कल निरंजन पीठाधीश्वर बन जायेंगे स्वामी प्रज्ञानानंद

 

 

बनारस में होगा पट्टाभिषेक, सिवनी से जायेंगे अनेक भक्तगण

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भगवान शिव की नगरी सिवनी की पावन माटी में अवतरित हुए स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी महाराज का निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महा मण्डलेश्वर के तौर पर पट्टाभिषेक तिलक विधिवत रूप से सैकड़ों संतों महापुरुषों की मौजूदगी में 13 मार्च को प्रातः 09 बजे पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की ओर से बनारस में किया जायेगा।

इस गौरवशाली क्षणों के साक्षी बनने गौ, गीता, गंगा महामंच के सदस्यों का एक दल बनारस पहुँच चुका है। गौ, गीता गंगा महामंच के अध्यक्ष पं.रविकान्त पाण्डेय ने बताया कि निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महा मण्डलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद महाराज की अध्यक्षता मंे स्वामीश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ ही आनंद पीठाधीश्वर आचार्य महा मण्डलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी बालकानंद गिरी महाराज एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महंत नरेन्द्र गिरी महाराज, महंत रविन्द्र पुरी महाराज, महंत रामरतन गिरी महाराज, महंत लखन गिरी महाराज, महंत आशीष गिरी महाराज, महंत धर्मराज महाराज और महंत दिनेश गिरी महाराज सहित समस्त पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की उपस्थिति मंे भारतवर्ष के वरिष्ठ संतों महंतांे आचार्यों महा मण्डलेश्वरों की उपस्थिति मंे जयघोषों के बीच द्विपीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के शिष्य दण्डी स्वामी प्रज्ञानानंद गिरी महाराज का पट्टाभिषेक तिलक कर उन्हें निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महा मण्डलेश्वर की उपाधि से अलंकृत किया जायेगा।

गौ, गीता, गंगा महांच के अध्यक्ष पं.रविकान्त पाण्डेय ने बताया कि वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीपट्ट विधि अनुसार उन्हंे महा मण्डलेश्वर की पदवी साैंपी जायेगी। पुरोहितों वैदिक विधि विशेषज्ञों की ओर से स्वास्ति मंत्रों के बीच श्री शुद्धि द्वारा उनका पट्टाभिषेक किया जायेगा।

पं.रविकान्त पाण्डेय ने बताया कि कि ये सिवनी जिले वासियांे के लिये गौरव की बात है कि सिवनी की धरा पर जन्मी एक विभूति को निरंजनी अखाड़े का महा मण्डलेश्वर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी अखाड़ों में निरंजनी अखाड़ा सबसे महत्वपूर्ण है। इसमें सबसे ज्यादा ज्ञानवान साधु संत हैं, जो शैव परंपरा के मानने वाले हैं, जटा रखते हैं।

उन्होंने बताया कि इस अखाड़े के ईष्टदेव कार्तिकेय हैं, जो देव सेनापति हैं। इस अखाड़े मे महा मण्डलेश्वर के रूप मंे कंेद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी शामिल हैं। निरंजनी अखाड़ा, जिसमें लगभग 70 फीसदी साधु संतों ने उच्च शिक्षा भी हासिल की है, इनमें डॉक्टर, लॉ एक्सपर्ट, प्रोफेसर, संस्कृत के विद्वान और आचार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस गौरवशाली क्षणों के साक्षी बनने सिवनी से अनेक सामाजिक धार्मिक संगठनों के लोगांे के द्वारा बनारस पहुँचा जा रहा है। वहीं सिवनी के उनके शिष्य भक्तों द्वारा लोगांे को बनारस आने – जाने व भोजन प्रसाद की निःशुल्क व्यवस्था भी की गयी है।

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