उपार्जन केंद्र में हों जरूरी व्यवस्थाएं : कलेक्टर

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। जिला कलेक्टर प्रवीण सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय सीमा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किया गया। इसमें अपर कलेक्टर श्रीमती रानी बाटड़, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती मंजूषा राय, अनुविभागीय अधिकारी हर्ष सिंह के साथ सभी जिला अधिकारियों की उपस्थिति रही।

बैठक में सर्वप्रथम कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा 25 मार्च से प्रारंभ हुए रबी उपार्जन के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। उन्होंने उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के निर्देश देते हुए सभी उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये पर्याप्त व्यवस्था, जैसे पेयजल, बैठक व्यवस्था शौचालय आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समितिवार मूल्यांकन कर पर्याप्त मात्रा में संसाधन जुटाने के निर्देश दिये जिसमें डाटा एन्ट्री से लेकर फसल उपार्जन तक सभी व्यवस्थाएं शामिल है। उन्होंने कहा कि पंजीकृत कृषकों से गेहूँ, चना, मसूर के लिये 25 मार्च से 23 मई तक की जाने वाले उपार्जन में कृषकों की सुविधा का पूर्ण ध्यान रखा जाये। कृषक पर्ची जारी होने से उपार्जन तक की प्रक्रिया सरल हो तथा कृषकों के लिये सुविधाजनक हो। लापरवाही बरतने वाली उपार्जन समिति पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी प्रवीण सिंह ने निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार सभी सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को मतदाताओं के डुप्लीकेट मतदाता परिचय पत्र बनाने के विशेष अभियान को लेकर निर्देशित किया कि 25 मार्च से 31 मार्च तक संपूर्ण जिले में सभी बीएलओ के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर ऐसे मतदाता जिनके परिचय पत्र गुम हो गये हैं या खराब हो गये हैं उनसे आवेदन प्राप्त करने के निर्देश उन्होंने दिये।

उन्होंने जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को बीएलओ को संबंधित मतदान केन्द्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहते हुए मतदाताओं से आवेदन प्राप्त करने हेतु निर्देशित करने के निर्देश दिये। इसी परिप्रेक्ष्य में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा विभागवार सीएम हेल्पलाईन तथा समय सीमा प्रकरणों की प्रकरण वार समीक्षा की। उन्होंने 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों में अधिक शिकायतें वाले विभाग क्रमशः किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, जिला पंचायत, वित्त विभाग को प्रकरणों के सर्व प्राथमिकता में निराकरण के निर्देश दिये।

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