एमपी बोर्ड के विद्यार्थियों की किताबें हुईं महंगी!

 

 

 

 

 

(ब्यूरो कार्यालय)

भोपाल (साई)। माध्यमिक शिक्षा मण्डल (एमपी बोर्ड) के सरकारी स्कूलों में तो राज्य सरकार की ओर विद्यार्थियों को निःशुल्क किताबें दी जाती हैं, लेकिन निजि स्कूल के विद्यार्थियों को किताबें बुक डिपो से खरीदनी पड़ती हैं। इस कारण निजि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों पर किताबों की कीमतें बढ़ने का असर पड़ेगा।

दरअसल, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम ने कितााबों की कीमतें बढ़ा दी हैं। पहली से दसवीं कक्षा तक की किताबों के सेट के दाम में 05 रूपये से लेकर 40 रूपये तक की वृद्धि की गयी है। किताबों में 05 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की गयी है।

ज्ञातव्य है कि पाठ्य पुस्तक निगम ने पिछले साल भी किताबों के दाम बढ़ाये थे। पाठ्य पुस्तक निगम ने कक्षा पहली की किताबों का सेट 07 रुपया महंगा किया है। पिछले साल इसकी कीमत 132 रूपये थी, जो अब 139 रूपये कर दी गयी है। इसी तरह दूसरी कक्षा का सेट 09 रुपये महंगा हुआ है। प्रदेश भर के स्कूलों के लिये 05 करोड़ 90 लाख किताबें निगम को छापनी है, जिसमें 04 करोड़ 20 लाख किताबें छप गयी हैं, लेकिन अभी भी एनसीईआरटी की 01 करोड़ 70 लाख किताबें नहीं छप पायी हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को पिछले साल की किताबों से पढ़ना पड़ रहा है।

वहीं, निगम के अधिकारियों ने बताया कि एनसीईआरटी से एमओयू होता है कि किताबों के सेट में 10 फीसदी कीमत बढ़ा सकते हैं या घटा सकते हैं। निगम की ओर से राज्य सरकार को 15 फीसदी छूट पर किताबें दी जाती हैं। इसके अलावा स्पेशल छूट भी दी जाती है। उन्हें वास्तविक कीमत पर किताबें दी जाती हैं। एनसीईआरटी किताबों की जो कीमत निधार्रित कर भेजता है, उससे 10 फीसदी अधिक दाम बढ़ाकर बाजार में बेचते हैं।

किताबों के सेट की नयी कीमत : पहली कक्षा की 132 की बजाय 139 रूपये, दूसरी कक्षा की 168 की बजाय 177 रूपये, तीसरी कक्षा की 198 की बजाय 208 रूपये, चौथीं कक्षा की 205 की बजाय 215 रूपये, पाँचवीं कक्षा की 201 रूपये की बजाय 221 रूपये, छठवीं कक्षा की 301 रूपये की बजाय 317 रूपये, सातवीं कक्षा की किताबें 340 रूपये की बजाय 358 रूपये, आठवीं कक्षा की 420 रूपये की बजाय 441 रूपये, नवमीं कक्षा की 460 रूपये की बजाय 491 रूपये एवं दसवीं कक्षा की किताबें 511 रूपये की बजाय 551 रूपये में मिलेंगी।

एनसीईआरटी की वास्तविक कीमत से 05 से 10 रूपये किताबों के सेट पर बढ़ाये जाते हैं. निगम एनसीईआरटी से 10 फीसदी ज्यादा या कम कीमत कर सकता है. सरकार को 15 फीसदी छूट पर किताबें दी जाती हैं.

अनिल सुचारी,

प्रबंध संचालक,

पाठ्य पुस्तक निगम.

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