मुलायम की वजह से बीच में बैठ गईं मायावती

 

 

 

 

(ब्‍यूरो कार्यालय)

मैनपुरी (साई)। तकरीबन 24 वर्षों बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती और समाजवादी पार्टी (एसपी) के संरक्षक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी में एक मंच पर दिखे। मंच पर मायावती पहले पहुंच गईं।

तीन कुर्सियों में उन्होंने किनारे की कुर्सी संभाली। जब मुलायम सिंह यादव मंच पर पहुंचे तो मायावती ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने बुजुर्ग पिता को सहारा देते दिखे। योजना मुलायम को बीच की कुर्सी में बिठाने की थी लेकिन मुलायम जिद कर किनारे की कुर्सी में बैठ गए। मुलायम की जगह बदली तो मायावती खुद बीच वाली कुर्सी में बैठ गईं।

कुर्सी की अदला-बदली से पहले मायावती, मुलायम सिंह यादव ने हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन किया। मंच पर मुलायम सिंह यादव, मायावती, अखिलेश यादव के साथ बीएसपी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा, मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी नजर आए। कुर्सी संभालने के बाद मायावती-अखिलेश यादव मुस्कुराकर बातचीत करते हुए दिखे।

जनसभा के दौरान मुलायम सिंह को संबोधन के लिए अखिलेश उन्हें हाथ पकड़कर माइक के करीब लेकर पहुंचे। मुलायम सिंह ने जनसभा को संबोधित करते हुए जनता से बार-बार उन्हें जिता देने का आग्रह किया।

आखिर में अखिलेश यादव ने मायावती के भतीजे आकाश आनंद से पिता मुलायम को रूबरू कराया। मुलायम सिंह यादव ने आकाश के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया।

एसपी संरक्षक मुलायम सिंह ने कहा, ‘हमें खुशी है कि हम और मायावतीजी एक मंच पर हैं। यह मैनपुरी हमारा जिला हो गया है। चुनाव में हमें भारी बहुमत से जिता देना, पहले की अपेक्षा ज्यादा अंतर से जिता देना। आज हमारी आदरणीय मायावतीजी आई हैं, उनका हम स्वागत करते हैं। मैं आपके एहसान को कभी नहीं भूलूंगा। मायावतीजी का हमेशा सम्मान करना। जब-जब समय आया है तो मायावतीजी ने हमेशा साथ दिया है, हमने भी दिया है लेकिन उन्होंने ज्यादा दिया है। हम आपसे यही कहना चाहते हैं कि चुनाव हमें जिता देना, हमारे साथियों को जिता देना।