अड़ानी अंबानी के संबंधों की खीर में कौन निचोड़ रहा है नीबू!

मुकेश अंबानी की अमेरिका यात्रा के बाद ही एकाएक अड़ानी के शेयर धड़ाम से गिरना क्या महज एक इत्तेफाक है!
(लिमटी खरे)
देश में धनकुबेरों की सूची अगर बनाई जाए तो ट्वंटी ट्वंटी के उपरांत उसमें अंबानीज और अड़ानीज का नाम सबसे उपर ही आता है। इन दोनों की संपत्ति इस तेज गति से बढ़ी है कि हर कोई दातों तले उॅगली दबाने पर मजबूर ही हो रहा है। अड़ानी जब शिखर पर पहुंचे तब अंबानी भी उनसे कमतर नहीं थे, पर अचानक ही गौतम अड़ानी के शेयर धड़ाम से गिरना आरंभ हो गए। लोग आश्चर्य में हैं कि आखिर ऐसा कैसे होने लगा!
दिल्ली के सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं पर अगर यकीन किया जाए तो सब कुछ एकाएक तो कतई नहीं होता है। अर्थात हर एक बात के पीछे कोई न कोई ताकत काम करती है। इसे लेकर रायसीना हिल्स के आसपास के आवासों में इस बात को चटखारे लेकर कहा जा रहा है कि सब कुछ सुनियोजित ही हो सकता है। आखिर शीर्ष दौलतमंद गौतम अड़ानी की संपत्ति में कमी कैसे दर्ज की जाने लगी!
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के मुकेश अंबानी के करीबी सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मुकेश अंबानी ने पिछले दिनों अमेरिका की यात्रा की थी। इस दौरान दुनिया के चौधरी अमेरिका की एक पब्लिक रिलेशन (पीआर) कंपनी की सेवाएं उनके द्वज्ञरा ली गईं थीं, और कारण यह बताया गया था कि रिलायंस समूह के द्वारा अमेरिका में अपने व्यापार का विस्तार किया जा रहा है इसके लिए यह कवायद हो रही है।
सूत्रों की मानें तो जनवरी माह में जब मुकेश अंबानी वाशिंगटन डीसी पहुंचे तब उनके सम्मान में वहां के एक सीनेटर ने सुबह के नाश्ते का प्रबंध किया। इस नाश्ते में अमेरिका के कुल आठ सीनेटर उपस्थित रहे और उनके द्वारा इन सभी सीनेटर्स ने अपने अपने प्रभाव वाले राज्यों में रोजगार का सृजन करने के लिए बाकायदा न्योता भी दिया। इस आवभगत से गदगद मुकेश अंबानी ने उन सभी सीनेटर्स को धन्यवाद देते हुए कहा कि रिलायंस उन सभी के साथ मित्रवत संबंध रखने में पूरी तरह इच्छुक है।
सूत्रों ने बताया कि इसी रात को अमेरिकी कांग्रेस के एक कारिंदे के द्वारा मुकेश अंबानी के सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन किया गया। इस रात्रिभोज में 30 से ज्यादा सीनेटर्स एकत्र हुए। इस दौरान भारत और अमेरिका के एक कथित ‘काकस‘ के द्वारा मई माह में होने वाले एक कार्यक्रम में मुकेश अंबानी को बतौर मुख्य अतिथी आमंत्रित कर दिया। यह सब कुछ तो सामान्य ही माना जा सकता है।
मुंबई स्टाक एक्सचेंज से जुड़े सूत्रों ने इस संबंध में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मुकेश अंबानी की अमेरिका यात्रा के महज एक माह के अंदर ही अमेरिका स्थित हिंडनबर्ग रिसर्च का एक प्रतिवेदन सामने आता है और अड़ानी समूह को सिर्फ और सिर्फ दो दिनों में ही 4.17 लाख करोड़ का फटका लग जाता है। सूत्र का यह भी कहना था कि अड़ानी समूह के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट में अरबों का निवेश करने वाली दो बड़ी कंपनीज ब्लैक राक और ब्लैक स्टोन अब अपने निवेश पर रिव्यू करने की बात भी कहते नजर आ रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब देश की राजनैतिक राजधानी दिल्ली में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं कि आखिर कौन है जो मुकेश अंबानी और गौतम अड़ानी के बहुत ही मधुर संबंधों वाली खीर में नीबू निचोड़कर दूध को फाड़ने का प्रयास कर रहा है . . .
(लेखक समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के संपादक हैं.)
(साई फीचर्स)