डाक विभाग ने बदला गंगाजल की बोतल का आकार

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की आपत्ति के बाद डाक विभाग को गंगाजल की बोतलों का आकार बदलना पड़ा।

लगभग पौने तीन साल से देश भर के डाकघरों से 200 एवं 500 मिलीलीटर की बोतलें बेची जा रही थीं। विभाग ने इनके स्थान पर अब केवल 250 मिलीलीटर की बोतल में गंगोत्री का गंगाजल वितरित करने का निर्णय लिया है। ऋषिकेश का गंगाजल भी मिलना बंद हो गया है।

डाक विभाग ने जुलाई 2016 में देश भर के डाकघरों से गंगाजल वितरण की योजना आरंभ की थी। इसके तहत घर बैठे गंगाजल उपलब्ध कराने का प्रावधान भी है। गंगाजल की बोतल के आकार को लेकर भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएसआई) ने हाल ही में आपत्ति जतायी। योजना आरंभ करते समय विभाग ने आकार के संबंध में मापदण्ड का ध्यान नहीं रखा, बाद में इसमें संशोधन कर दिया गया।

डाक विभाग ने पूजन के लिये बेचे जा रहे गंगाजल की बोतल का आकार 250 मिलीलीटर कर दिया है। इसकी कीमत में भी बदलाव किया गया है। अब यह बोतल डाकघर से खरीदने पर 30 रूपये और घर पर मंगाने पर 45 रूपये में मिलेगी। डाकघरों में आने वाला नया स्टॉक भी अब नये आकार की बोतलों में आने लगा है।

मध्य प्रदेश के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल आलोक शर्मा ने बताया कि एफएसएसएआई के मापदण्ड के अनुसार बोतल के आकार में बदलाव कर दिया गया है। कुछ समय पहले प्राधिकरण ने इस संबंध में विभाग का ध्यान आकृष्ट कराया था। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के डाकघरों में गंगाजल की अच्छी माँग है। लोगों को घर पहुँच सेवा का लाभ भी दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि एफएसएसएआई भोजन के मानकों को स्थापित करने वाली उत्तरदायी संस्था है। यह प्राधिकरण किसी भी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक, पोषक गुणों, भोजन के रंग, महक एवं आकार आदि की जाँच करता है। खाने में मिलावट पर नियंत्रण और खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत प्राधिकरण अगस्त 2008 से कार्यरत है।

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