महाकुंभ: आस्था का संगम, बढ़ता खर्च . . .

(मनोज कुमार)

महाकुंभ नगर (साई)। प्रयागराज में होने वाला महाकुंभ भारत का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। समय के साथ इस आयोजन का स्वरूप और पैमाना लगातार बढ़ता गया है।

1882 से 2025: एक लंबा सफर

1882 में हुए महाकुंभ पर महज 20,288 रुपये खर्च हुए थे। उस समय लगभग 8 लाख श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। आज, 2025 में इस आयोजन पर लगभग 7500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस बार 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

क्यों बढ़ रहा है खर्च?

बढ़ती आबादी: भारत की बढ़ती आबादी के साथ ही महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ी है।

सुविधाएं: श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार किया गया है, जिसके लिए अधिक धन की आवश्यकता होती है।

सुरक्षा: बड़ी संख्या में लोगों को संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।

पर्यटन: महाकुंभ अब एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है, जिसके लिए प्रचार-प्रसार और अन्य गतिविधियों पर खर्च होता है।

एक ऐतिहासिक संदर्भ

1942 में जब वायसराय लॉर्ड लिनलिथगो महाकुंभ में आए थे, तो उन्होंने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय से आयोजन के खर्च के बारे में पूछा था। महामना ने बताया था कि पंचांग ही इस आयोजन का सबसे बड़ा प्रचार माध्यम है।

आगे का रास्ता

महाकुंभ एक धार्मिक आयोजन होने के साथ-साथ एक बड़ा सामाजिक और आर्थिक आयोजन भी है। आने वाले समय में इस आयोजन को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए कई चुनौतियाँ हैं। इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार, धार्मिक संगठन और स्थानीय लोग मिलकर काम कर रहे हैं।

हाईलाईट्स

महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समय के साथ इस आयोजन का स्वरूप बदल गया है, लेकिन इसकी आस्था और भक्ति में कोई कमी नहीं आई है।

सुमित खरे

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक से सक्रिय सुमित खरे, मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया के ब्यूरो हैं. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया देश की पहली डिजीटल न्यूज एजेंसी है. इसका शुभारंभ 18 दिसंबर 2008 को किया गया था. समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया में देश विदेश, स्थानीय, व्यापार, स्वास्थ्य आदि की खबरों के साथ ही साथ धार्मिक, राशिफल, मौसम के अपडेट, पंचाग आदि का प्रसारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाता है. इसके वीडियो सेक्शन में भी खबरों का प्रसारण किया जाता है. यह पहली ऐसी डिजीटल न्यूज एजेंसी है, जिसका सर्वाधिकार असुरक्षित है, अर्थात आप इसमें प्रसारित सामग्री का उपयोग कर सकते हैं. अगर आप समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को खबरें भेजना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 9425011234 या ईमेल samacharagency@gmail.com पर खबरें भेज सकते हैं. खबरें अगर प्रसारण योग्य होंगी तो उन्हें स्थान अवश्य दिया जाएगा.