फिर गहराया पाँचवी अनुसूची का मामला

 

जल, जंगल व जमीन को लेकर रोका तो होगा विवाद!

(जाहिद शेख)

कुरई (साई)। जल जंगल और जमीन हमारी है। यहाँ हम कुछ भी कर सकते हैं। यदि हमें रोकने की कोशिश की गयी तो बड़ा विवाद हो सकता है।

उक्ताशय की बातें कुरई क्षेत्र के चिखला टोला में ग्रामीणों ने वन अमले से कहीं। दरअसल बुधवार सुबह वन सीमा से 250 मीटर दूर राजस्व क्षेत्र में आने वाली बावनथड़ी नदी से रेत निकालकर जा रहे ट्रैक्टर को पकड़ने की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण आक्रोशित हो गये। ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर वन अमले ने तत्काल तो गाँव वालों को जाने दिया लेकिन अधिकारियों ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।

यह है मामला : बुधवार सुबह लगभग साढ़े 09 बजे सामान्य वन परिक्षेत्र खवासा से 250 मीटर की दूरी पर स्थित बावनथड़ी नदी (चिखलाटोला) से ट्रैक्टर क्रमाँक एमपी 22 एए 4648 व एमपी 22 एए 9536 अवैध रूप से रेत निकालकर जा रहे थे। इसी दौरान वन समिति के सदस्यों के द्वारा चिखला टोला गाँव के पास दोनों ट्रैक्टर रोक लिये गये। इसी बीच रिड्डी निवासी ट्रैक्टर मालिक शिवदास डहरवाल व ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुँच गये और वन समिति के सदस्यों से विवाद करने लगे। समिति के सदस्यों ने परिक्षेत्र के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।

सूत्रों के मुताबिक जब तक मौके पर वन अमला पहुँचा तब तक ट्रैक्टर मालिक और ग्रामीणों ने रेत मौके पर ही खाली करवाकर ट्रैक्टर को गायब करवा दिया। जब वन अमला पहुँचा तो गाँव के लोगों ने वन अमले के साथ विवाद किया। ग्रामीणों का कहना था कि जल जंगल और जमीन हमारी है।

सूत्रों के अनुसार उनके द्वारा यह भी कहा किया गया कि यहाँ से हम रेत निकालने के साथ और भी काम कर सकते हैं। हमारे कामों में कोई रोक लगायेगा तो परिणाम गंभीर होंगे। मौके पर वन अमले की संख्या कम होने और आक्रोशित ग्रामीणों की संख्या अधिक होने के कारण अमले ने समझाईश देने का प्रयास किया। बाद में मौके की नजाकत को देखते हुए वन अमला कोई कार्यवाही किये बिना वापस लौट गया।

रात में निकाली जा रही रेत : सूत्रों के मुताबिक वन परिक्षेत्र व राजस्व क्षेत्र में स्थित बावनथड़ी, हिर्री सहित अन्य नदियों से रात भर रेत निकालकर परिवहन किया जा रहा है। क्षेत्र में कहीं भी अब तक रेत खदान स्वीकृत नहीं है। इसके बावजूद जगह – जगह डंप किये गये रेत के ढेर आसानी से देखने मिल रहे हैं।

वन विभाग और माईनिंग विभाग के साथ राजस्व अमला रेत के इन ढेरों को देखने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। सैकड़ों ट्रैक्टर रेत निकालकर कुरई सहित सीमा से लगे महाराष्ट्र और बालाघाट जिले में सप्लाई की जा रही है। सफेद रेत के इस काले कारोबार पर रोक लगाने अब तक न तो वन विभाग, राजस्व विभाग ने ध्यान दिया है और न ही माईनिंग विभाग कोई कार्यवाही कर रहा है।