छः अप्रैल से आरंभ होगी चैत्र नवरात्र

 

 

इसी दिन मनेगा हिंदू नववर्ष

(संजीव प्रताप सिंह)

सिवनी (साई)। अप्रैल माह की छः तारीख को हिंदू नव वर्ष संवत्सर प्रारंभ होगा। इसी दिन से चैत्र नवरात्र का आगाज भी होगा। छः अप्रैल को प्रतिपदा के साथ ही देवालयों में नौ दिनों तक माता दुर्गा के विभिन्न रूपों का पूजन अर्चन किया जायेगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कलश की स्थापना चैत्र नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन सूर्याेदय के बाद अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेयष्कर होता है। इस दिन यदि चित्रा नक्षत्र तथा वैधृति योग हो तो वह दिन थोड़ा अच्छा नहीं माना जाता है। छः अप्रैल को वैधृति योग है, लेकिन प्रतिपदा के कारण अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना कर लेना उचित है। इस दिन रेवती नक्षत्र है। नवरात्र पूजन का आरंभ मिथुन, धनु तथा मीन लग्न में ही प्रारंभ करना उचित है, क्योंकि ये द्विस्वभाव राशियां हैं।

कलश स्थापना का श्रेष्ठ मुहूर्त : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्र में घर में शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित करें। छः अप्रैल को दिन में 11 बजकर 58 मिनिट से 12 बजकर 49 मिनिट के बीच अभिजीत मुहूर्त है। एक बात यह है कि इस समय कर्क लग्न है। यह चर राशि है। अतः कलश स्थापना का बहुत शुभ मुहूर्त नहीं माना जा सकता है। अतः प्रातः 06 बजकर 09 मिनिट से 10 बजकर 21 मिनिट तक कलश स्थापना का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके पीछे कारण यह है कि इस समय द्विस्वभाव मीन लग्न रहेगा।

नवरात्रि की पूजा विधि : माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पूरी नवरात्रि दुर्गा सप्तशती व श्रीरामचरित्र मानस का पाठ करना चाहिये। एक बात ध्यान रहे कि इस समय ब्रम्ह मुहूर्त में श्रीराम रक्षा स्तोत्र का पाठ बहुत शुभदायी है। इसका पाठ करने से दैहिक, दैविक तथा भौतिक तापों का नाश होता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार माता के किसी सिद्ध पीठ का दर्शन कर आशीर्वाद लेने चाहिये। प्रतिदिन माता के मंदिर जाकर विधिवत दर्शन पूजन करने से समस्त सुखों की प्राप्ति होती है। पूरे नवरात्र व्रत करके समाप्ति के दिन हवन करना चाहिये। इस बीच आप दुर्गा सप्तशती के किसी भी मंत्र को सिद्ध कर सकते हैं। मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिये मंत्रों का विवरण तथा विधियां हैं। यह समय पूरे तरीके से माता दुर्गा के शरणागत रहिए, क्योंकि यही भक्ति की सर्वाेधा अवस्था है।

शहर रहेगा  धर्ममय : चेत्र नवरात्र के दौरान शहर का वातावरण धर्ममय हो जायेगा। माता दिवाला, दुर्गा चौक स्थित माता राज राजेश्वरी मंदिर, कटंगी नाका बायपास स्थित माता काली मंदिर, काली चौक स्थित माता का मंदिर, बस स्टैण्ड स्थित दुर्गा माता मंदिर, बारापत्थर में हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में मरहाई माता मंदिर, बरघाट रोड एवं पुराने रोजगार कार्यालय (बबरिया रोड) के पास विंध्य वासिनी देवी मंदिर सहित अनेक देवालयों में चेत्र नवरात्र पर भक्तों की भीड़ सुबह से ही उमड़ती नजर आयेगी।