मरीज नहीं मिले तो रद्द हो गई बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। इन दो मामलों की तरह ही चिकित्सा शिक्षा विभाग की लापरवाही शहर के थैलीसीमिया के मरीजों पर भारी पड़ सकती है। दरअसल हमीदिया अस्पताल में बनने वाली बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट का काम बंद हो गया है। अब शहर के मरीजों को इस ऑपरेशन के लिए इंदौर ही जाना पड़ेगा।

इसके पीछे चिकित्सा शिक्षा विभाग का तर्क यह है कि इंदौर में बने ट्रांसप्लांट यूनिट में ही मरीज नहीं मिल रहे, ऐसे में भोपाल में यूनिट बनाने से क्या फायदा। हालांकि स्थिति इसके उलट है। राजधानी में कई ऐसे मरीज हैं जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं और इलाज के लिए यहां वहां भटक रहे हैं। गौरतलब है कि हमीदिया अस्पताल में बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू होने से खून से जुड़ी बीमारियों का राजधानी में ही मरीजों को स्थायी इलाज मिलना शुरू हो सकेगा।

4 करोड़ से बननी थी यूनिट

कमला नेहरू गैस राहत अस्पताल में यूनिट बनाई जानी है। इसमें करीब चार करोड़ रुपए की लागत आएगी। पूरा खर्च गैस राहत विभाग उठाएगा। डॉक्टर व कर्मचारी हमीदिया अस्पताल के होंगे। इसके लिए मेडिसिन व सर्जरी विभाग के तीन डॉक्टरों की ट्रेनिंग भी हो चुकी है। हर हफ्ते शुक्रवार को मेडिसिन विभाग में हीमैटोलॉजी क्लीनिक शुरू किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *