गुरूनानक जयंति के पर्व की तिथि, विधि एवं अन्य जानकारियां जानिए विस्तार से . . .

वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है गुरूनानक देव की जयंति के पर्व को . . .
आप देख, सुन और पढ़ रहे हैं समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया की साई न्यूज के धर्म प्रभाग में विभिन्न जानकारियों के संबंद्ध में . . .
गुरु नानक जयंती सिख धर्म में एक लोकप्रिय पवित्र त्योहार है । यह गुरु में पहले सिख गुरु और सिंधी समुदाय के जन्मदिन का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।
गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु थे। उनका जन्म 15 अप्रैल, 1469 को राय भोई की तलवंडी (अब पाकिस्तान में ननकाना साहिब) में हुआ था। गुरु नानक देव जी ने सिख धर्म को जन्म दिया और मानवता के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने भक्ति मार्ग का प्रचार किया और सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता का संदेश दिया।
अगर आप गुरूनानक देव जी की अराधना करते हैं और अगर आप गुरूनानक देव जी के भक्त हैं तो कमेंट बाक्स में वाहे गुरू अथवा गुरूनानक देव की जय लिखना न भूलिए।
गुरु नानक देव जी ने अपने जीवनकाल में व्यापक यात्राएं की और लोगों को भक्ति और सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने जाति, धर्म और लिंग के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई और सभी मनुष्यों को समान बताया। गुरु नानक देव जी के उपदेशों ने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया और सिख धर्म को दुनिया के सबसे बड़े धर्मों में से एक बना दिया।
इस आलेख को वीडियो को साई न्यूज चेनल में देखने के लिए क्लिक कीजिए . . .

https://www.youtube.com/watch?v=VvXDLtRchio
गुरु नानक जयंती को गुरुपर्व या गुरु नानक प्रकाश उत्सव भी कहा जाता है। इस साल गुरुनानक जयंती का पर्व 15 नवंबर को मनाया जाएगा। यह 10 सिख गुरुओं में से पहले गुरु नानक के जन्म का प्रतीक है। यह एक पवित्र त्योहार और उत्सव है। हर साल गुरु नानक देव के जन्मदिन की तारीख हिंदू कैलेंडर के अनुसार बदल जाती है क्योंकि यह कार्तिक महीने में आती है और इस महीने में पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है।
जानिए क्यों मनाई जाती है गुरु नानक जयंती?
गुरु नानक जयंती हर साल इसलिए मनाई जाती है क्योंकि गुरु नानक सिख धर्म के संस्थापक हैं। सिख समुदाय द्वारा उनकी पूजा की जाती है और उनका जन्म उनके महान जीवन का उत्सव है। सिख समुदाय सभी 10 सिख गुरुओं की जयंती मनाता है लेकिन यह बड़े पैमाने पर होती है क्योंकि वह पहले गुरु हैं और इस धर्म के संस्थापक भी हैं। न केवल भारत में, दुनिया के अन्य हिस्सों में भी समारोह आयोजित किए जाते हैं जहां सिख समुदाय रहता है।
जानिए कैसे मनाते हैं गुरु नानक जयंती?
गुरुपर्व उत्सव कम से कम दो दिन पहले सिख समुदाय के पवित्र ग्रंथ, गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ के साथ शुरू होता है। इसे अखंड पाठ कहा जाता है, जिसे बिना रुके 48 घंटे किया जाता है। अगले दिन, एक जुलूस का आयोजन किया जाता है जिसका नेतृत्व पांच प्यारे या पंज प्यारे करते हैं जहां वे सिख ध्वज और गुरु ग्रंथ साहिब को पालकी में ले जाते हैं। उत्सव के इस भाग को नगर कीर्तन कहा जाता है। इस दौरान भजन गाते हुए जुलूस सड़कों पर निकाला जाता है। कई जगहों पर, बैंड बाजे भी साथ चलते हैं और विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन भी किए जाते हैं माना जाता है कि यह जुलूस अनिवार्य रूप से लोगों को गुरु नानक और सिख समुदाय में उनके योगदान के बारे में अधिक जागरूक करने के लिए होता है।
गुरु नानक जयंती की इस साल की तिथि जानिए,
गुरु नानक देवजी की जयंती इस साल 15 नवंबर को है। गुरु नानक देव की यह 555वीं वर्षगांठ है। पूर्णिमा तिथि 15 नवंबर को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी और 16 नवंबर को सुबह 2 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी।
तीन दिनों का पर्व माना जाता है गुरु नानक देव जी की जयंती को,
गुरू नानक देव जी की जंयती के दिन को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। गुरु नानक जयंती केवल एक दिन के लिए नहीं बल्कि यह पर्व तीन दिन चलता है। इन तीन दिनों में सिख और सिंधि समुदाय के देवालयों, गुरुद्वारों में अखंड पाठ का आयोजन किया जाता है। सिख एवं सिंधि समाज के अनुयायी इस दिन गुरुद्वारे जाकर गुरुग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। गुरुद्वारों में भजन, कीर्तन होता है और प्रभात फेरियां भी निकाली जाती हैं। गुरू के नाम का प्रसाद लंगर के रुप में वितरित किया जाता है।
अब जानिए गुरु नानक देव जी के प्रमुख उपदेशों के बारे में,
गुरूनानक देव जी ने एक ईश्वर की अवधारणा दी थी। गुरु नानक देव जी ने एक ईश्वर में विश्वास किया और सभी मनुष्यों को एक ही ईश्वर की संतान बताया।
उन्होंने कर्मकांडों का त्याग करने पर बल दिया था। उन्होंने कर्मकांडों और बाहरी दिखावे को त्यागने का आव्हान किया और अंतर्मन की शुद्धि पर बल दिया।
गुरूनानक देव जी ने सर्व समभाव का संदेश दिया, गुरु नानक देव जी ने सभी मनुष्यों के बीच समानता का संदेश दिया और जाति, धर्म और लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव का विरोध किया।
उन्होंने निरंकार को माना, उन्होंने ईश्वर को निराकार माना और कहा कि ईश्वर सबमें व्याप्त है।
नाम जप पर दिया था गुरूनानक देव जी ने बल, गुरु नानक देव जी ने ईश्वर के नाम का जाप करने को मोक्ष का साधन बताया।
सेवा को बताया था मूल मंत्र, उन्होंने सेवा को ईश्वर की भक्ति का सबसे बड़ा रूप बताया।
गुरु नानक देव जी की जयंती का महत्व जानिए
गुरु नानक देव जी की जयंती सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन सिख धर्म के अनुयायी गुरु नानक देव जी के जन्मदिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। गुरु नानक जयंती को प्रकाश पर्व भी कहा जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और अखंड पाठ होते हैं। लोग गुरु नानक देव जी के जीवन और उपदेशों को याद करते हैं और उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
इस तरह मनाते हैं गुरु नानक देव जी की जयंती को,
जानकार विद्वानों के अनुसार गुरूनानक देव जी जयंति पर गुरुद्वारा में जाकर मत्था टेकने की परंपरा है, गुरु नानक जयंती के दिन सिख धर्म और सिंधी धर्म के अनुयायी गुरुद्वारा में जाकर मत्था टेकते हैं और गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन करते हैं।
कीर्तन किया जाता है, गुरुद्वारों में कीर्तन किए जाते हैं जिसमें गुरु नानक देव जी के भजनों और शबदों को गाया जाता है।
गुरुद्वारों में सभी के लिए निःशुल्क लंगर का आयोजन किया जाता है।
इस दिन लोग गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा की जाती है।
गुरु नानक देव जी का संदेश आज भी प्रासंगिक माने जाते हैं,
गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने वे उनके जन्म के समय थे। आज भी दुनिया में जाति, धर्म और लिंग के आधार पर भेदभाव होता है। गुरु नानक देव जी ने हमें सभी मनुष्यों को समान मानने और एकता का संदेश दिया था। आज हमें उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारना चाहिए और एक भाईचारे का समाज बनाने में योगदान देना चाहिए।
गुरु नानक देव जी के उपदेशों को अपने जीवन में उतारने के लिए हम जो कदम उठा सकते हैं उनमें प्रमुख हैं,
सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए, हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और धार्मिक सहिष्णुता का वातावरण बनाना चाहिए।
जातिवाद का विरोध करना चाहिए, हमें जातिवाद का विरोध करना चाहिए और सभी लोगों को समान अधिकार देने चाहिए।
महिलाओं के उत्थान के लिए काम करना चाहिए, हमें महिलाओं के उत्थान के लिए काम करना चाहिए और उन्हें समान अवसर प्रदान करने चाहिए।
गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करना ही मूल मंत्र मानना चाहिए, हमें गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देना चाहिए, हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना चाहिए और एक स्वच्छ और हरा भरा वातावरण बनाना चाहिए।
गुरु नानक देव जी एक महान संत और दार्शनिक थे। उनके उपदेशों ने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया। गुरु नानक जयंती हमें उनके जीवन और उपदेशों को याद करने का एक अवसर देती है। हमें उनके बताए हुए मार्ग पर चलना चाहिए और एक भाई चारे का समाज बनाना चाहिए। बोलिए वाहे गुरू की जय,
अगर आप गुरूनानक देव जी की अराधना करते हैं और अगर आप गुरूनानक देव जी के भक्त हैं तो कमेंट बाक्स में वाहे गुरू अथवा गुरूनानक देव की जय लिखना न भूलिए।
यहां बताए गए उपाय, लाभ, सलाह और कथन आदि सिर्फ मान्यता और जानकारियों पर आधारित हैं। यहां यह बताना जरूरी है कि किसी भी मान्यता या जानकारी की समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के द्वारा पुष्टि नहीं की जाती है। यहां दी गई जानकारी में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों, ज्योतिषियों, पंचांग, प्रवचनों, मान्यताओं, धर्मग्रंथों, दंत कथाओं, किंवदंतियों आदि से संग्रहित की गई हैं। आपसे अनुरोध है कि इस वीडियो या आलेख को अंतिम सत्य अथवा दावा ना मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया पूरी तरह से अंधविश्वास के खिलाफ है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य ले लें।
अगर आपको समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में खबरें आदि पसंद आ रही हो तो आप इसे लाईक, शेयर व सब्सक्राईब अवश्य करें। हम नई जानकारी लेकर फिर हाजिर होंगे तब तक के लिए इजाजत दीजिए, जय हिंद, . . .
(साई फीचर्स)

SAMACHAR AGENCY OF INDIA समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया

समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं. अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.