विद्युत कटौती की समय सारिणी घोषित क्यों नहीं करता विद्युत विभाग!

 

मुझे शिकायत विद्युत विभाग से है जिसके द्वारा चौबीस घण्टों में कई मर्तबा विद्युत प्रवाह रोका जा रहा है। इस तरह की अघोषित कटौती के चलते लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

सिवनी में पिछले कुछ महीनों से विद्युत प्रवाह, दिन में कई बार रूक जाता है। कुछ समय उपरांत यह प्रवाह पुनः आरंभ हो जाता है। विद्युत विभाग के द्वारा इस तहर की जा रही अघोषित कटौती के कारण लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अचानक विद्युत प्रवाह के रूकने के कारण टी.व्ही., फ्रिज जैसे कीमती उपकरणों के खराब होने की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं जिसके कारण लोगों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ता है।

रात के समय उतनी विद्युत कटौती नहीं की जा रही है जितनी दिन में हो रही है। विद्युत विभाग के द्वारा स्थिति को स्पष्ट भी नहीं किया जा रहा है जिसके कारण लोग दुविधा की स्थिति में बने हुए हैं। विद्युत विभाग के द्वारा शहर में कई स्थानों पर झूलते हुए तारों को भी व्यवस्थित नहीं किया जा रहा है जो कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि सिवनी में प्रशासनिक अनदेखी के चलते सड़कों की ऊँचाई पिछले कुछ वर्षों में आश्चर्यजनक रूप से बहुत ऊपर उठ गयी है। बावजूद इसके विद्युत विभाग के द्वारा पुराने खंबों को हटाकर नयी ऊँचाई वाले खंबों को नहीं लगाया गया है। इसके चलते इन खंबों के सहारे गुजरने वाले तार लोगों की ईमारतों को तो स्पर्श कर ही रहे हैं साथ ही ऊँची-ऊँची सड़कों से गुजरने वाले वाहनों के लिये भी ये निचले स्तर पर लटके तार बड़ी परेशानियों का कारण बन रहे हैं।

ऐसा लगता है जैसे सिवनी में विद्युत विभाग अपनी जिम्मेदारियों को या तो समझना ही नहीं चाहता है और या फिर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी के साथ नहीं करना चाहता है। वरना क्या कारण है कि उसके द्वारा अब तक इस बात की सुध नहीं ली गयी है कि शहर के कई वार्डों में जहाँ बार-बार सड़क बनाये जाने के कारण उनकी ऊँचाई पहले की तुलना में अत्याधिक बढ़ चुकी है तो उस दृष्टि से विद्युत के खंबों और तारों को एक बार फिर नये सिरे से व्यवस्थित किया जाये।

सिवनी शहर में बार-बार हो रही अघोषित कटौती और पुराने खंबों व तारों की ओर ध्यान न दिये जाने के कारण ऐसा प्रतीत होता है कि यहाँ कुछ अन्य विभागों की तरह विद्युत विभाग भी अपनी जिम्मेदारियों से मुँह मोड़कर गहरी निद्रा में लीन हो गया है। सभी संबंधितों के द्वारा इस ओर शीघ्र ध्यान दिये जाने की जनापेक्षा है।

इमरान मुशाहिद