बालाघाट में पुलिस ने मार गिराए तीन ईनामी नक्सली

एक बार फिर नक्सलियों की सुगबुगाहट दिखाई देने लगी बालाघाट में, आसपास के जिलों को रखना होगा एलर्ट पर!
(ब्यूरो कार्यालय)
बालाघाट (साई)। मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले के आसपास एक बार फिर नक्सली सर उठाते हुए दिख रहे हैं। सोमवार को नक्सलियों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़ में पुलिस ने तीन ईनामी नक्सली मार गिराए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब बालाघाट के आसपास के इलाकों को अलर्ट पर रखने की जरूरत है।
पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान बताया कि प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के बहेला थाना इलाके में सोमवार सुबह पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़ हो गई, जिसमें तीन इनामी नक्सलियों की मौत हो गई। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 3 इनामी नक्सली मारे गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में नक्सलियों के डिवीजनल कमेटी के सदस्य और 15 लाख के इनामी नक्सली नागेश और आठ – आठ लाख के इनामी एरिया कमांडर नक्सली मनोज और महिला नक्सली रामे शामिल है। जिस क्षेत्र में मुठभेड़ हुई वो इलाका महाराष्ट्र सीमा से लगा हुआ है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मुठभेड़ की जानकारी देते हुए पूरी पुलिस टीम को बधाई दी है। मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मी सुरक्षित हैं।
सूत्रों ने आगे बताया कि लांजी क्षेत्र के वारी डेम के पास कड़ला के जंगल में देर रात नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी हाक फोर्स को मिली थी। तड़के सुबह हाक फोर्स के जवानों ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। जैसे ही नक्सलियों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। हाक फोर्स ने जवाबी फायरिंग करते हुए जंगल में घुसकर तीन नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया।
सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को आगे बताया कि नक्सलियों और पुलिस के बीच सुबह 7 बजे मुठभेड़ शुरू हुई थी, जो कि लगभग एक घंटे तक चली। नक्सलियों के पास एके 47 जैसे आधुनिक हथियार मिले हैं। मारे गए तीन नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने तीनों नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं। सभी के पास से मिले हथियार भी जब्त किए गए हैं। मुठभेड़ का नेतृत्व आईजी संजय सिंह एवं एसपी सौरभ कुमार ने किया था। एडीजी इंटेलीजेंस आदर्श कटियार ने पुलिस अधिकारियों के जंगल में होने की पुष्टि की है।
गौरतलब है कि एमपी के बालाघाट जिले में हाल के दिनों में नक्सलियों की गतिविधियों बढ़ गई थी। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बड़े नक्सली यहां शरण लेने लगे थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों कान्हा नेशनल पार्क में प्रवास के दौरान इसकी समीक्षा की थी। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान बालाघाट में नक्सल समस्या पर बात की थी।