देवालयों में गूंज रहे माता के जयकारे

 

(ब्यूरो कार्यालय)

सिवनी (साई)। वासंतेय नवरात्र महापर्व पर नगर के देवी मंदिरों, शक्तिपीठों में माँ आदिशक्ति की पूजा अर्चना भक्तिभाव से की जा रही है। भक्तगण प्रातःकाल माँ दुर्गे को जल अर्पण करने पहुँच रहे हैं। मंदिर में प्रातःकाल व संध्याकाल माँ की आरती शंख, घंटे, करतल ध्वनि, ढोल से की जा रही है, आरती में श्रद्धालु शामिल हो पुण्य संचय कर रहे हैं। देवी मंदिरों शक्तिपीठों में माँ के जयकारे गूंज रहे हैं।

माता महाकाली मंदिर में 391 ज्योति कलश : कटंगी रोड बायपास के समीप स्थित श्री सिद्ध तांत्रिक पीठ माता महाकाली मंदिर में वासंतेय नवरात्र पर्व भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। मंदिर के पुजारी आचार्य दिलीप कुमार शुक्ला ने बताया कि मंदिर में 391 ज्योति कलश स्थापित किये गये हैं। मंदिर में प्रातः 09 बजे और संध्या 07 बजे माता महाकाली की आरती शंख, घण्टे, करतल ध्वनि के साथ भक्तिभाव से की जा रही है जिस में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन पहुँचकर धर्मलाभ उठा रहे हैं।

महामाया मढ़िया 131 ज्योति कलश : सिवनी के उप नगरीय क्षेत्र भैरोगंज स्थित महामाया मढ़िया में चैत्र नवरात्र पर्व पर 131 मनोकामना कलश भक्तों द्वारा रखे गये हैं। मंदिर में सुबह – शाम देवी की आरती में क्षेत्रवासी उपस्थित हो पुण्य संचय कर रहे हैं। आरती के दौरान भक्तों को देवी भाव भी आ रहे हैं। प्रातः 05 बजे से भक्तगण देवी को जल अर्पण करने पहुँच रहे हैं जिससे क्षेत्र का वातावरण धर्ममय बना हुआ है। बारापत्थर स्थित मरहाई माता मंदिर में 331 ज्योति कलशों की स्थापना भक्तों द्वारा की गयी है।

काली मंदिर में 92 कलश व 04 खप्पर स्थापित : भैरोगंज स्थित श्री अनंत विभूषित माता महाकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा 92 ज्योति कलश एवं 04 खप्पर रखे गये हैं। माता के दरबार में सिवनी, मण्डला, छिंदवाड़ा, इंदौर, नरसिंहपुर, बालाघाट, नारायणगंज के भक्तों के द्वारा मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किये गये हैं।

यहाँ प्रतिदिन पुजारी अभिषेक मिश्रा द्वारा माता रानी का अभिषेक, शत्चण्डी पाठ, दुर्गा पाठ विधि – विधान के साथ किया जा रहा है। मंदिर समिति के श्रवण कुमार बर्वे, बुद्धिलाल आत्मपूज्य व मयंक भांगरे ने बताया कि मंदिर प्रांगण में 12 अप्रैल को सप्तमीं तिथि पर रात्रि 08 बजे से सामूहिक महाआरती का आयोजन रखा गया है, रात्रि 12 बजे माँ कालरात्रि का विशेष पूजन अर्चन किया जायेगा।

शनिवार 13 अप्रैल को दुर्गा अष्टमी पर शाम 04 बजे से हवन प्रारंभ होगा, तत्पश्चात महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा। रविवार 14 अप्रैल को सुबह 09 बजे से ज्वारे – ज्योति कलशों की विशाल शोभा यात्रा ढोल – बाजों के साथ निकाली जायेगी। शाम को कन्या भोज होगा। मंदिर समिति ने कलश शोभा यात्रा के दिन कलश रखने वालीं महिलाओं से सुबह साढ़े 08 बजे मंदिर प्रांगण में पहुँचने की अपील की है।

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