कनेक्शन बांटे नहीं कैसे होगा काम!

 

 

0 कलेक्टर का अल्टीमेटम भी नहीं . . . 02

पुरानी लाईन के कनेक्शन जोड़ना नहीं है निविदा की शर्तों का हिस्सा!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। सिवनी विधायक के द्वारा दिये गये अल्टीमेटम के लगभग 376 दिन और जिला कलेक्टर के द्वारा दिये गये अल्टीमेटम के नौ दिनों बाद भीमगढ़ का पानी सिवनी तो आ गया है पर अगर निविदा की शर्तों के हिसाब से (नियमानुसार जो होना चाहिये) काम कराया जाता है तो इस योजना का पानी लोगों के घरों में इस गर्मी में शायद ही पहुँच पाये।

नगर पालिका के उच्च पदस्थ सूत्रों ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस योजना का काम करने वाले ठेकेदार के द्वारा शुरूआत से ही मनमाने और नियम विरूद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी और चुने हुए प्रतिनिधि ठेकेदार से इस कदर उपकृत हैं कि वे उसकी गलती निकालने की बजाय गलत कामों में ही उसके सहभागी बन रहे हैं।

सूत्रोें ने बताया कि मार्च 2015 को ठेकेदार और नगर पालिका के बीच करार हुआ था जिसके अनुसार इस योजना को ठेकेदार के द्वारा 11 माह में पूरा किया जाकर मार्च 2016 से शहर को पानी देना आरंभ कर देना चाहिये था। विडंबना ही कही जायेगी कि मार्च 2019 भी आरंभ हो चुका है और इस योजना का पानी अब तक सिवनी के नागरिकों को मिलना आरंभ नहीं हो पाया है।

सूत्रों की मानें तो अब ठेकेदार का रास्ता आसान करने के लिये इस बात का ताना – बाना बुना जा रहा है कि ठेकेदार के द्वारा पानी की कुछ टंकियों को इससे भरा जाकर वर्तमान में लोगों के घरों को पानी प्रदाय करने वाली पाईप लाईन से इसे जोड़ दिया जाये। नियमानुसार जिस टंकी से जिस वार्ड में वर्तमान में पानी प्रदाय हो रहा है वह भीमगढ़ जलावर्धन योजना का हिस्सा है जिसका संधारण भी इसी ठेकेदार को करना है।

सूत्रोें ने बताया कि अगर ठेकेदार के द्वारा समय सीमा में काम नहीं किया गया है तो उसे काली सूची में डाला जाकर उसे अब तक किये गये भुगतान की वसूली या तो ठेकेदार से की जाना चाहिये या उस अधिकारी से इसे वसूला जाना चाहिये जिसके द्वारा ठेकेदार को लगातार ही भुगतान किया जाता रहा है।

नगर पालिका के एक पार्षद ने पहचान उजागर न करने की शर्त पर समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया से चर्चा के दौरान कहा कि यह काम जनता के गाढ़े पसीने से संचित राजस्व से कराया जा रहा है। उक्त पार्षद का यह भी कहना था कि यह काम किसी के निजि घर का नहीं है कि यह व्यवस्था नहीं जम पा रही है तो वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कुछ दूसरा कर लिया जाये।

इसके साथ ही उक्त पार्षद का कहना था कि अगर इस योजना में पुरानी पाईप लाईन से बबरिया के जलावर्धन संत्रय से साफ किये पानी को जोड़ना है तो इसके लिये प्रस्ताव को पीआईसी से पास कराया जाकर इसके लिये पालिका का साधारण या विशेष सम्मेलन बुलाया जाकर उसमें इसे पारित कराया जाना आवश्यक होगा, अन्यथा अगर इस मसले को लेकर कोई माननीय न्यायालय की शरण में चला गया तो पालिका को लेने के देने पड़ सकते हैं।

उक्त पार्षद ने यह भी कहा कि ठेकेदार के लिये रास्ते सुलभ करने के प्रयास आरंभ से ही किये जा रहे हैं जिससे यही लगता है कि इस योजना में भ्रष्टाचार के जो आरोप लगते रहे हैं उनमें कहीं न कहीं सच्चाई है, अन्यथा क्या कारण है कि ठेकेदार को अब तक पालिका के द्वारा ब्लेक लिस्टेड किया जाकर उसे दी गयी राशि की वसूली नहीं की गयी है।

(क्रमशः जारी)

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