किसके भरोसे है शहर में पानी की सुरक्षा!

 

 

पानी की टंकियां नहीं सीसीटीवी की जद में!

(अखिलेश दुबे)

सिवनी (साई)। जिला मुख्यालय में तमाम पानी की टंकियों की सुरक्षा किसके भरोसे है यह बात शहर वासियों को हैरान करने के लिये पर्याप्त मानी जा सकती है। नगर पालिका परिषद में अफसरशाही और बाबूराज के बेलगाम घोड़े इस कदर स्वच्छंद गति से दौड़ रहे हैं कि इन पानी की टंकियों में सुरक्षा कर्मी तैनात करने का ख्याल किसी को भी नहीं आया है।

ज्ञातव्य है कि जिला मुख्यालय में टिग्गा मोहल्ला में पुरानी पानी की टंकी से शहर को सुबह और शाम दो बार पानी प्रदाय किया जाता रहा है। इस पानी की टंकी को या तो बबरिया जलाशय से भरा जाता था या लखनवाड़ा स्थित बैनगंगा के स्टॉप डेम से।

कालांतर में शहर की आबादी बढ़ने के साथ ही शहर में बरघाट नाका, छिंदवाड़ा नाका (फिल्टर प्लांट) और रेस्ट हाऊस के सामने पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया। इन टंकियों से पानी का प्रदाय दो की बजाय एक ही समय होने लगा। आये दिन कभी पाईप लाईन फूट जाती है तो कभी मोटर जल जाती है जिसके चलते पानी की आपूर्ति बाधित हुए बिना नहीं रहती है।

जानकारों का कहना है कि शहर की प्यास बुझाने वाली पानी की टंकियों की सुरक्षा के लिये नगर पालिका परिषद को निजि तौर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करना चाहिये। ये पानी की टंकियां खुले में ही बनायी गयी हैं। इनके आसपास कोई भी आसानी से आ-जा सकता है।

इसी तरह जानकारों का कहना है कि अगर किसी ने इन पानी की टंकियों में कुछ मिला दिया तो किसी भी अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। जानकारों ने यह भी कहा कि पानी की टंकियों के आसपास के प्रांगण को सीसीटीवी की जद में भी रखा जाना चाहिये ताकि यहाँ होने वाली अनावश्यक आवाजाही पर भी नजर रखी जा सके।

बताया जाता है कि सूआखेड़ा (भीमगढ़) से श्रीवनी फिल्टर प्लांट होते हुए पानी की टंकियों को भरने वाली फीडर पाईप लाईन में स्थान – स्थान पर बने चैंबर्स में पाईप फोड़ दिया गया है। इन चैंबर्स से टंकियों के भरे जाते समय पानी बेकार ही बहता रहता है। फीडर लाईन जब खाली रहती है तब चैंबर में भरा पानी वापस फीडर लाईन में चला जाता है।

ऐसे में अगर चैंबर के पानी में भी किसी के द्वारा कुछ मिला दिया गया तो अनहोनी की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। इतना ही नहीं कई स्थानों पर तो चैंबर में वाहन धुलते हैं और मवेशी भी नहाते दिख जाते हैं। वर्तमान में नवीन जलावर्धन योजना के तहत पानी की टंकियों का निर्माण तो करा दिया गया है, पर इन टंकियों में भी सुरक्षा के उपाय नहीं किये गये हैं।

जिला प्रशासन से जनापेक्षा है कि इस संवेदनशील मुद्दे पर विचार कर पानी के चैंबर्स को पूरी तरह सील बंद करवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही साथ जिला मुख्यालय की पानी की टंकियों पर सुरक्षा प्रहरी नियुक्त किये जाने की कवायद की जाये ताकि लोग साफ सुथरा पानी पी सकें।