मेरी बेटी को मारकर लटकाया गया था फांसी पर!

 

 

मृतिका बरखा के पिता ने लगाये प्रियंक व उनकी माता पर संगीन आरोप

(अपराध ब्यूरो)

सिवनी (साई)। मेरी बेटी हष्ट पुष्ट थी, वह फांसी लगाकर इहलीला समाप्त करने जैसा कदम सपने में भी नहीं उठा सकती थी। मुझे यकीन है कि मेरी बेटी को ससुराल पक्ष के लोगों के द्वारा मारकर फांसी पर लटका दिया गया। इसकी जाँच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करायी जाना चाहिये। मृतिका के पति के द्वारा बात – बात पर सिवनी के विधायक दिनेश राय के नाम की धमकी भी दी जाती थी।

उक्ताशय की बात 14 मार्च को बरखा पति प्रियंक मोंटी तिवारी के द्वारा कथित तौर पर आत्महत्या किये जाने पर मृतिका के व्यथित पिता राजेंद्र भारद्वाज ने समाचार एजेंसी ऑॅफ इंडिया से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि उनकी पुत्री को ससुराल पक्ष के लोगों के द्वारा प्रताड़ना दिये जाने के दौरान ही उसे मार दिया गया है।

मृतिका बरखा के पिता ने भरे गले से कहा कि बरखा के पति प्रियंक और उसकी माता ने उनकी पुत्री बरखा पर इतने जुल्म ढाये हैं जिन्हें शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। मृतिका के पति का आरोप है कि बरखा के ससुराल पक्ष के लोग लोभी हैं और वे बरखा से दस लाख रूपये की माँग कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि मृतिका के पति एवं उनकी सास के द्वारा विधायक दिनेश राय से नजदीकी का फायदा उठाकर उनके नाम की धौंस भी दी जाती रही है।

उन्होंने बताया कि जब उन्हें इस बात की जानकारी मिली कि उनकी पुत्री ने आत्म हत्या कर ली है तो वे पुलिस को साथ लेकर पोस्ट मार्टम सेंटर पहुँचे। पोस्ट मार्टम सेंटर में वे अपनी पुत्री को इसलिये पहचान नहीं पाये क्योंकि उनकी पुत्री सूखकर कांटा हो गयी थी।

मृतिका के पिता ने बताया कि पुलिस को मृतिका के ससुराल पक्ष के लोगों ने यह सूचना दी थी कि बरखा ने आत्म हत्या कर ली है, पर बरखा के शरीर को देखकर यह कतई नहीं लग रहा था कि बरखा के द्वारा आत्महत्या की गयी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मृतिका के पति प्रियंक तिवारी एवं उनकी सास मंजू पाठक के द्वारा उनकी पुत्री की हत्या कर शव को लटका दिया गया और फिर उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया है।

राजेंद्र भारद्वाज ने आगे बताया कि प्रियंक और उसकी माँ मंजू की नजरें बरखा की सात लाख रूपये की सावधि जमा (फिक्सड डिपाजिट) और अन्य प्रॉपर्टी पर थी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि प्रियंक के द्वारा राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर उनकी स्वर्गीय पत्नि के नाम की संपत्ति को उनकी जानकारी के बिना ही मृतिका एवं मृतिका के भाई बहनों के नाम पर करवा दी गयी है, जिसकी भी जाँच होना चाहिये।

जमानत याचिका हुई खारिज : इधर, वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज शर्मा ने समाचार एजेंसी ऑफ इंडिया को बताया कि इस मामले में पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किये गये मृतिका के पति और सास मंजू पाठक की जमानत याचिका शुक्रवार को माननीय न्यायालय के द्वारा खारिज कर दी गयी है।