य का ही विषय है। जनता के मन में यह प्रश्न घुमड़ना स्वाभाविक है कि आखिर रेल कब चलेगी! इस मामले में बालाघाट के सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन की चुप्पी समझ से परे ही है।
उक्ताशय के विचार रविदास समाज संघ के जिला अध्यक्ष रघुवीर अहरवाल द्वारा जारी जारी विज्ञप्ति में व्यक्त करते हुए कहा गया है कि भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल सन् 1953 को बम्बई और थाने के बीच चली थी। अंग्रेजी राज में रेलगाड़ी पूरे देश को जोड़ते हुए मात्र 51 साल बाद 1904 में जबलपुर से सिवनी होते हुए छिंदवाड़ा पहंुच गई, लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी सिवनी में बड़ी रेल का संचालन नहीं हो रहा है, जिससे जनता में घोर निराशा देखी जा सकती है। कब चलेगी रेल?, निराश जनता में यही चर्चा व्याप्त है।
रविदास समाज संघ के जिलाध्यक्ष रघुवीर अहरवाल ने बताया कि जबलपुर से सिवनी होते हुए छिंदवाड़ा जाने वाली छोटी रेल लाईन को करीब छः साल के दांव-पेंच के बाद बड़ी रेल लाईन में बदला जा चुका है। इस परियोजना के साथ प्रारंभ हुई देश की अनेक परियोजना पर बड़ी रेल का संचालन प्रारंभ हो गया है, किंतु सिवनी में बड़ी रेल के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं, जिससे आमजनता को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले के जिम्मेदार लोग स्थानीय निकायों के चुनाव में पूरी तरह व्यस्त हैं, किंतु बड़ी रेल के संचालन के लिये पूरी तरह मौन है। जनचर्चा है कि कुछ पूंजीपतियों को लाभ पहंुचाने के लिये रेल संचालन में देरी की जा रही है।
श्री अहरवाल ने बड़ी रेल के संचालन की तत्काल मांग करते हुये जिम्मेदार लोगों से अपील किया है कि आजादी के अमृत महोत्सव में बड़ी रेल का संचालन एक बड़ी उपलब्धि होगा। यह जिले के इतिहास के गौरवशाली अध्याय के रूप में याद किया जायेगा। बड़ी रेल जैसी अति आवश्यक सेवा से आम जनता को बहुत राहत मिलेगी।