6 माह में दूसरी बार मां बनी बाघिन

 

सवाल उठे तो एनटीसीए ने पल्ला झाड़ा

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। सागर के नौरादेही अभयारण्य में राधा नामक बाघिन के छह माह में दो बार मां बनने का मामला सामने आया है। जब इसी मामले को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) के सदस्य सचिव एवं टाइगर प्रोजेक्ट के एडीजी डॉ. अनूप नायक से पत्र व्यवहार किया तो नायक ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से संपर्क करने को कहा है।

मई में मां बनी थी बाघिन

ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में नौरादेही में शिफ्ट की गई बाघिन राधा के मां बनने की खबर मई 2019 में सामने आई थी। कुछ माह बाद शावक दिखाई नहीं दिए तो शावकों के गायब करने की बात होने लगी। इसके बाद तीन जनवरी 2020 को वन विभाग ने दो माह के शावकों की फोटो जारी किए।

इसे लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट दुबे ने सवाल खड़े किए कि एक बाघिन छह माह में दो बार मांग कैसे बन सकती है? यदि ऐसा है तो क्या मई 2019 में जन्मे शावकों को शिकार हो गया? दुबे ने यह ई-मेल टाइगर प्रोजेक्ट के एडीजी डॉ. नायक को किया है।

मेल के जवाब में डॉ. नायक ने दुबे को प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन डॉ. यू. प्रकाशम् से संपर्क करने को कहा है। उन्होंने लिखा है कि दुबे की शिकायत वे वाइल्ड लाइफ मुख्यालय को भेज रहे हैं। उन्होंने लिखा कि जंगली जानवरों की निगरानी राज्य वन क्षेत्र इकाइयां करती हैं, इसलिए यह सूचना वाइल्ड लाइफ मुख्यालय को भेजी जा रही है और उन्हीं से संपर्क किया जा सकता है।

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