नगर में मचा है पानी का हाहाकार : मदने

 

 

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कब मिलेगा नवीन जलावर्धन योजना का लोगों को लाभ!

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। भीमगढ़ जलावर्धन योजना लोगों को रूला रही है तो नवीन जलावर्धन योजना भी विधायक दिनेश राय के अल्टीमेटम के एक साल बाद तथा जिला कलेक्टर द्वारा तय की गयी समय सीमा के 11 दिन बाद भी शहर को पानी पिलाने में अक्षम ही दिख रही है। शहर में पानी का हाहाकार मचा हुआ है।

उक्ताशय की बात टेगौर वार्ड के पूर्व पार्षद भोजराज मदने के द्वारा सोशल मीडिया पर लिखी गयी है। उन्होंने लिखा है कि भाजपा शासनकाल में मंजूर व काँग्रेस सरकार के शासन काल मे क्रियान्वित सिवनी नगर पालिका की जलावर्धन योजना के घटिया पाईपों के उपयोग के कारण पाईप फटने से 25 वर्ष पुरानी योजना आज भी नगर के नागरिकों को जल संकट के चलते रुला रही है। दो दिनों से सिवनी नगर में नल न आने से हाहाकार मचा हुआ है।

उन्होंने लिखा है कि भाजपा शासन में सिवनी नगर के लिये भीमगढ़ जलावर्धन योजना की रूपरेखा रखी गयी व मंजूर की गयी थी जो काँग्रेस के शासन में क्रियान्वयित होना आरंभ हुई। इस योजना में भ्रष्टाचार के चलते घटिया पाईप खरीदी व उपयोग से आज तक सिवनी नगर के लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। आये दिन कहीं न कहीं पाईप फूट जाते हैं जिस कारण कभी एक दिन, कभी दो दिन व कभी तीन दिन तक भी नगर के लोगों को पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है।

टेगौर वार्ड के पूर्व पार्षद भोजराज मदने ने लिखा है कि अभी हाल ही में आज शानदार दूसरा दिन बीत गया है जब नल नहीं आये हैं। इस योजना को जब बनाया गया था तो सिवनी नगर में सुबह व शाम दोनों समय पानी देने का तय किया गया था परंतु आज तक कभी दोनों समय इस योजना से पानी नहीं मिल पाया।

भोजराज मदने लिखते हैं कि कभी कभार ईद व होली में दोपहर में पानी दिया भी गया तो सुबह मिलने वाले पानी को दो बार मंे वितरण किया जाता रहा। इस योजना में कभी भी मोटर पंपांे को उनकी पूरी क्षमता के साथ नहीं चलाया गया क्योंकि इस योजना में प्रयुक्त किये गये पाईप्स की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि ये ज्यादा दबाव सहन नहीं कर पाते हैं।

उन्होंने लिखा है कि दूबरे पर दो अषाढ़ की कहावत उस समय चरितार्थ हुई जब प्रदेश के तत्कालीन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री स्व.हरवंश सिंह के द्वारा उनकी विधान सभा के कुछ गाँवों को भीमगढ़ जलावर्धन योजना के जरिये पानी देना आरंभ करवा दिया गया।

भोजराज मदने ने कहा है कि नवीन जलावर्धन योजना में भी हर स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती रही हैं। शहर के नागरिक इस योजना में हुए भ्रष्टाचार के गवाह हैं इसके बाद भी नगर पालिका के द्वारा ठेकेदार के खिलाफ कार्यवाही करने की बजाय समय – समय पर उसे भुगतान दिया गया है।

उन्होंने कहा है कि अगर समय सीमा में ठेकेदार के द्वारा काम नहीं कराया (कारण चाहे जो भी हो) जा सका है तो पालिका को चाहिये था कि ठेकेदार को ब्लेक लिस्टेड कर उसे दी गयी राशि उससे या पालिका में पदस्थ रहे उन अधिकारियों जिनके हस्ताक्षरों से उसे राशि का भुगतान किया गया है, से वसूल किया जाना चाहिये।